By Malay Ojha | Published: 13 October 2026 at 11:29 PM
गुजरात के निकाय चुनाव में बीजेपी की शानदार जीत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कांग्रेस गुजरात में 41 साल से चुनाव नहीं जीत पाई है, तो क्या इसके लिए भी एसआईआर (SIR) को जिम्मेदार ठहराया जाएगा? शाह ने कहा कि कांग्रेस को अपनी लगातार चुनावी हार की वजह तलाशने के लिए आत्ममंथन करना चाहिए।
अमित शाह ने दावा किया कि गुजरात के नतीजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के प्रति जनता के समर्थन को दिखाते हैं। उन्होंने राहुल गांधी को 2029 के लोकसभा चुनाव में भी हार के लिए तैयार रहने की नसीहत दी। साथ ही आरोप लगाया कि राहुल गांधी एसआईआर के मुद्दे पर घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
गांधीनगर में बीजेपी ने जीतीं 44 में से 38 सीटें
अमित शाह के मुताबिक, गांधीनगर नगर निगम में बीजेपी ने 44 में से 38 सीटों पर जीत दर्ज की। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी ने सभी 32 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन उसके उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। शाह ने कहा कि पिछले चुनाव की तुलना में गांधीनगर में बीजेपी का वोट शेयर भी 10 प्रतिशत बढ़ा है। उनके मुताबिक, यह नतीजा गुजरात में पार्टी की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
कांग्रेस की हार पर शाह ने उठाए सवाल
गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से गुजरात में चुनावी जीत हासिल नहीं कर पाई है। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या राज्य में कांग्रेस की लगातार हार की वजह एसआईआर है? शाह ने कहा कि एसआईआर को चुनावी नतीजों का कारण बताने के बजाय कांग्रेस नेतृत्व को अपनी रणनीति और जनता से जुड़ाव पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के चुनावी नतीजों का भी जिक्र किया। शाह ने दावा किया कि इन चुनावों में कांग्रेस को कोई सीट नहीं मिली। उन्होंने असम के नौगांव और पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम व रेजीनगर में बीजेपी की जीत का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी को अलग-अलग राज्यों में जनता का समर्थन मिल रहा है।
बैलेट पेपर का जिक्र कर विपक्ष पर निशाना
अमित शाह ने चुनावी हार के लिए ईवीएम को जिम्मेदार ठहराने वाले विपक्षी तर्कों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन चुनावों का वह जिक्र कर रहे हैं, वे बैलेट पेपर से हुए थे। ऐसे में बीजेपी की जीत के लिए मशीनों को जिम्मेदार ठहराने का तर्क सही नहीं है।
शाह ने कहा कि गुजरात, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता से बाहर है। उनके मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व को यह समझना होगा कि चुनावी नतीजों के पीछे केवल चुनाव प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता का भरोसा और राजनीतिक रणनीति भी मायने रखती है।
यूपी समेत कई राज्यों का जिक्र कर राहुल गांधी को घेरा
राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा कि मीडिया इवेंट और राजनीतिक सभाओं के जरिए जनता का भरोसा नहीं जीता जा सकता। उन्होंने कांग्रेस को गांवों, खेतों, दूरदराज के इलाकों और आम लोगों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की सलाह दी।
उन्होंने बिहार, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु का जिक्र करते हुए कहा कि इन राज्यों में जनता लंबे समय से कांग्रेस को चुनावों में नकारती रही है। शाह के मुताबिक, कांग्रेस को अपनी राजनीति और काम करने के तरीके में बदलाव करने की जरूरत है।
एसआईआर को लेकर भी तेज हुई सियासी बयानबाजी
अमित शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी एसआईआर की आड़ में घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता इस मुद्दे पर कांग्रेस की राजनीति को समझ चुकी है और बीजेपी व एनडीए के साथ खड़ी है।
गृह मंत्री ने दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में एनडीए भारी बहुमत से जीत हासिल करेगा, जबकि कांग्रेस को लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ सकता है। उनके इस बयान से चुनावी नतीजों के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के संकेत हैं।
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