By Malay Ojha | Published: 29 October 2026 at 03:47 PM
बिहार की राजधानी पटना में भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर से मतदान की मांग करने वाली कांग्रेस को इसी व्यवस्था में हुए चुनाव में भी बड़ा झटका लगा है। जायसवाल ने दावा किया कि 28 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली, जबकि कर्नाटक में भी पार्टी सभी चार सीटें हार गई।
‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्ष पर चुनावी हार के बाद एसआईआर, ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के बजाय विपक्ष को चुनावी नतीजों पर आत्ममंथन करना चाहिए।
बैलेट पेपर से चुनाव के नतीजों का दिया हवाला
संजय जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रही है। विधान परिषद चुनाव में प्रेफरेंशियल वोटिंग के तहत बैलेट पेपर का इस्तेमाल होता है। इसके बावजूद कांग्रेस को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। उन्होंने इसे कांग्रेस के चुनावी दावों पर सवाल खड़ा करने वाला नतीजा बताया।
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रही है। उनके मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पहले विपक्ष को अपने प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए।
एसआईआर को बताया चुनाव आयोग का संवैधानिक अधिकार
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर पर जायसवाल ने कहा कि यह चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि देश में वर्ष 1950 से इस तरह की व्यवस्था रही है और अब तक आठ बार एसआईआर कराया जा चुका है। इनमें सात बार कांग्रेस के शासनकाल में यह प्रक्रिया अपनाई गई थी।
बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष करीब 47 लाख मतदाताओं के नामों में सुधार किया गया। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया में मृत मतदाताओं, दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके लोगों और मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टियों से जुड़े मामलों की पहचान की गई।
जायसवाल ने दावा किया कि नामों में सुधार की प्रक्रिया को लेकर एक साल बाद भी किसी प्रभावित व्यक्ति के सामने आने की जानकारी नहीं है। यह उनका दावा है; प्रेस वार्ता में इसके समर्थन में अलग से कोई विस्तृत आंकड़ा प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख नहीं है।
मतदाता सूची में नाम के लिए क्या जरूरी?
भाजपा सांसद ने कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए भारतीय नागरिक होना, 18 वर्ष की आयु पूरी करना और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में सामान्य रूप से निवासी होना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेशी नागरिकों को भारत में मतदान का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी व्यक्ति के नाम या विवरण को लेकर आपत्ति अथवा गलती होने पर संबंधित व्यक्ति निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रख सकता है और निर्वाचन अधिकारियों से संपर्क कर सुधार करा सकता है।
बंगाल में फर्जी दस्तावेजों को लेकर लगाए आरोप
संजय जायसवाल ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बसाने और मतदाता सूची में शामिल कराने के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कुछ मामलों में बांग्लादेशी नागरिकों के पास दक्षिण 24 परगना से जुड़े कथित फर्जी आधार कार्ड मिलने का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि भारत में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी समेत सभी धर्मों के नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हैं। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि विदेशी नागरिकों और रोहिंग्याओं को मतदान का अधिकार नहीं दिया जा सकता। जायसवाल ने एसआईआर को मतदाता सूची से फर्जी और अपात्र प्रविष्टियां हटाने की प्रक्रिया बताया।
मनोज शर्मा बोले- मतदाता सूची का शुद्धिकरण जरूरी
प्रेस वार्ता में भाजपा के वरिष्ठ नेता और अरवल विधायक मनोज शर्मा ने भी विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में ‘एक नागरिक, एक मत’ का सिद्धांत महत्वपूर्ण है और प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए।
शर्मा ने संविधान के अनुच्छेद 324 का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग को चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाना है, तो विपक्ष को इस प्रक्रिया पर आपत्ति क्यों है?
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का सही होना जरूरी है। विपक्ष को संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए।
प्रेस वार्ता में भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल और अशोक भट्ट भी मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारियों का सम्मान करते हुए सभी राजनीतिक दलों को पारदर्शी चुनाव व्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग करना चाहिए।
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