National

spot_img

सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसजेंडर अधिकार बनाम महिला आरक्षण का मामला, केंद्र से मांगा जवाब

By Malay Ojha | Published: 29 October 2026 at 12:25 PM

ट्रांसजेंडर लोगों के अधिकारों और महिलाओं के लिए तय कानूनी सुरक्षा के बीच संतुलन का मुद्दा अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। महिलाओं के एक संगठन ने जनहित याचिका (PIL) दाखिल कर मांग की है कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को अधिकार देने के साथ महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों और दूसरी कानूनी सुविधाओं की भी रक्षा की जाए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

पंचायतों में महिला आरक्षण पर उठे सवाल
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं। याचिका विमेन्स डिक्लेरेशन इंटरनेशनल इंडिया की ओर से दाखिल की गई है। संगठन का कहना है कि ट्रांसजेंडर लोगों को समान अधिकार मिलने चाहिए, लेकिन इसके साथ महिलाओं के लिए संविधान और कानून के तहत तय विशेष सुविधाओं पर भी स्पष्टता जरूरी है।

क्या ट्रांसजेंडर महिलाओं को मिल सकता है आरक्षित सीटों पर अधिकार?
याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अमित सिब्बल ने पंचायतों में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का उदाहरण दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी सीटों पर ट्रांसजेंडर महिलाओं के दावे को किस तरह देखा जाएगा। संगठन की मांग है कि इस तरह के मामलों में कानूनी स्थिति स्पष्ट हो, ताकि महिलाओं के लिए तय आरक्षण और ट्रांसजेंडर लोगों के अधिकारों को लेकर कोई भ्रम न रहे।

महिला खेल प्रतियोगिताओं से लेकर जेल तक का मुद्दा
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कई व्यावहारिक सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि विभिन्न हाईकोर्ट में ट्रांसजेंडर महिलाओं को महिला खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति देने से जुड़े मुद्दे सामने आ रहे हैं। इसके अलावा महिला जेलों में रखने की व्यवस्था, महिलाओं की गिरफ्तारी से जुड़े नियम और तलाशी के दौरान महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका जैसे विषय भी चर्चा में आए।

महिलाओं के शौचालय के इस्तेमाल पर भी चर्चा
केंद्र सरकार ने महिलाओं के शौचालयों के इस्तेमाल से जुड़े सवालों का भी जिक्र किया। इन मुद्दों के जरिए यह बताया गया कि ट्रांसजेंडर अधिकारों से जुड़े प्रावधानों को लागू करते समय अलग-अलग परिस्थितियों में कानूनी और प्रशासनिक चुनौतियां सामने आ सकती हैं। हालांकि, इन सवालों पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है।

2026 के कानून में बदलाव को भी चुनौती
यह विवाद ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करने वाले कानून में 2026 में किए गए बदलावों से भी जुड़ा है। इन संशोधनों को पहले ही सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है। उन याचिकाओं में आशंका जताई गई है कि नए प्रावधान ट्रांसजेंडर लोगों की पहचान को मान्यता देने के अधिकार को सीमित कर सकते हैं।

महिलाओं के संगठन की याचिका को भी इसी मामले से जुड़ी याचिकाओं के साथ जोड़ दिया गया है। अब केंद्र सरकार अपना जवाब दाखिल करेगी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले में आगे सुनवाई करेगा। फिलहाल अदालत ने न तो आरक्षण से जुड़े सवालों पर अंतिम फैसला दिया है और न ही संबंधित कानूनी प्रावधानों की व्याख्या पर कोई अंतिम निर्णय सुनाया है।

📢 बड़ी खबर आते ही सबसे पहले जानना चाहते हैं?
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

WhatsApp चैनल जॉइन करें
Breaking Hindi News और ताज़ा अपडेट्स पाएं सबसे पहले Aryavarta Live पर। यहां आपको भारत, पाकिस्तान, अमेरिका समेत दुनिया भर की महत्वपूर्ण खबरें मिलेंगी। खेल, मनोरंजन, व्यापार, टेक्नोलॉजी, क्राइम, उत्तर प्रदेश और बिहार की हर बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें Aryavarta Live के साथ।

International

spot_img

सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसजेंडर अधिकार बनाम महिला आरक्षण का मामला, केंद्र से मांगा जवाब

By Malay Ojha | Published: 29 October 2026 at 12:25 PM

ट्रांसजेंडर लोगों के अधिकारों और महिलाओं के लिए तय कानूनी सुरक्षा के बीच संतुलन का मुद्दा अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। महिलाओं के एक संगठन ने जनहित याचिका (PIL) दाखिल कर मांग की है कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को अधिकार देने के साथ महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों और दूसरी कानूनी सुविधाओं की भी रक्षा की जाए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

पंचायतों में महिला आरक्षण पर उठे सवाल
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं। याचिका विमेन्स डिक्लेरेशन इंटरनेशनल इंडिया की ओर से दाखिल की गई है। संगठन का कहना है कि ट्रांसजेंडर लोगों को समान अधिकार मिलने चाहिए, लेकिन इसके साथ महिलाओं के लिए संविधान और कानून के तहत तय विशेष सुविधाओं पर भी स्पष्टता जरूरी है।

क्या ट्रांसजेंडर महिलाओं को मिल सकता है आरक्षित सीटों पर अधिकार?
याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अमित सिब्बल ने पंचायतों में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का उदाहरण दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी सीटों पर ट्रांसजेंडर महिलाओं के दावे को किस तरह देखा जाएगा। संगठन की मांग है कि इस तरह के मामलों में कानूनी स्थिति स्पष्ट हो, ताकि महिलाओं के लिए तय आरक्षण और ट्रांसजेंडर लोगों के अधिकारों को लेकर कोई भ्रम न रहे।

महिला खेल प्रतियोगिताओं से लेकर जेल तक का मुद्दा
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कई व्यावहारिक सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि विभिन्न हाईकोर्ट में ट्रांसजेंडर महिलाओं को महिला खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति देने से जुड़े मुद्दे सामने आ रहे हैं। इसके अलावा महिला जेलों में रखने की व्यवस्था, महिलाओं की गिरफ्तारी से जुड़े नियम और तलाशी के दौरान महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका जैसे विषय भी चर्चा में आए।

महिलाओं के शौचालय के इस्तेमाल पर भी चर्चा
केंद्र सरकार ने महिलाओं के शौचालयों के इस्तेमाल से जुड़े सवालों का भी जिक्र किया। इन मुद्दों के जरिए यह बताया गया कि ट्रांसजेंडर अधिकारों से जुड़े प्रावधानों को लागू करते समय अलग-अलग परिस्थितियों में कानूनी और प्रशासनिक चुनौतियां सामने आ सकती हैं। हालांकि, इन सवालों पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है।

2026 के कानून में बदलाव को भी चुनौती
यह विवाद ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करने वाले कानून में 2026 में किए गए बदलावों से भी जुड़ा है। इन संशोधनों को पहले ही सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है। उन याचिकाओं में आशंका जताई गई है कि नए प्रावधान ट्रांसजेंडर लोगों की पहचान को मान्यता देने के अधिकार को सीमित कर सकते हैं।

महिलाओं के संगठन की याचिका को भी इसी मामले से जुड़ी याचिकाओं के साथ जोड़ दिया गया है। अब केंद्र सरकार अपना जवाब दाखिल करेगी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले में आगे सुनवाई करेगा। फिलहाल अदालत ने न तो आरक्षण से जुड़े सवालों पर अंतिम फैसला दिया है और न ही संबंधित कानूनी प्रावधानों की व्याख्या पर कोई अंतिम निर्णय सुनाया है।

📢 बड़ी खबर आते ही सबसे पहले जानना चाहते हैं?
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

WhatsApp चैनल जॉइन करें
Breaking Hindi News और ताज़ा अपडेट्स पाएं सबसे पहले Aryavarta Live पर। यहां आपको भारत, पाकिस्तान, अमेरिका समेत दुनिया भर की महत्वपूर्ण खबरें मिलेंगी। खेल, मनोरंजन, व्यापार, टेक्नोलॉजी, क्राइम, उत्तर प्रदेश और बिहार की हर बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें Aryavarta Live के साथ।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES