By Malay Ojha | Published: 29 October 2026 at 11:05 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बैलेट पेपर से हुए विधान परिषद चुनावों पर तंज के बाद कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस नेताओं जयराम रमेश और सुप्रिया श्रीनेत ने वाराणसी की दोनों विधान परिषद सीटों पर भाजपा की हार और महाराष्ट्र के नागपुर में कांग्रेस की जीत का हवाला देकर प्रधानमंत्री और भाजपा को घेरा। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि अगर भाजपा को बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर इतना भरोसा है, तो लोकसभा और विधानसभा चुनाव भी इसी तरीके से क्यों नहीं कराए जाते?
PM मोदी ने कांग्रेस की सीटों पर कसा था तंज
प्रधानमंत्री मोदी ने 28 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों के चुनाव का जिक्र किया था। उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में ये चुनाव बैलेट पेपर से हुए हैं। इसके बाद उन्होंने लोगों से सवाल किया कि अंदाजा लगाएं, कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं। इस पोस्ट को कांग्रेस की ओर से ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर तंज माना गया।
जयराम रमेश बोले- पहले अपनी हार पर विचार करें
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री की पोस्ट पर निशाना साधते हुए उन्हें आत्मविश्लेषण करने की सलाह दी। उन्होंने तंज कसते हुए मोदी को ‘प्रवचनमंत्री’ कहा और सवाल उठाया कि कांग्रेस की सीटें गिनाने से पहले भाजपा को अपने प्रदर्शन पर भी ध्यान देना चाहिए। रमेश ने खास तौर पर वाराणसी और नागपुर का जिक्र किया, जहां भाजपा को झटका लगा है।
महंगाई और बेरोजगारी पर भी उठाए सवाल
जयराम रमेश ने अपने पलटवार में महंगाई, बेरोजगारी और निजी निवेश का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों परिवार महंगाई से परेशान हैं और युवा रोजगार की समस्या का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री से सोशल मीडिया पर तंज कसने के बजाय इन मुद्दों पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने लखनऊ, प्रयागराज और पटना का भी जिक्र करते हुए भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाए।
सुप्रिया श्रीनेत ने बैलेट पेपर पर दी चुनौती
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी प्रधानमंत्री की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के सियासी गढ़ों में मिली हार को मुद्दा बनाया। उन्होंने वाराणसी को नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र और नागपुर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का गढ़ बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने पटना का भी जिक्र किया और कहा कि बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भाजपा को इन इलाकों में झटका लगा है।
सुप्रिया श्रीनेत ने भाजपा को चुनौती दी कि अगर पार्टी को बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर इतना भरोसा है, तो लोकसभा और विधानसभा के सभी चुनाव भी इसी व्यवस्था से कराए जाएं। उनके इस बयान से ईवीएम और बैलेट पेपर को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई।
वाराणसी की दोनों MLC सीटों पर सपा की जीत
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों के नतीजों में भाजपा ने छह और समाजवादी पार्टी ने पांच सीटें जीतीं। वाराणसी में शिक्षक और स्नातक, दोनों सीटों पर सपा ने भाजपा को हराया। प्रधानमंत्री मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के कारण इन नतीजों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
नागपुर में कांग्रेस ने महायुति से छीनी सीट
महाराष्ट्र के नागपुर में भी कांग्रेस ने भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन से एक सीट जीत ली। नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय होने के साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह क्षेत्र भी है। कांग्रेस ने इस जीत को भाजपा के लिए राजनीतिक झटके के तौर पर पेश किया।
चार राज्यों के नतीजों में भाजपा गठबंधन को भी बढ़त
चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों के चुनाव में कांग्रेस को हर जगह सफलता नहीं मिली। कर्नाटक में भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) गठबंधन ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की। चुनाव परिणामों के बाद अब राजनीतिक दलों के बीच बैलेट पेपर, ईवीएम और अपने-अपने गढ़ों में प्रदर्शन को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

