By Malay Ojha | Published: 30 October 2026 at 11:16 AM
दुलारचंद यादव हत्याकांड में मोकामा के विधायक अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने पटना हाईकोर्ट के जमानत देने वाले आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने बिहार पुलिस को मामले की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने को भी कहा है।
हत्या के मामले को राजनीतिक विवाद बताना गलत
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि हत्या जैसे गंभीर मामले को केवल राजनीतिक विवाद के नजरिये से देखना सही नहीं है। अदालत ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है। आगे मुकदमे के दौरान गवाहों के बयान और उनकी गवाही का परीक्षण किया जाएगा।
हाईकोर्ट का आदेश स्थगित, सरेंडर का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के आदेश को स्थगित करते हुए अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया। अदालत ने साफ किया कि उन्हें तय समय सीमा के भीतर संबंधित अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा। वहीं पुलिस को चार महीने में जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
बेटी की शादी का दिया हवाला
सुनवाई के दौरान अनंत सिंह की ओर से उनकी बेटी की शादी का हवाला दिया गया। उन्होंने तत्काल सरेंडर करने के बजाय कुछ समय देने का अनुरोध किया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सरेंडर के लिए 1 दिसंबर की समय सीमा तय कर दी।
मार्च में पटना हाईकोर्ट से मिली थी जमानत
दुलारचंद यादव हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2026 को अनंत सिंह को जमानत दी थी। इसके बाद वह जेल से बाहर आए थे। हाईकोर्ट के इस फैसले को दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में जमानत रद्द करने की मांग की गई थी।
जेडीयू से भी हो चुके हैं निष्कासित
कानूनी कार्रवाई के बीच अनंत सिंह को हाल ही में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। पार्टी ने उनके खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया था। अब दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
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