By Malay Ojha | Published: 30 October 2026 at 01:30 PM
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद रवींद्र किशोर सिन्हा (आरके सिन्हा) का शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को नोएडा में निधन हो गया। करीब 75 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार थे। ब्रेन स्ट्रोक के बाद से उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी और वे कोमा में थे।
ब्रेन स्ट्रोक के बाद बिगड़ गई थी तबीयत
आरके सिन्हा को ब्रेन स्ट्रोक आने के बाद से लगातार इलाज चल रहा था। स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं होने के कारण वे लंबे समय तक कोमा में रहे। शुक्रवार को उनके निधन की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
पटना में होंगे अंतिम दर्शन
निधन के बाद आरके सिन्हा का पार्थिव शरीर नोएडा से पटना लाया जाएगा। पटना के पाटलिपुत्र स्थित अन्नपूर्णा भवन में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। यहां परिवार के सदस्यों, पार्टी नेताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों के पहुंचने की उम्मीद है।
जनसंघ से लेकर बीजेपी तक का सफर
आरके सिन्हा भारतीय राजनीति में बीजेपी के शुरुआती दौर से जुड़े रहे। वे जनसंघ के समय से ही सक्रिय थे और भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे। उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का करीबी माना जाता था।
बिहार से रहे राज्यसभा सांसद
आरके सिन्हा ने बिहार से बीजेपी के राज्यसभा सांसद के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई। उनका कार्यकाल 10 अप्रैल 2014 से 9 अप्रैल 2020 तक रहा। राजनीति के अलावा उद्योग और सामाजिक गतिविधियों में भी उनकी पहचान रही। उनके निधन की खबर से समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में शोक है।
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