By Malay Ojha | Published: 04 November 2026 at 12:32 PM
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के बीच कथित खींचतान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि यूपी बीजेपी में वर्चस्व की लड़ाई अब सिर्फ दिल्ली और लखनऊ तक सीमित नहीं है, बल्कि गोरखपुर में भी अंदरूनी संघर्ष चल रहा है। अखिलेश ने इशारों में दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पंकज चौधरी का टिकट पक्का नहीं होने दे रहे हैं।
पंकज चौधरी को दी टिकट घोषित करने की चुनौती
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को सीधी चुनौती दी। उन्होंने लिखा कि अगर उनके दावे में सच्चाई नहीं है तो प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते पंकज चौधरी को सबसे पहले अपना टिकट घोषित करना चाहिए। सपा प्रमुख ने इस टिप्पणी के जरिए बीजेपी के भीतर सबकुछ ठीक नहीं होने का दावा किया।
‘अपनी ही टिकट पक्की नहीं करा पा रहे’
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘जिनकी खुद की टिकट उनके अपने ही पड़ोसी पक्की नहीं होने दे रहे हैं, वो चुप ही रहें तो ही उनका सम्मान बचा रहेगा।’ उन्होंने आगे कहा कि संबंधित नेता की टीका-टिप्पणी भी किसी ‘दुष्मुखी’ के वचनों से प्रेरित लगती है। भगवान कृष्ण के परमार्थी नाम ‘रणछोड़’ को नकारात्मक भाव में इस्तेमाल करने को उन्होंने सीमित और संकीर्ण सोच बताया।
गोरखपुर की अंदरूनी लड़ाई का किया जिक्र
सपा प्रमुख ने लोकसभा से सीधे मुख्यमंत्री बनने की बात का जिक्र करते हुए कहा कि गोरखपुर के लोग पुरानी रार और तकरार को समझते हैं। उन्होंने दावा किया कि अब बीजेपी की दिल्ली और लखनऊ के बीच की लड़ाई के साथ गोरखपुर में भी वर्चस्व का संघर्ष सामने आ गया है। अखिलेश ने कहा कि यह अंदरूनी लड़ाई अब ‘लिखा-पढ़ी’ में बाहर आ गई है और गोरखपुर की जनता सब देख रही है।
अखिलेश ने फिर उठाए पांच पुराने सवाल
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में उन सवालों को भी दोहराया, जिन्हें लेकर वह पहले भी बीजेपी पर निशाना साधते रहे हैं। उन्होंने लिखा कि नोटिस देने वालों को उत्तर प्रदेश का प्रबुद्ध समाज भूला नहीं है। इसके बाद उन्होंने पांच सवाल पूछे।
- 5 बड़ा या 7?
- विधानसभा बड़ी या लोकसभा?
- राज्य का मंत्री बड़ा या केंद्र का?
- प्रदेश का अध्यक्ष बड़ा या देश का?
‘कमल का निशान पाने के लिए तरस जाएंगे’
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट के आखिर में लिखा कि जिनके नाम का पर्यायवाची ही ‘कमल’ हो, वे आपसी लड़ाई में कमल का निशान पाने के लिए तरस जाएंगे। उन्होंने एक बार फिर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं है तो पंकज चौधरी सबसे पहले अपना टिकट घोषित करें। पोस्ट के अंत में उन्होंने ‘इति ध्वस्तम्!!!’ लिखा।
2027 के मुख्यमंत्री चेहरे पर भी उठ चुका है सवाल
दरअसल, अखिलेश यादव लगातार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के बीच मतभेद होने का दावा करते रहे हैं। हाल ही में 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा था कि बीजेपी प्रदेश में हैट्रिक लगाएगी और मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला पार्टी का संसदीय बोर्ड करेगा।
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