By Malay Ojha | Published: 02 November 2026 at 11:26 AM
अमेरिका के फ्लोरिडा में एक प्राइवेट जेट के भीषण हादसे में विमान में सवार सभी 9 लोगों की मौत हो गई। टेक्सास से बहामास जा रहा लियरजेट-60 अचानक नियंत्रण खोने के बाद तेजी से नीचे आया और पाम बीच काउंटी के एक रिहायशी इलाके के पास सड़क से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान में विस्फोट के बाद आग का बड़ा गोला उठ गया। चश्मदीदों ने विमान को मिसाइल की तरह जमीन की ओर गिरते देखा।
सड़क पर गिरा विमान, बना बड़ा गड्ढा
हादसा मिलिट्री ट्रेल और 10वीं एवेन्यू नॉर्थ के पास हुआ। विमान के सड़क से टकराते ही वहां बड़ा गड्ढा बन गया। उस वक्त सड़क से गुजर रही कुछ गाड़ियों के डैशकैम में हादसे का वीडियो भी रिकॉर्ड हो गया। विमान घरों से कुछ ही दूरी पर गिरा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
600 लोगों को घर छोड़ना पड़ा
विमान हादसे के बाद पास के मोबाइल होम पार्क का रास्ता बंद कर दिया गया। सुरक्षा कारणों से करीब 600 लोगों को अपने घरों से बाहर निकलना पड़ा। इलाके में लगभग दो घंटे तक बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। राहत की बात यह रही कि विमान सीधे किसी घर से नहीं टकराया, वरना नुकसान और बड़ा हो सकता था।
टेक्सास से बहामास जा रहा था जेट
लियरजेट-60 ने टेक्सास के ऑस्टिन-बर्गस्ट्रॉम इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी और उसे बहामास जाना था। हादसे की जगह वेस्ट पाम बीच एयरपोर्ट से करीब चार मील दक्षिण में है। यह स्थान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मार-ए-लागो रिजॉर्ट से भी करीब आठ मील दक्षिण-पश्चिम में बताया गया है।
हादसे से पहले पायलट ने बताई थी परेशानी
रिपोर्ट के मुताबिक, दुर्घटना से कुछ मिनट पहले पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को विमान पर बर्फ जमने की जानकारी दी थी। उस समय बाहर का तापमान करीब माइनस 47 डिग्री सेल्सियस था और हवा के तेज झटकों के कारण विमान करीब 700 फीट तक ऊपर-नीचे हो रहा था।
तेजी से नीचे आने लगा विमान
शुरुआत में पायलट ने कहा था कि बर्फ जमने की स्थिति को संभाला जा सकता है। बाद में बारिश शुरू होने पर उसने विमान को ज्यादा ऊंचाई पर ले जाने की अनुमति मांगी। इसके कुछ ही देर बाद स्थिति बिगड़ गई और पायलट ने इमरजेंसी घोषित कर दी।
पायलट ने कहा- जमीन से टकराने वाला है विमान
एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ बातचीत में पायलट ने बताया कि विमान पहले 8,000 फीट और फिर 10,000 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे जा रहा है। बाद में गिरने की रफ्तार करीब 20,000 फीट प्रति मिनट तक पहुंच गई। कुछ ही क्षण बाद पायलट ने चेतावनी दी कि विमान जमीन से टकराने वाला है।
एक मिनट में 27 हजार फीट नीचे आया जेट
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट ADS-B Exchange के आंकड़ों के अनुसार, विमान करीब एक मिनट में लगभग 27,000 फीट नीचे आ गया था। हादसे के समय इलाके में आंधी-तूफान का असर था और विमान एक तेज तूफानी बादल से भी गुजरा था। हालांकि, मौसम ही दुर्घटना की वजह था या इसके पीछे कोई दूसरी तकनीकी समस्या थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा।
FAA और NTSB कर रहे हादसे की जांच
फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) और नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी विमान के कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर समेत दूसरे तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल कर रहे हैं। इन्हीं सबूतों से हादसे की असली वजह सामने आने की उम्मीद है।
लियरजेट-60 का सबसे घातक हादसा
फ्लाइट सेफ्टी फाउंडेशन के मुताबिक, लियरजेट-60 से जुड़ा यह अब तक का सबसे घातक हादसा बताया जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2008 में इसी मॉडल का एक विमान दक्षिण कैरोलिना में उड़ान भरते समय दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें चार लोगों की जान गई थी।
2021 में बंद हुआ नए लियरजेट का निर्माण
लियरजेट का इस्तेमाल मुख्य रूप से निजी उड़ानों के लिए किया जाता रहा है। बाद में कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर ने इन विमानों का निर्माण किया। कंपनी ने 2021 में नए लियरजेट बनाना बंद कर दिया था, हालांकि पुराने विमानों के लिए सपोर्ट जारी रखा गया।
हादसे वाले विमान का रजिस्ट्रेशन नंबर N722BD था। यह विमान डेलावेयर की एक LLC कंपनी के नाम पर दर्ज था और किराये की उड़ानों के लिए भी उपलब्ध बताया गया था। अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट से ही यह साफ होगा कि आखिर हजारों फीट की ऊंचाई से विमान इतनी तेजी से नीचे क्यों आया और यह भीषण हादसा कैसे हुआ।
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