By Malay Ojha | Published: 02 November 2026 at 05:07 PM
वाराणसी। 13 करोड़ वोट चोरी के आरोप और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों के बीच भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस पर जोरदार पलटवार किया है। सोमवार को वाराणसी में उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण किसी राजनीतिक दल की सुविधा या असुविधा का मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ा सवाल है।
राहुल गांधी के आरोपों पर सीधा जवाब
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए संबित पात्रा ने राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि चुनाव में हार के बाद कभी EVM और कभी चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराना कांग्रेस की पुरानी राजनीति रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर को वोट चोरी बताकर लोगों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है, जबकि यह मतदाता सूची को दुरुस्त करने की संवैधानिक प्रक्रिया है।
12 बार हो चुका है SIR, 10 बार कांग्रेस के दौर में
संबित पात्रा ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है। देश में अब तक 12 बार यह प्रक्रिया हो चुकी है, जिसमें 10 बार कांग्रेस के शासनकाल में और दो बार भाजपा के शासन में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण कराया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे में SIR को भाजपा की राजनीतिक साजिश बताना तथ्यों से मुंह मोड़ने जैसा है।
किन नामों को हटाने की होती है प्रक्रिया?
भाजपा प्रवक्ता ने मतदाता सूची से नाम हटाने के आधार भी गिनाए। उन्होंने ASDD का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें अनुपस्थित, स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके, मृतक और डुप्लीकेट मतदाताओं के नामों की जांच की जाती है।
पात्रा के मुताबिक, करीब तीन करोड़ लोग अनुपस्थित श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। वहीं छह करोड़ लोगों ने फॉर्म-6 के जरिए नाम जोड़ने की प्रक्रिया अपनाई और करीब छह करोड़ स्थानांतरित मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों को जोड़कर 13 करोड़ वोट चोरी का आरोप लगाना राजनीतिक दुष्प्रचार है।
ममता बनर्जी को भी घेरा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए संबित पात्रा ने मतदाता सूची और घुसपैठियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देश के संसाधनों और लोकतांत्रिक व्यवस्था में पहला अधिकार भारतीय नागरिकों का है।
उन्होंने कहा कि किसी भी अपात्र व्यक्ति को मतदाता सूची में शामिल नहीं रहने दिया जा सकता। SIR का मकसद यही सुनिश्चित करना है कि सूची में केवल पात्र भारतीय नागरिकों के नाम रहें।
बंगाल की 20 सीटों का दिया उदाहरण
संबित पात्रा ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जिन 20 विधानसभा सीटों पर सबसे ज्यादा मतदाताओं के नाम हटने की बात सामने आई, उनमें से अधिकांश सीटों पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत दर्ज की।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मतदाता सूची में बदलाव केवल भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा होता, तो इन सीटों पर तृणमूल कांग्रेस की जीत को कैसे समझाया जाएगा।
ज्ञानेश कुमार से पहले भी भाजपा जीत चुकी थी चुनाव
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर भी संबित पात्रा ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव जीत चुकी थी, जबकि ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को मुख्य चुनाव आयुक्त का पद संभाला।
उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय वीएस संपत मुख्य चुनाव आयुक्त थे और उनकी नियुक्ति कांग्रेस के शासनकाल में हुई थी। इसके बावजूद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को बहुमत मिला और केंद्र में सरकार बनी।
कांग्रेस की लंबी चुनावी हार पर सवाल
भाजपा प्रवक्ता ने कई राज्यों में कांग्रेस के लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में कांग्रेस वर्षों से सत्ता से दूर है।
पात्रा ने सवाल किया कि क्या इन सभी राज्यों में कांग्रेस की हार के लिए भी मतदाता सूची का पुनरीक्षण जिम्मेदार था? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक कमजोरियों पर भी विचार करना चाहिए।
राहुल और प्रियंका की राजनीति पर भी टिप्पणी
संबित पात्रा ने राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी को भी अपने निशाने पर लिया। उन्होंने गांधी परिवार के भीतर राजनीतिक तालमेल और अलग-अलग राजनीतिक रुख को लेकर सवाल उठाए।
उनका कहना था कि कांग्रेस को पहले अपने नेतृत्व और संगठन की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए, उसके बाद संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करने चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के पक्ष का भी किया जिक्र
पात्रा ने SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग की ओर से दाखिल हलफनामे और अदालती कार्यवाही का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
उनके मुताबिक, केवल घोषणा पत्र के जरिए वर्ष 2002 से 2004 के बीच मतदाता सूची में नाम होने से जुड़ी जानकारी मांगी गई है। उन्होंने दावा किया कि जून 2025 से अब तक 18 से 28 साल के करीब 2.37 करोड़ युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए हैं।
कांग्रेस और सपा के बूथ एजेंट कहां हैं?
संबित पात्रा ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से बूथ स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने का अधिकार है और वे मतदाता सूची की जांच कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर कहीं गलत नाम शामिल है या किसी पात्र मतदाता का नाम छूट गया है तो उसे सामने लाया जाना चाहिए। केवल आरोप लगाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत नहीं होगी।
’56 हार का तमगा लेकर घूम रहे राहुल’
राहुल गांधी पर तंज कसते हुए संबित पात्रा ने दावा किया कि 2014 से 2025 के बीच कांग्रेस को 56 विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इन हारों की जिम्मेदारी लेने के बजाय कांग्रेस नेतृत्व चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा कर रहा है।
पात्रा ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल उठाने का अधिकार हर राजनीतिक दल को है, लेकिन सवाल तथ्यों के आधार पर होने चाहिए। उन्होंने कहा कि SIR की प्रक्रिया में कहीं कोई गलती है तो उसे सामने लाया जाना चाहिए और उसमें सुधार किया जा सकता है, लेकिन मतदाता सूची के शुद्धिकरण को राजनीतिक विवाद का हथियार बनाना सही नहीं है।
पत्रकार वार्ता में भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, जिलाध्यक्ष रामसकल पटेल, क्षेत्र उपाध्यक्ष नवरतन राठी, मधुकर चित्रांश, संतोष सोलापुरकर, शैलेन्द्र मिश्रा, अमित राय, विपिन सिंह, प्रमील पांडेय और अभिषेक त्रिपाठी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

