By Malay Ojha | Published: 31 October 2026 at 10:52 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। गुजरात के एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष अब सिर्फ विरोध करने वाला पक्ष नहीं रह गया है, बल्कि वह ‘अवरोध पक्ष’ बन गया है। उन्होंने विपक्ष पर देश को बांटने और भारत की छवि खराब करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
पीएम मोदी ने बिना किसी का नाम लिए विदेश यात्राओं और विदेशी संपर्कों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश को यह समझना होगा कि विदेशों में कौन किससे मिल रहा है, भारत विरोधी ताकतें किसका समर्थन कर रही हैं और कौन भारत के दुश्मनों की भाषा बोल रहा है।
विपक्ष पर देश को बांटने का आरोप
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को कमजोर करने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट रहने की जरूरत है। उनके मुताबिक सोशल मीडिया का इस्तेमाल हथियार की तरह किया जा रहा है, अफवाहें फैलाई जा रही हैं और भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है।
मोदी ने कहा कि देश की एकता और अखंडता को चुनौती देने वाली हर कोशिश का मिलकर मुकाबला करना होगा। उन्होंने कहा कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ और ‘विकसित भारत’ देश के दो बड़े लक्ष्य हैं।
‘दिमागी नक्सलियों’ पर भी पीएम मोदी का निशाना
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद और माओवाद का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले साल उन्होंने संकल्प लिया था कि देश को नक्सलवाद और माओवाद से मुक्त किए बिना चैन से नहीं बैठेंगे और इस दिशा में काम हुआ है।
हालांकि, पीएम मोदी ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद ‘दिमागी नक्सलियों’ का खतरा अभी भी बना हुआ है। उन्होंने देश की सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित करने, घुसपैठ रोकने और जनसांख्यिकीय बदलाव से जुड़े मुद्दों पर भी आगे काम करने की बात कही।
सरदार पटेल को किया याद
राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रम में पीएम मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि दी और देश को एकजुट करने में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद सरदार पटेल ने 550 से अधिक रियासतों को भारत के साथ जोड़कर देश की एकता को मजबूत किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल के लौह संकल्प की वजह से देश एक सूत्र में बंध सका। भारत आज भी उनके दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
इस बार शाम को हुआ राष्ट्रीय एकता दिवस का मुख्य कार्यक्रम
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस का मुख्य कार्यक्रम इस बार पहले की तुलना में अलग समय पर आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि सुबह देशभर में लाखों लोगों ने ‘रन फॉर यूनिटी’ में हिस्सा लेकर एकजुटता का संदेश दिया और इसके बाद शाम को मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और राष्ट्रीय एकता दिवस देश के लिए खास राष्ट्रीय पर्व हैं। गणतंत्र जहां जनता के प्रति जवाबदेही का भाव पैदा करता है, वहीं एकता देश को आगे बढ़ने की ताकत देती है।
गरीबी पर भी विपक्ष को घेरा
प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबी के मुद्दे पर भी विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक ‘गरीबी हटाओ’ का नारा दिया गया, लेकिन स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया।
पीएम मोदी ने विश्व बैंक की एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में भारतीय गरीबी से बाहर निकले हैं। उन्होंने कहा कि पहले देश की बड़ी आबादी अत्यधिक गरीबी की चपेट में थी, लेकिन अब यह आंकड़ा लगातार कम हुआ है।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं और सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
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