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बिहार में नया बिजली कनेक्शन लेना हुआ आसान, 150 kW तक खत्म हुआ फिजिकल वेरिफिकेशन; जानें कितनी लगेगी फीस

By Malay Ojha | Published: 31 October 2026 at 08:03 PM

पटना: बिहार में नया बिजली कनेक्शन लेने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन के लिए जमीन या मकान का फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं होगा। यानी पहले की तरह नाप-जोख और जांच-पड़ताल के झंझट से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

150 किलोवाट तक कनेक्शन के नियम बदले
केंद्र सरकार और बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) के नए नियमों के तहत नए कनेक्शन की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है। खासकर गांव-कस्बों के लोगों, किसानों और छोटे कारोबारियों को इससे बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

अलग-अलग एस्टिमेट का झंझट खत्म
नए नियमों में मटेरियल, लेबर और सुपरविजन के लिए अलग-अलग एस्टिमेट बनाने की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। अब उपभोक्ता को पहले से तय मानक शुल्क देना होगा, जिससे कनेक्शन के खर्च को लेकर स्थिति साफ रहेगी।

ऐप और पोर्टल पर दिखेगी पूरी फीस
नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन करने पर लोड के हिसाब से तय शुल्क दिखाई देगा। उपभोक्ता ‘सुविधा’ ऐप या संबंधित पोर्टल के जरिए आवेदन और भुगतान कर सकेंगे।

फीस जमा होते ही कंपनी करेगी आगे का काम
तय शुल्क ऑनलाइन जमा होने के बाद बिजली कंपनी परिसर तक सर्विस तार पहुंचाने और मीटर लगाने की प्रक्रिया पूरी करेगी। इससे उपभोक्ताओं को अलग-अलग सामान खरीदने या मजदूरी का इंतजाम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

नए बिजली कनेक्शन के लिए कितना देना होगा शुल्क?
सिंगल फेज कनेक्शन:

3 किलोवाट तक के घरेलू और अन्य कनेक्शन के लिए 900 रुपये प्रति किलोवाट शुल्क तय किया गया है। यानी 3 kW कनेक्शन के लिए कुल 2,700 रुपये देने होंगे।

3 से 7 किलोवाट तक का शुल्क
3 kW से अधिक और 7 kW तक के सिंगल फेज कनेक्शन के लिए शुरुआती 3 kW का शुल्क 2,700 रुपये होगा। इसके बाद हर अतिरिक्त किलोवाट के लिए 1,000 रुपये देने होंगे।

थ्री फेज कनेक्शन के लिए अलग दर
5 से 19 kW तक के थ्री फेज कनेक्शन के लिए 5 kW तक 4,500 रुपये और उसके बाद प्रति किलोवाट 1,500 रुपये अतिरिक्त शुल्क तय है।

ज्यादा लोड पर क्या होगी फीस?
20 से 44 kW तक के थ्री फेज कनेक्शन के लिए 20 kW तक 21,000 रुपये देने होंगे। इसके ऊपर हर अतिरिक्त किलोवाट के लिए 2,000 रुपये शुल्क लगेगा। वहीं, 45 से 150 kW तक के HT कनेक्शन के लिए 7,000 रुपये प्रति किलोवाट की दर तय की गई है।

ग्रामीण और आम उपभोक्ताओं को क्या फायदा?
नई व्यवस्था में अलग से मटेरियल या लेबर चार्ज नहीं लिया जाएगा। आवेदन के समय ही तय शुल्क की जानकारी मिल जाएगी और भुगतान के बाद तय प्रक्रिया के तहत कनेक्शन देने का काम आगे बढ़ेगा।

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बिहार में नया बिजली कनेक्शन लेना हुआ आसान, 150 kW तक खत्म हुआ फिजिकल वेरिफिकेशन; जानें कितनी लगेगी फीस

By Malay Ojha | Published: 31 October 2026 at 08:03 PM

पटना: बिहार में नया बिजली कनेक्शन लेने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन के लिए जमीन या मकान का फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं होगा। यानी पहले की तरह नाप-जोख और जांच-पड़ताल के झंझट से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

150 किलोवाट तक कनेक्शन के नियम बदले
केंद्र सरकार और बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) के नए नियमों के तहत नए कनेक्शन की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है। खासकर गांव-कस्बों के लोगों, किसानों और छोटे कारोबारियों को इससे बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

अलग-अलग एस्टिमेट का झंझट खत्म
नए नियमों में मटेरियल, लेबर और सुपरविजन के लिए अलग-अलग एस्टिमेट बनाने की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। अब उपभोक्ता को पहले से तय मानक शुल्क देना होगा, जिससे कनेक्शन के खर्च को लेकर स्थिति साफ रहेगी।

ऐप और पोर्टल पर दिखेगी पूरी फीस
नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन करने पर लोड के हिसाब से तय शुल्क दिखाई देगा। उपभोक्ता ‘सुविधा’ ऐप या संबंधित पोर्टल के जरिए आवेदन और भुगतान कर सकेंगे।

फीस जमा होते ही कंपनी करेगी आगे का काम
तय शुल्क ऑनलाइन जमा होने के बाद बिजली कंपनी परिसर तक सर्विस तार पहुंचाने और मीटर लगाने की प्रक्रिया पूरी करेगी। इससे उपभोक्ताओं को अलग-अलग सामान खरीदने या मजदूरी का इंतजाम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

नए बिजली कनेक्शन के लिए कितना देना होगा शुल्क?
सिंगल फेज कनेक्शन:

3 किलोवाट तक के घरेलू और अन्य कनेक्शन के लिए 900 रुपये प्रति किलोवाट शुल्क तय किया गया है। यानी 3 kW कनेक्शन के लिए कुल 2,700 रुपये देने होंगे।

3 से 7 किलोवाट तक का शुल्क
3 kW से अधिक और 7 kW तक के सिंगल फेज कनेक्शन के लिए शुरुआती 3 kW का शुल्क 2,700 रुपये होगा। इसके बाद हर अतिरिक्त किलोवाट के लिए 1,000 रुपये देने होंगे।

थ्री फेज कनेक्शन के लिए अलग दर
5 से 19 kW तक के थ्री फेज कनेक्शन के लिए 5 kW तक 4,500 रुपये और उसके बाद प्रति किलोवाट 1,500 रुपये अतिरिक्त शुल्क तय है।

ज्यादा लोड पर क्या होगी फीस?
20 से 44 kW तक के थ्री फेज कनेक्शन के लिए 20 kW तक 21,000 रुपये देने होंगे। इसके ऊपर हर अतिरिक्त किलोवाट के लिए 2,000 रुपये शुल्क लगेगा। वहीं, 45 से 150 kW तक के HT कनेक्शन के लिए 7,000 रुपये प्रति किलोवाट की दर तय की गई है।

ग्रामीण और आम उपभोक्ताओं को क्या फायदा?
नई व्यवस्था में अलग से मटेरियल या लेबर चार्ज नहीं लिया जाएगा। आवेदन के समय ही तय शुल्क की जानकारी मिल जाएगी और भुगतान के बाद तय प्रक्रिया के तहत कनेक्शन देने का काम आगे बढ़ेगा।

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