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BJP New Incharge: यूपी में विनोद तावड़े, पंजाब में सतीश पूनिया और गुजरात में तरुण चुघ को कमान

By Malay Ojha | Published: 18 August 2026 at 12:04 PM

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी नई राष्ट्रीय संगठनात्मक टीम के गठन के अगले ही दिन तीन अहम राज्यों में संगठन की कमान बदल दी है। पार्टी ने मंगलवार को विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश, सतीश पूनिया को पंजाब और तरुण चुघ को गुजरात का प्रभारी नियुक्त किया। उत्तर प्रदेश में तावड़े के साथ जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।

बीजेपी के इस फैसले को आने वाले चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश और पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, जबकि गुजरात में भी अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्टी की ओर से संगठन के स्तर पर किए गए ये बदलाव सिर्फ जिम्मेदारियों का बंटवारा नहीं, बल्कि चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा माने जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश पर सबसे ज्यादा नजर
उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी विनोद तावड़े को सौंपना बीजेपी के फैसलों में सबसे अहम माना जा रहा है। तावड़े फिलहाल राज्यसभा सदस्य और पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री हैं। संगठन में उनकी पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन्हें देश के सबसे बड़े राजनीतिक राज्य की जिम्मेदारी दी है। उनके सामने प्रदेश संगठन को चुनाव के लिए तैयार करने और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल मजबूत करने की चुनौती होगी।

तावड़े के साथ सह-प्रभारी भी नियुक्त
उत्तर प्रदेश में विनोद तावड़े के साथ जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी बनाया गया है। यानी राज्य में संगठन से जुड़े कामों को संभालने के लिए अब केंद्रीय नेतृत्व की दो सदस्यीय टीम काम करेगी। चुनावी माहौल बनने से पहले यह व्यवस्था पार्टी के बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

पंजाब में सतीश पूनिया के सामने बड़ी चुनौती
पंजाब की जिम्मेदारी पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सदस्य सतीश पूनिया को दी गई है। पंजाब में बीजेपी लंबे समय से अपने संगठन और राजनीतिक आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पूनिया के सामने पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने, संगठन को जमीन पर मजबूत करने और आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत रणनीति तैयार करने की चुनौती होगी।

गुजरात में तरुण चुघ पर भरोसा
गुजरात का प्रभारी तरुण चुघ को बनाया गया है। चुघ राज्यसभा सदस्य होने के साथ पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। गुजरात बीजेपी का मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है, लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को लगातार सक्रिय रखना पार्टी के लिए जरूरी है। चुघ को इसी जिम्मेदारी को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है।

एक दिन पहले ही बनी थी नई राष्ट्रीय टीम
तीन राज्यों में नए प्रभारी नियुक्त करने का फैसला बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम के गठन के ठीक अगले दिन आया है। सोमवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने 65 पदाधिकारियों वाली नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया था। इसमें 51 नए चेहरों को जगह दी गई है। पार्टी ने संगठन में अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को शामिल करते हुए बड़ा बदलाव किया है।

स्मृति ईरानी और राम माधव की वापसी
नई राष्ट्रीय टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया समेत कुल 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इन नियुक्तियों ने पार्टी की नई टीम को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज कर दी है।

पीयूष गोयल को मिली अहम जिम्मेदारी
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। नई टीम में उन्हें शामिल करना भी महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है। पार्टी ने बीएल संतोष को राष्ट्रीय महामंत्री संगठन के पद पर बरकरार रखा है। यह पद बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और पार्टी की अंदरूनी रणनीति में इसकी बड़ी भूमिका होती है।

अमित मालवीय और तेजस्वी सूर्या की जिम्मेदारी बदली
नई टीम में कुछ चर्चित चेहरों की जिम्मेदारियों में भी बड़ा बदलाव हुआ है। अमित मालवीय को पार्टी के सूचना तकनीक प्रकोष्ठ के प्रमुख पद से हटाकर दीपक म्हस्के को यह जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सांसद तेजस्वी सूर्या की जगह गुजरात के सांसद हेमांग जोशी को भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।

महिलाओं और नए चेहरों को भी जगह
बीजेपी ने नई राष्ट्रीय टीम में महिलाओं और अलग-अलग सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने पर भी जोर दिया है। पार्टी की 65 सदस्यीय टीम में 12 महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े छह नेताओं को भी राष्ट्रीय संगठन में जगह दी गई है। पार्टी ने इसे संगठन में व्यापक प्रतिनिधित्व और नए चेहरों को आगे बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम बताया है।

चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की कोशिश
बीजेपी के लगातार दो दिनों के इन फैसलों को एक साथ देखें तो पार्टी का ध्यान अब संगठन को चुनावी मैदान के लिए तैयार करने पर साफ दिखाई देता है। पहले राष्ट्रीय स्तर पर नई टीम बनाई गई और उसके तुरंत बाद महत्वपूर्ण राज्यों की जिम्मेदारियां तय कर दी गईं। खासकर उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे चुनावी राज्यों में नए प्रभारियों की नियुक्ति को आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

नई जिम्मेदारियों के साथ बढ़ेगी राजनीतिक हलचल
अब सबसे बड़ी नजर इस बात पर होगी कि विनोद तावड़े उत्तर प्रदेश में संगठन को किस तरह चुनावी मोड में लाते हैं, सतीश पूनिया पंजाब में बीजेपी के आधार को कितना मजबूत कर पाते हैं और तरुण चुघ गुजरात में पार्टी के मजबूत संगठन को चुनाव तक किस तरह सक्रिय रखते हैं। नई राष्ट्रीय टीम के गठन के तुरंत बाद राज्यों में जिम्मेदारियों का यह बदलाव बीजेपी की आगे की राजनीतिक रणनीति का संकेत माना जा रहा है।

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BJP New Incharge: यूपी में विनोद तावड़े, पंजाब में सतीश पूनिया और गुजरात में तरुण चुघ को कमान

By Malay Ojha | Published: 18 August 2026 at 12:04 PM

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी नई राष्ट्रीय संगठनात्मक टीम के गठन के अगले ही दिन तीन अहम राज्यों में संगठन की कमान बदल दी है। पार्टी ने मंगलवार को विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश, सतीश पूनिया को पंजाब और तरुण चुघ को गुजरात का प्रभारी नियुक्त किया। उत्तर प्रदेश में तावड़े के साथ जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।

बीजेपी के इस फैसले को आने वाले चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश और पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, जबकि गुजरात में भी अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्टी की ओर से संगठन के स्तर पर किए गए ये बदलाव सिर्फ जिम्मेदारियों का बंटवारा नहीं, बल्कि चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा माने जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश पर सबसे ज्यादा नजर
उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी विनोद तावड़े को सौंपना बीजेपी के फैसलों में सबसे अहम माना जा रहा है। तावड़े फिलहाल राज्यसभा सदस्य और पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री हैं। संगठन में उनकी पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन्हें देश के सबसे बड़े राजनीतिक राज्य की जिम्मेदारी दी है। उनके सामने प्रदेश संगठन को चुनाव के लिए तैयार करने और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल मजबूत करने की चुनौती होगी।

तावड़े के साथ सह-प्रभारी भी नियुक्त
उत्तर प्रदेश में विनोद तावड़े के साथ जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी बनाया गया है। यानी राज्य में संगठन से जुड़े कामों को संभालने के लिए अब केंद्रीय नेतृत्व की दो सदस्यीय टीम काम करेगी। चुनावी माहौल बनने से पहले यह व्यवस्था पार्टी के बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

पंजाब में सतीश पूनिया के सामने बड़ी चुनौती
पंजाब की जिम्मेदारी पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सदस्य सतीश पूनिया को दी गई है। पंजाब में बीजेपी लंबे समय से अपने संगठन और राजनीतिक आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पूनिया के सामने पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने, संगठन को जमीन पर मजबूत करने और आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत रणनीति तैयार करने की चुनौती होगी।

गुजरात में तरुण चुघ पर भरोसा
गुजरात का प्रभारी तरुण चुघ को बनाया गया है। चुघ राज्यसभा सदस्य होने के साथ पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। गुजरात बीजेपी का मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है, लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को लगातार सक्रिय रखना पार्टी के लिए जरूरी है। चुघ को इसी जिम्मेदारी को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है।

एक दिन पहले ही बनी थी नई राष्ट्रीय टीम
तीन राज्यों में नए प्रभारी नियुक्त करने का फैसला बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम के गठन के ठीक अगले दिन आया है। सोमवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने 65 पदाधिकारियों वाली नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया था। इसमें 51 नए चेहरों को जगह दी गई है। पार्टी ने संगठन में अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को शामिल करते हुए बड़ा बदलाव किया है।

स्मृति ईरानी और राम माधव की वापसी
नई राष्ट्रीय टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया समेत कुल 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इन नियुक्तियों ने पार्टी की नई टीम को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज कर दी है।

पीयूष गोयल को मिली अहम जिम्मेदारी
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। नई टीम में उन्हें शामिल करना भी महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है। पार्टी ने बीएल संतोष को राष्ट्रीय महामंत्री संगठन के पद पर बरकरार रखा है। यह पद बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और पार्टी की अंदरूनी रणनीति में इसकी बड़ी भूमिका होती है।

अमित मालवीय और तेजस्वी सूर्या की जिम्मेदारी बदली
नई टीम में कुछ चर्चित चेहरों की जिम्मेदारियों में भी बड़ा बदलाव हुआ है। अमित मालवीय को पार्टी के सूचना तकनीक प्रकोष्ठ के प्रमुख पद से हटाकर दीपक म्हस्के को यह जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सांसद तेजस्वी सूर्या की जगह गुजरात के सांसद हेमांग जोशी को भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।

महिलाओं और नए चेहरों को भी जगह
बीजेपी ने नई राष्ट्रीय टीम में महिलाओं और अलग-अलग सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने पर भी जोर दिया है। पार्टी की 65 सदस्यीय टीम में 12 महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े छह नेताओं को भी राष्ट्रीय संगठन में जगह दी गई है। पार्टी ने इसे संगठन में व्यापक प्रतिनिधित्व और नए चेहरों को आगे बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम बताया है।

चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की कोशिश
बीजेपी के लगातार दो दिनों के इन फैसलों को एक साथ देखें तो पार्टी का ध्यान अब संगठन को चुनावी मैदान के लिए तैयार करने पर साफ दिखाई देता है। पहले राष्ट्रीय स्तर पर नई टीम बनाई गई और उसके तुरंत बाद महत्वपूर्ण राज्यों की जिम्मेदारियां तय कर दी गईं। खासकर उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे चुनावी राज्यों में नए प्रभारियों की नियुक्ति को आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

नई जिम्मेदारियों के साथ बढ़ेगी राजनीतिक हलचल
अब सबसे बड़ी नजर इस बात पर होगी कि विनोद तावड़े उत्तर प्रदेश में संगठन को किस तरह चुनावी मोड में लाते हैं, सतीश पूनिया पंजाब में बीजेपी के आधार को कितना मजबूत कर पाते हैं और तरुण चुघ गुजरात में पार्टी के मजबूत संगठन को चुनाव तक किस तरह सक्रिय रखते हैं। नई राष्ट्रीय टीम के गठन के तुरंत बाद राज्यों में जिम्मेदारियों का यह बदलाव बीजेपी की आगे की राजनीतिक रणनीति का संकेत माना जा रहा है।

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