By Malay Ojha | Published: 09 August 2026 at 04:31 PM
पटना: बिहार में पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने ‘Gen Z Rising’ अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। संगठन के मुताबिक यह अभियान राज्य के प्रमुख जिलों और विश्वविद्यालयों तक पहुंचेगा। इस दौरान छात्र-युवा संसद, छात्र सम्मेलन और संवाद कार्यक्रम आयोजित कर शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और रोजगार से जुड़े सवालों पर युवाओं को एकजुट किया जाएगा। अभियान की शुरुआत 11 अगस्त से सिवान में होगी और 7 सितंबर को पटना में कार्यक्रम के साथ इसका पहला चरण पूरा होगा।
पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में AISA बिहार के नेताओं ने अभियान की रूपरेखा जारी की। संगठन का कहना है कि बिहार के छात्रों और युवाओं के सामने शिक्षा की गिरती गुणवत्ता, प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी, बेरोजगारी, बढ़ती फीस और सरकारी शिक्षण संस्थानों की स्थिति जैसे कई गंभीर सवाल हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर ‘Gen Z Rising’ के जरिए छात्रों को एक साझा मंच पर लाने की तैयारी की गई है।
पेपर लीक को लेकर सरकार पर निशाना
AISA बिहार की राज्य उपाध्यक्ष सबा आफरीन ने आरोप लगाया कि पिछले नौ वर्षों में बिहार में छह बड़े पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उनका दावा है कि इन मामलों में करीब 500 अधिकारियों की गिरफ्तारी हुई और बाद में उन्हें जमानत मिल गई। संगठन के मुताबिक 50 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों को परीक्षा और दोबारा परीक्षा के चक्र से गुजरना पड़ा है। AISA ने इसे परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर सवाल बताया है।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप
सबा आफरीन ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए एक परीक्षा सिर्फ परीक्षा नहीं होती, बल्कि उसके पीछे कई वर्षों की मेहनत, समय और परिवार का पैसा लगा होता है। ऐसे में परीक्षा में गड़बड़ी होने पर केवल एक परीक्षा रद्द नहीं होती, बल्कि हजारों-लाखों युवाओं की योजनाएं प्रभावित होती हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ अब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
हर प्रमुख जिले और विश्वविद्यालय तक पहुंचने की तैयारी
AISA बिहार के राज्य सचिव दीपांकर ने कहा कि ‘Gen Z Rising’ को केवल पटना तक सीमित नहीं रखा जाएगा। अभियान के तहत राज्य के प्रमुख जिलों और विश्वविद्यालयों में जाकर छात्रों से सीधे संवाद किया जाएगा। छात्र-युवा संसद और सम्मेलनों के जरिए शिक्षा, परीक्षा और रोजगार के मुद्दों पर स्थानीय स्तर से आवाज उठाने की योजना है।
शिक्षा के निजीकरण का भी विरोध
AISA बिहार के राज्य अध्यक्ष धनंजय ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के शासन में बिहार की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों को मजबूत करने की जगह निजीकरण, फीस बढ़ाने और बाहरी एजेंसियों के जरिए काम कराने को बढ़ावा दिया जा रहा है। संगठन का कहना है कि शिक्षा को आम छात्रों की पहुंच में रखने के लिए सरकारी संस्थानों को मजबूत करना जरूरी है।
बेरोजगारी को लेकर भी आंदोलन की तैयारी
AISA ने शिक्षा के साथ रोजगार के मुद्दे को भी अभियान के केंद्र में रखा है। संगठन का कहना है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी, परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों और भर्ती प्रक्रिया की समस्याओं का असर सीधे युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। इसी वजह से अभियान में सम्मानजनक रोजगार के अधिकार को भी प्रमुख मुद्दा बनाया गया है।
शिक्षा के ‘भगवाकरण’ का आरोप
राष्ट्रीय स्तर पर रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत कुशवाहा ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था में कथित ‘भगवाकरण’ को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा को वैज्ञानिक और लोकतांत्रिक सोच से जोड़ने के बजाय उसे सांप्रदायिक विचारधारा के अनुरूप ढालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्र और युवा ऐसी कोशिशों का विरोध करेंगे।
विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता का मुद्दा भी उठाया
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता का सवाल भी उठाया गया। AISA ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को स्वतंत्र तरीके से काम करने का अवसर मिलना चाहिए। संगठन का आरोप है कि विश्वविद्यालयों के कामकाज में बढ़ते हस्तक्षेप का असर पढ़ाई, शोध और छात्रों से जुड़े फैसलों पर पड़ रहा है। ‘Gen Z Rising’ के दौरान इस मुद्दे को भी छात्रों के बीच उठाने की बात कही गई है।
सिवान से छपरा तक कार्यक्रम
अभियान का पहला कार्यक्रम 11 अगस्त को सिवान में होगा। इसके बाद 13 अगस्त को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 18 अगस्त को बेतिया में छात्र-युवा कार्यक्रम रखा गया है। 19 अगस्त को जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा में कार्यक्रम के साथ मोतिहारी में छात्र-युवा संवाद का आयोजन होगा।
दरभंगा और मधेपुरा में भी पहुंचेगा अभियान
20 अगस्त को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा में अभियान के तहत कार्यक्रम होगा। इसके बाद 22 अगस्त को भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा में छात्रों से संवाद किया जाएगा। AISA का कहना है कि अलग-अलग विश्वविद्यालयों में पहुंचकर स्थानीय स्तर पर छात्रों की समस्याओं को समझा जाएगा और उन्हें अभियान के मुद्दों से जोड़ा जाएगा।
भागलपुर से गया तक कार्यक्रम
25 अगस्त को तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में कार्यक्रम होगा। 29 अगस्त को मगध विश्वविद्यालय, गया में छात्र-युवा कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके बाद 31 अगस्त को पूर्णिया विश्वविद्यालय में अभियान पहुंचेगा। इन कार्यक्रमों के दौरान परीक्षा, रोजगार, फीस और उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने की योजना है।
मुजफ्फरपुर और मुंगेर में भी जुटेंगे छात्र
2 सितंबर को बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर में कार्यक्रम होगा। इसके अगले दिन 3 सितंबर को मुंगेर विश्वविद्यालय में छात्र-युवा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। AISA ने कहा है कि अभियान का मकसद केवल विरोध प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि छात्रों की समस्याओं को लेकर लगातार संवाद और संगठन खड़ा करना भी है।
पटना में पहले चरण का समापन
‘Gen Z Rising’ अभियान के पहले चरण का अंतिम कार्यक्रम 7 सितंबर को पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय और पटना विश्वविद्यालय में आयोजित किया जाएगा। राजधानी में होने वाले इस कार्यक्रम के जरिए अलग-अलग जिलों और विश्वविद्यालयों में हुई बैठकों से सामने आए मुद्दों को एक साथ रखने की तैयारी है। संगठन इसके जरिए आगे की आंदोलन की रणनीति भी तय कर सकता है।
छात्रों से बड़ी संख्या में जुड़ने की अपील
AISA ने बिहार के छात्र-युवाओं से अभियान में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। संगठन ने शिक्षा बचाने, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और सम्मानजनक रोजगार के अधिकार को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही है। AISA के मुताबिक अभियान का उद्देश्य छात्रों की अलग-अलग समस्याओं को एक साझा मंच देना और उन्हें राज्यस्तरीय मुद्दे के रूप में उठाना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये नेता रहे मौजूद
पटना में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में AISA बिहार के राज्य अध्यक्ष धनंजय, राज्य सचिव दीपांकर, रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुशवाहा, AISA बिहार की राज्य उपाध्यक्ष सबा आफरीन और मनीषा के अलावा पटना विश्वविद्यालय से जुड़े कार्यकर्ता विवेक आनंद सुंदर मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में अभियान को छात्र समुदाय के बीच और व्यापक बनाया जाएगा।
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