By aryavartalive | Published: 30 September 2026 at 05:55 PM
बिहार में अपराध को लेकर सियासी बयानबाजी के बीच JDU ने RJD नेता तेजस्वी यादव पर पलटवार किया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शंभू नाथ सिन्हा ने कहा कि तेजस्वी यादव को अपराध और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बोलने से पहले अपने माता-पिता के शासनकाल को याद करना चाहिए।
शंभू नाथ सिन्हा ने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल में बिहार में अपराध की स्थिति गंभीर थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में हत्या, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे मामलों को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर लगातार सवाल उठते थे।
अपराध के आंकड़ों का दिया हवाला
JDU प्रवक्ता ने अपने बयान में पुराने शासनकाल के दौरान हत्या, दुष्कर्म, अपहरण और जातीय हिंसा से जुड़े कई आंकड़े भी गिनाए। हालांकि, उपलब्ध बिहार सरकार के आधिकारिक अपराध रिकॉर्ड में 2001 से 2005 तक के आंकड़े अलग-अलग वर्षों के लिए दर्ज हैं। मसलन, 2001 में हत्या के 3,619 और 2005 में 3,423 मामले दर्ज हुए थे।
‘उस दौर की घटनाएं आज भी याद’
सिन्हा ने कहा कि पुराने दौर में अपराध और डर का माहौल होने की बात लोगों की स्मृतियों में आज भी मौजूद है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराध की वजह से कारोबारी, किसान और युवा बिहार से बाहर जाने को मजबूर हुए।
NDA सरकार के कामकाज का किया बचाव
JDU प्रवक्ता ने मौजूदा NDA सरकार की कानून-व्यवस्था का बचाव करते हुए कहा कि अब अपराध के मामलों में कार्रवाई की जाती है और आरोपियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कदम उठाए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में भी सरकार ने काम किया है।
तेजस्वी के बयान पर सियासी जवाब
सिन्हा ने कहा कि अपराध के मुद्दे पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए पुराने शासनकाल के रिकॉर्ड और मौजूदा सरकार के कामकाज की तुलना की जानी चाहिए। बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।
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