By Malay Ojha | Published: 09 August 2026 at 03:42 PM
रांची में जेपीएससी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच तीसरे दौर की बातचीत से बड़ी खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार की कमेटी ने छात्रों को 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने का भरोसा दिया है। बैठक में पूरे मामले की सीआईडी जांच 90 दिनों के भीतर पूरी करने और आर्थिक मामलों से जुड़े पहलुओं की जांच ईडी से कराने की बात भी कही गई है। हालांकि, इन फैसलों पर अंतिम स्थिति आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही साफ होगी।
तीसरे दौर की बातचीत में क्या हुआ?
रांची में लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच बातचीत का दौर जारी है। तीसरे दौर की बैठक में परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी, जांच की दिशा और आगे होने वाली परीक्षाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, सरकार की कमेटी ने छात्रों की कई मांगों पर सहमति वाला रुख दिखाया है। सबसे बड़ा आश्वासन 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द करने को लेकर दिया गया।
14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने का भरोसा
छात्रों की सबसे प्रमुख मांग 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर रही है। परिणाम जारी होने के बाद परीक्षा प्रक्रिया और मूल्यांकन को लेकर अभ्यर्थियों ने कई सवाल उठाए थे। इसके बाद आंदोलन तेज हुआ और छात्र परीक्षा रद्द करने तथा पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग पर अड़े रहे। अब सरकार की कमेटी की ओर से परीक्षा रद्द करने की बात सामने आने के बाद आंदोलन में बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
90 दिन में पूरी होगी सीआईडी जांच
बैठक में सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि पूरे मामले की सीआईडी जांच 90 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। जांच में परीक्षा प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े लोगों की भूमिका को देखा जा रहा है। इससे पहले भी सीआईडी की कार्रवाई के दौरान जेपीएससी कार्यालय और अन्य ठिकानों पर छापेमारी हुई थी तथा मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आ चुकी है।
आर्थिक मामलों की जांच ईडी करेगी
परीक्षा विवाद के आर्थिक पहलू को लेकर भी सरकार की कमेटी ने बड़ा आश्वासन दिया है। सूत्रों के मुताबिक, पैसों के लेनदेन और आर्थिक मामलों से जुड़े पहलुओं की जांच प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी से कराने की बात कही गई है। इसका मतलब यह है कि मामले की जांच सिर्फ परीक्षा प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उससे जुड़े आर्थिक लेनदेन की भी पड़ताल की जा सकती है।
टीडीपीएल से जुड़ी परीक्षाएं भी जांच के घेरे में
बैठक में आउटसोर्सिंग एजेंसी टीडीपीएल की भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, इस एजेंसी के जरिए कराई गई सभी परीक्षाओं की जांच की जाएगी। परीक्षा से जुड़ी एजेंसी की भूमिका पहले से ही छात्रों के सवालों के घेरे में रही है। आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी चाहते हैं कि जिन संस्थाओं और अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई जाए, उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो।
बैकलॉग परीक्षाओं पर भी आया बड़ा अपडेट
14वीं जेपीएससी परीक्षा के अलावा वर्ष 2023 से 2025 के बीच की बैकलॉग परीक्षाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। बैठक से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, इन परीक्षाओं को रद्द करने की बात भी कही गई है। हालांकि, इस हिस्से को लेकर भी अभी आधिकारिक आदेश का इंतजार है। इसलिए फिलहाल इसे सरकार की कमेटी की ओर से बैठक में दिए गए आश्वासन के तौर पर ही देखा जा रहा है।
आखिर क्यों शुरू हुआ था छात्रों का आंदोलन?
जेपीएससी की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे। छात्रों ने श्रेणीवार कटऑफ जारी नहीं किए जाने और चयन सूची को लेकर भी आपत्ति जताई। इसके अलावा कथित उत्तर पुस्तिकाओं की तस्वीरें सामने आने के बाद परीक्षा प्रक्रिया को लेकर संदेह और गहरा गया। हालांकि, ऐसी तस्वीरों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी।
सीआईडी कार्रवाई के बाद और बढ़ा दबाव
मामला बढ़ने के बाद सरकार ने जांच सीआईडी को सौंपी। जांच के दौरान जेपीएससी से जुड़े अधिकारियों और परीक्षा से जुड़ी निजी एजेंसी के लोगों पर भी कार्रवाई हुई। जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष के इस्तीफे और कई परीक्षाओं के टलने के बाद विवाद और बड़ा हो गया। सीआईडी ने मामले में कई गिरफ्तारियां की हैं और परीक्षा से जुड़े दस्तावेज तथा डिजिटल सामग्री भी जांच के लिए जुटाई गई है।
छात्रों की बाकी मांगों पर भी नजर
छात्र सिर्फ एक परीक्षा रद्द करने की मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी मांगों में भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, तय समय पर परीक्षा कराने की व्यवस्था, परिणाम और कटऑफ से जुड़ी स्पष्ट जानकारी तथा परीक्षा प्रक्रिया में सुधार शामिल हैं। आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी जांच को लेकर भी सरकार से ज्यादा स्पष्ट और भरोसेमंद व्यवस्था की मांग करते रहे हैं।
अब आधिकारिक आदेश का इंतजार
तीसरे दौर की बातचीत में सामने आई जानकारी ने छात्रों के आंदोलन को लेकर तस्वीर जरूर बदली है, लेकिन अभी सबसे महत्वपूर्ण कदम आधिकारिक आदेश माना जाएगा। 14वीं जेपीएससी परीक्षा वास्तव में रद्द होती है या नहीं, बैकलॉग परीक्षाओं पर क्या अंतिम फैसला लिया जाता है और जांच की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है, यह सरकार के लिखित आदेश के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगा। फिलहाल छात्रों और अभ्यर्थियों की नजर इसी अगले फैसले पर टिकी है।
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