By Malay Ojha | Published: 10 August 2026 at 09:47 AM
झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा समेत दूसरी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच अब एक नए और अहम मोड़ पर पहुंच गई है। मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने सीआईडी की प्राथमिकी संख्या 16/26 के आधार पर धनशोधन की जांच शुरू करने के लिए ईसीआईआर दर्ज की है। इसके साथ ही अब जांच केवल परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह भी पता लगाया जाएगा कि इसके पीछे कहीं पैसों का खेल तो नहीं था।
ईडी की जांच का सबसे अहम हिस्सा कथित आर्थिक लेन-देन होगा। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि परीक्षा में गड़बड़ी कराने, परिणाम प्रभावित करने या किसी दूसरे तरीके से फायदा पहुंचाने के लिए कहीं पैसे का इस्तेमाल तो नहीं किया गया। अगर लेन-देन के सबूत सामने आते हैं तो उसके स्रोत और उससे जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
पांच सदस्यीय टीम रांची पहुंची
मामले की जांच के लिए ईडी की रांची इकाई से पांच सदस्यीय टीम के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इस टीम में एक सहायक निदेशक और चार निरीक्षक शामिल बताए जा रहे हैं। टीम परीक्षा विवाद से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों और लेन-देन की जानकारी जुटा सकती है। जरूरत पड़ने पर मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ भी की जा सकती है।
मनी ट्रेल से खुलेगा कई सवालों का जवाब
जांच के दौरान ईडी की नजर उन पैसों पर हो सकती है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ी में किया गया हो। एजेंसी यह देख सकती है कि किसी व्यक्ति या संस्था के खाते में संदिग्ध रकम पहुंची या नहीं, रकम कहां से आई और उसके बाद कहां गई। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि परीक्षा में पैसे का लेन-देन हुआ ही था। यह जांच का विषय है और ईडी को इसके प्रमाण जुटाने होंगे।
सीआईडी की जांच के आधार पर ईडी की कार्रवाई
ईडी ने जिस मामले को आधार बनाया है, उसमें झारखंड सीआईडी पहले से जांच कर रही है। 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के बाद सीआईडी ने कई जगहों पर कार्रवाई की थी। जुलाई में आयोग के कार्यालय और परीक्षा से जुड़ी दूसरी जगहों पर तलाशी भी हुई थी। जांच में आयोग से जुड़े अधिकारियों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी निजी कंपनी के लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है।
पहले से चल रही है गिरफ्तारी और पूछताछ
मामले में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। परीक्षा विवाद को लेकर चल रही जांच में यह कार्रवाई पहले ही सरकार और आयोग पर दबाव बढ़ा चुकी है। अब ईडी के जुड़ने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। खासकर अगर किसी तरह के संदिग्ध आर्थिक लेन-देन के दस्तावेज मिलते हैं तो जांच की दिशा परीक्षा प्रक्रिया से आगे बढ़कर उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क तक जा सकती है।
सरकार ने छात्रों से क्या कहा था?
ईडी की एंट्री ऐसे समय हुई है जब परीक्षा विवाद को लेकर सरकार और छात्रों के बीच लगातार बातचीत चल रही थी। रविवार को सरकार के प्रतिनिधियों और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बातचीत में सरकार की ओर से कहा गया था कि फिलहाल परीक्षा धांधली की जांच सीआईडी कर रही है। सरकार ने यह भी कहा था कि अगर जांच में आर्थिक घोटाले से जुड़ी कोई बात सामने आती है तो ईडी से जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा।
सरकार के आश्वासन से पहले ही ईडी सक्रिय
हालांकि, अब तस्वीर बदल गई है। सरकार की ओर से ईडी जांच के लिए आगे अनुरोध करने की बात कहे जाने के बीच ही एजेंसी ने मामले में ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इससे परीक्षा विवाद में वित्तीय पहलू की गंभीरता बढ़ गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईडी की जांच में किसी तरह का संदिग्ध लेन-देन सामने आता है या नहीं।
छात्रों की मांगों पर भी जारी है टकराव
जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। छात्र परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच, संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करने और भर्ती व्यवस्था में सुधार समेत कई मांगें उठा रहे हैं। दूसरी ओर, सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद सभी मुद्दों पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी है।
जेपीएससी के तीन सदस्यों का इस्तीफा भी चर्चा में
परीक्षा विवाद के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग के तीन सदस्यों के इस्तीफे भी स्वीकार किए गए हैं। राज्यपाल ने 9 अगस्त को अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद के इस्तीफे स्वीकार किए। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब आयोग की कार्यप्रणाली और भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
आज विधानसभा घेराव का ऐलान
उधर, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा को रद्द करने और जांच की मांग को लेकर छात्र संगठनों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय किया है। रविवार की बातचीत के बाद भी कई मांगों पर सहमति नहीं बनने से छात्रों का आंदोलन जारी रहने की बात सामने आई है। रांची प्रशासन ने भी प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है।
अब जांच के अगले कदम पर नजर
जेपीएससी परीक्षा विवाद में ईडी की एंट्री के बाद आने वाले दिनों में कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। क्या परीक्षा में कथित गड़बड़ी के पीछे वास्तव में पैसों का लेन-देन हुआ था? अगर हुआ तो रकम किसके पास पहुंची? पैसा कहां से आया और किन लोगों के बीच इसका लेन-देन हुआ? इन सवालों के जवाब अब सीआईडी की जांच के साथ-साथ ईडी की वित्तीय जांच से भी तलाशे जाएंगे। फिलहाल मामला जांच के दौर में है और किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले जांच एजेंसियों के निष्कर्ष का इंतजार करना होगा।
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