By Malay Ojha | Published: 26 June 2026 at 01:48 PM
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक और धार्मिक मोड़ ले लिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। दोनों के इस्तीफे ऐसे समय आए हैं, जब मामले में पहली एफआईआर दर्ज हो चुकी है और विशेष जांच दल की जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता मामले के सामने आने के बाद विपक्ष लगातार ट्रस्ट के पदाधिकारियों को निशाने पर ले रहा था। चंपत राय पर इस्तीफे का दबाव बढ़ रहा था और इसी बीच उनके पद छोड़ने की खबर सामने आई। अनिल मिश्रा ने भी ट्रस्ट की जिम्मेदारी से खुद को अलग कर लिया है।
एसआईटी रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई एफआईआर
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित विशेष जांच दल ने मामले की शुरुआती जांच पूरी करने के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर पहली एफआईआर दर्ज की गई। जांच एजेंसियां अब पूरे मामले की परतें खोलने में जुटी हैं और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
देवरिया से सीएम योगी का सख्त संदेश
इस पूरे विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को देवरिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा कि जन आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई करेगी।
‘अयोध्या हमारी आस्था का केंद्र’
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है और भगवान श्रीराम देश की सांस्कृतिक पहचान हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या पर किसी भी तरह का आक्षेप उचित नहीं है और हर व्यक्ति को भगवान श्रीराम की मर्यादा से सीख लेनी चाहिए।
पहले ही दे दी थी कार्रवाई की चेतावनी
सीएम योगी ने कहा कि उन्होंने पहले ही साफ कर दिया था कि जैसे ही एसआईटी की रिपोर्ट आएगी, उसी आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। अब रिपोर्ट आने के बाद सरकार ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है और दोषियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।
विपक्ष के निशाने पर था ट्रस्ट
चढ़ावा विवाद सामने आने के बाद विपक्षी दल लगातार ट्रस्ट के कामकाज पर सवाल उठा रहे थे। विपक्ष का आरोप है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है हलचल
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद अब पूरे मामले पर सबकी नजरें जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। राजनीतिक गलियारों से लेकर धार्मिक संगठनों तक इस मामले की चर्चा तेज हो गई है। जांच आगे बढ़ने के साथ कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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