By Malay Ojha | Published: 25 June 2026 at 03:35 PM
भोजपुर के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोई भी गंभीर घटना सामने आती है तो सरकार तुरंत उस पर चिंता जताती है और कार्रवाई करती है। उन्होंने साफ कहा कि भरत तिवारी मामले में भी सरकार ने देरी नहीं की और तुरंत न्यायिक जांच का रास्ता चुना।
पटना के ज्ञान भवन में आयोजित ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम में बोलते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि भोजपुर में जो घटना हुई, उसके बाद बिहार सरकार ने तत्काल न्यायिक आयोग का गठन किया। उनका कहना था कि अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई होगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।
पहले मीडिया के सवालों पर थे खामोश
सम्राट चौधरी की यह प्रतिक्रिया इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले जब पत्रकारों ने उनसे भरत तिवारी मामले पर सवाल पूछा था, तब उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया था। उस समय उनकी चुप्पी पर विपक्ष ने सवाल उठाए थे। अब मंच से दिया गया बयान सरकार के रुख को साफ करता दिख रहा है।
कैबिनेट की बैठक में लगी थी जांच पर मुहर
एक दिन पहले हुई मंत्रिमंडल की बैठक में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच को मंजूरी दी गई थी। इस बैठक की अध्यक्षता खुद सम्राट चौधरी ने की थी। इसके बाद पटना हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।
गांव पहुंच चुकी है जांच टीम
इस बीच गुरुवार को न्यायिक जांच टीम भोजपुर के बिलौटी गांव पहुंची, जहां भरत तिवारी का परिवार रहता है। टीम ने परिजनों से बातचीत की और लिखित आवेदन मांगा। परिवार ने एक बार फिर वही सवाल दोहराया कि अगर भरत ने हथियार डाल दिए थे, तो फिर गोली क्यों चलाई गई।
परिवार के आरोपों ने बढ़ाई सरकार की मुश्किल
भरत तिवारी के परिजनों का आरोप है कि यह एनकाउंटर नहीं, बल्कि योजनाबद्ध हत्या है। परिवार का कहना है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसे गोली मारी गई। यही आरोप अब जांच का सबसे संवेदनशील हिस्सा बन गए हैं।
संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम में भी उठा मुद्दा
पटना के ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में आपातकाल की बरसी को लेकर राजनीतिक संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई बड़े नेता मौजूद थे। सम्राट चौधरी ने जहां कांग्रेस पर आपातकाल को लेकर हमला बोला, वहीं भरत तिवारी मामले पर भी सरकार की सक्रियता दिखाने की कोशिश की।
अब जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर
अब पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि न्यायिक जांच क्या निष्कर्ष निकालती है। क्या परिवार के आरोप सही साबित होंगे या पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया जाएगा? फिलहाल गांव से लेकर सियासी गलियारों तक हर किसी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
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