Thursday, June 4, 2026

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पहलाज निहलानी: जिस शख्स ने दी थीं हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट फिल्में, आखिर कैसे थम गई उसकी जिंदगी की रील?

By Malay Ojha | Published: 04 June 2026 at 12:39 PM

हिंदी सिनेमा से जुड़ी एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने फिल्म प्रेमियों और मनोरंजन जगत को भावुक कर दिया है। दिग्गज फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे निहलानी ने अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

बताया जा रहा है कि पहलाज निहलानी पिछले काफी समय से अस्वस्थ थे। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका उपचार चल रहा था। कुछ दिन पहले डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें घर ले जाया गया था। परिवार के बीच रहते हुए उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की पुष्टि उनके करीबी सहयोगियों ने भी की है।

अंतिम विदाई की तैयारियां
निहलानी के निधन के बाद परिवार, मित्रों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों में शोक का माहौल है। उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया तय कर दी गई है और बड़ी संख्या में फिल्मी हस्तियों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। उनके प्रशंसक भी सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

हिंदी सिनेमा को दी कई यादगार फिल्में
पहलाज निहलानी उन निर्माताओं में गिने जाते थे जिन्होंने व्यावसायिक फिल्मों की नब्ज को बहुत अच्छी तरह समझा। अस्सी और नब्बे के दशक में उनकी कई फिल्मों ने टिकट खिड़की पर शानदार सफलता हासिल की। उन्होंने ऐसे दौर में फिल्म निर्माण किया जब पारिवारिक और मनोरंजन प्रधान फिल्मों का दबदबा था। उनकी फिल्मों ने दर्शकों को भरपूर मनोरंजन दिया और कई कलाकारों के करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

गोविंदा के करियर में निभाई अहम भूमिका
अभिनेता गोविंदा के शुरुआती फिल्मी सफर में पहलाज निहलानी का योगदान विशेष रूप से याद किया जाता है। उन्होंने गोविंदा को ऐसे अवसर दिए, जिन्होंने उन्हें मुख्यधारा के सफल अभिनेताओं की श्रेणी में पहुंचाने में मदद की। उनकी निर्माणाधीन फिल्मों ने दर्शकों का भरपूर प्यार हासिल किया और लंबे समय तक सिनेमाघरों में सफल प्रदर्शन किया।

एक ऐसी फिल्म जिसने तोड़ दिए थे रिकॉर्ड
उनके करियर की सबसे चर्चित उपलब्धियों में एक वह फिल्म भी रही जिसने अपने समय में कमाई के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। उस फिल्म की सफलता ने पहलाज निहलानी को हिंदी सिनेमा के सबसे सफल निर्माताओं की सूची में शामिल कर दिया। मनोरंजन, हास्य और पारिवारिक भावनाओं से भरपूर उनकी फिल्मों का दर्शकों पर गहरा प्रभाव रहा।

जब संभाली केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की जिम्मेदारी
फिल्म निर्माण के अलावा पहलाज निहलानी को उनके प्रशासनिक कार्यकाल के लिए भी याद किया जाएगा। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की कमान संभालने के दौरान उन्होंने फिल्मों में दिखाई जाने वाली सामग्री को लेकर कड़ा रुख अपनाया था। इसी वजह से उनका कार्यकाल लगातार चर्चा और विवादों में बना रहा।

कई फिल्मों को लेकर हुआ था बड़ा विवाद
बोर्ड के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने कई चर्चित फिल्मों में बदलाव और कट लगाने की सिफारिश की थी। इस फैसले ने फिल्मकारों और बोर्ड के बीच कई बार टकराव की स्थिति पैदा कर दी। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सेंसरशिप को लेकर उस समय देशभर में बहस छिड़ गई थी। हालांकि निहलानी हमेशा अपने फैसलों को नियमों और जिम्मेदारियों के अनुरूप बताते रहे।

निर्माताओं के अधिकारों के लिए भी किया काम
फिल्म निर्माण के अलावा उन्होंने निर्माता संगठनों के साथ भी लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई। मनोरंजन उद्योग से जुड़े निर्माताओं के हितों की रक्षा और उनके अधिकारों के लिए उन्होंने वर्षों तक काम किया। यही वजह है कि उद्योग जगत में उन्हें केवल निर्माता ही नहीं बल्कि एक प्रभावशाली संगठनकर्ता के रूप में भी याद किया जाता है।

बीमारी से जुड़ी पुरानी घटनाएं भी रहीं चर्चा में
करीब पांच वर्ष पहले भी उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उस समय उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। कई दिनों तक गहन चिकित्सा इकाई में उनका उपचार चला था। बाद में स्वस्थ होने के बाद उन्होंने उस दौर के अनुभवों को सार्वजनिक रूप से साझा भी किया था।

हिंदी सिनेमा के एक दौर का हुआ अंत
पहलाज निहलानी का निधन केवल एक व्यक्ति की विदाई नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा के एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन माना जा रहा है। निर्माता, प्रशासक और उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि के रूप में उन्होंने कई दशकों तक अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

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पहलाज निहलानी: जिस शख्स ने दी थीं हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट फिल्में, आखिर कैसे थम गई उसकी जिंदगी की रील?

By Malay Ojha | Published: 04 June 2026 at 12:39 PM

हिंदी सिनेमा से जुड़ी एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने फिल्म प्रेमियों और मनोरंजन जगत को भावुक कर दिया है। दिग्गज फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे निहलानी ने अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

बताया जा रहा है कि पहलाज निहलानी पिछले काफी समय से अस्वस्थ थे। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका उपचार चल रहा था। कुछ दिन पहले डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें घर ले जाया गया था। परिवार के बीच रहते हुए उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की पुष्टि उनके करीबी सहयोगियों ने भी की है।

अंतिम विदाई की तैयारियां
निहलानी के निधन के बाद परिवार, मित्रों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों में शोक का माहौल है। उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया तय कर दी गई है और बड़ी संख्या में फिल्मी हस्तियों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। उनके प्रशंसक भी सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

हिंदी सिनेमा को दी कई यादगार फिल्में
पहलाज निहलानी उन निर्माताओं में गिने जाते थे जिन्होंने व्यावसायिक फिल्मों की नब्ज को बहुत अच्छी तरह समझा। अस्सी और नब्बे के दशक में उनकी कई फिल्मों ने टिकट खिड़की पर शानदार सफलता हासिल की। उन्होंने ऐसे दौर में फिल्म निर्माण किया जब पारिवारिक और मनोरंजन प्रधान फिल्मों का दबदबा था। उनकी फिल्मों ने दर्शकों को भरपूर मनोरंजन दिया और कई कलाकारों के करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

गोविंदा के करियर में निभाई अहम भूमिका
अभिनेता गोविंदा के शुरुआती फिल्मी सफर में पहलाज निहलानी का योगदान विशेष रूप से याद किया जाता है। उन्होंने गोविंदा को ऐसे अवसर दिए, जिन्होंने उन्हें मुख्यधारा के सफल अभिनेताओं की श्रेणी में पहुंचाने में मदद की। उनकी निर्माणाधीन फिल्मों ने दर्शकों का भरपूर प्यार हासिल किया और लंबे समय तक सिनेमाघरों में सफल प्रदर्शन किया।

एक ऐसी फिल्म जिसने तोड़ दिए थे रिकॉर्ड
उनके करियर की सबसे चर्चित उपलब्धियों में एक वह फिल्म भी रही जिसने अपने समय में कमाई के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। उस फिल्म की सफलता ने पहलाज निहलानी को हिंदी सिनेमा के सबसे सफल निर्माताओं की सूची में शामिल कर दिया। मनोरंजन, हास्य और पारिवारिक भावनाओं से भरपूर उनकी फिल्मों का दर्शकों पर गहरा प्रभाव रहा।

जब संभाली केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की जिम्मेदारी
फिल्म निर्माण के अलावा पहलाज निहलानी को उनके प्रशासनिक कार्यकाल के लिए भी याद किया जाएगा। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की कमान संभालने के दौरान उन्होंने फिल्मों में दिखाई जाने वाली सामग्री को लेकर कड़ा रुख अपनाया था। इसी वजह से उनका कार्यकाल लगातार चर्चा और विवादों में बना रहा।

कई फिल्मों को लेकर हुआ था बड़ा विवाद
बोर्ड के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने कई चर्चित फिल्मों में बदलाव और कट लगाने की सिफारिश की थी। इस फैसले ने फिल्मकारों और बोर्ड के बीच कई बार टकराव की स्थिति पैदा कर दी। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सेंसरशिप को लेकर उस समय देशभर में बहस छिड़ गई थी। हालांकि निहलानी हमेशा अपने फैसलों को नियमों और जिम्मेदारियों के अनुरूप बताते रहे।

निर्माताओं के अधिकारों के लिए भी किया काम
फिल्म निर्माण के अलावा उन्होंने निर्माता संगठनों के साथ भी लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई। मनोरंजन उद्योग से जुड़े निर्माताओं के हितों की रक्षा और उनके अधिकारों के लिए उन्होंने वर्षों तक काम किया। यही वजह है कि उद्योग जगत में उन्हें केवल निर्माता ही नहीं बल्कि एक प्रभावशाली संगठनकर्ता के रूप में भी याद किया जाता है।

बीमारी से जुड़ी पुरानी घटनाएं भी रहीं चर्चा में
करीब पांच वर्ष पहले भी उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उस समय उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। कई दिनों तक गहन चिकित्सा इकाई में उनका उपचार चला था। बाद में स्वस्थ होने के बाद उन्होंने उस दौर के अनुभवों को सार्वजनिक रूप से साझा भी किया था।

हिंदी सिनेमा के एक दौर का हुआ अंत
पहलाज निहलानी का निधन केवल एक व्यक्ति की विदाई नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा के एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन माना जा रहा है। निर्माता, प्रशासक और उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि के रूप में उन्होंने कई दशकों तक अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

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