Thursday, June 4, 2026

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ललित मोदी ने पीएम मोदी को लेकर किया बड़ा खुलासा! बताया- किस मुद्दे पर घंटों होती थी दोनों की बातचीत

By Malay Ojha | Published: 04 June 2026 at 02:07 PM

भारत में क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की भावना है। यही वजह है कि क्रिकेट से जुड़ी हर बड़ी हस्ती का बयान चर्चा का विषय बन जाता है। अब पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर ऐसा खुलासा किया है, जिसने एक बार फिर राजनीतिक और खेल जगत में बहस छेड़ दी है। लंदन में दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में ललित मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके संबंध किस आधार पर बने और दोनों के बीच किस तरह की बातचीत हुआ करती थी।

ललित मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से क्रिकेट में गहरी रुचि रखते रहे हैं। खासतौर पर गुजरात में क्रिकेट सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक खेल ढांचे को विकसित करने को लेकर उनकी दिलचस्पी काफी ज्यादा थी। मोदी के अनुसार उनकी और प्रधानमंत्री की अधिकांश बातचीत क्रिकेट और उससे जुड़े विकास कार्यों तक ही सीमित रहती थी।

राजनीति नहीं, क्रिकेट था बातचीत का केंद्र
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके और नरेंद्र मोदी के बीच जो निकटता थी, वह राजनीतिक नहीं बल्कि क्रिकेट से जुड़ी थी। उनके अनुसार दोनों के बीच कभी राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा नहीं होती थी।

ललित मोदी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब कुछ दिन पहले उन्होंने अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर खेल जगत तक काफी चर्चा देखने को मिली थी।

स्टेडियम पर बयान से मचा था विवाद
उन्होंने कहा था कि यदि उन्हें मौका मिले तो वह इस स्टेडियम को फिर से डिजाइन करना पसंद करेंगे ताकि दर्शकों को दुनिया के सबसे बेहतरीन खेल मैदानों जैसा अनुभव मिल सके। इस बयान के बाद कई लोगों ने इसे स्टेडियम की आलोचना के रूप में देखा था।

हालांकि अब ललित मोदी ने अपने पुराने बयान को लेकर सफाई भी दी है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी स्टेडियम को कमतर दिखाना नहीं था। बल्कि वह भारत में खेल सुविधाओं को अगले स्तर तक ले जाने की बात कर रहे थे।

उनके मुताबिक आज नरेंद्र मोदी स्टेडियम देश का सबसे शानदार क्रिकेट मैदान है। लेकिन यदि भारत को दुनिया के शीर्ष खेल देशों की श्रेणी में और मजबूती से खड़ा होना है तो खेल ढांचे को लगातार बेहतर बनाते रहना होगा।

बयान पर दी विस्तृत सफाई
उन्होंने कहा कि अगर वह किसी स्टेडियम को दोबारा बनाने की बात करते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह खराब है, बल्कि उनका लक्ष्य दर्शकों के अनुभव को विश्वस्तरीय बनाना है।

ललित मोदी का मानना है कि भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड आज दुनिया के सबसे समृद्ध खेल संगठनों में शामिल है। बोर्ड के पास आर्थिक संसाधनों की कोई कमी नहीं है और उसका प्रभाव भी वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ा है।

ऐसे में भारत को ऐसे खेल मैदान विकसित करने चाहिए जो दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित स्टेडियमों की बराबरी कर सकें। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई बड़े खेल मैदान केवल मैच देखने की जगह नहीं हैं, बल्कि वे दर्शकों को एक अनूठा अनुभव भी देते हैं।

भारतीय क्रिकेट को लेकर बड़ा विजन
उन्होंने कहा कि भारत में क्रिकेट के प्रति जुनून दुनिया के किसी भी देश से कम नहीं है। इसलिए यहां के दर्शकों को भी सर्वोत्तम सुविधाएं मिलनी चाहिए। उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को सिर्फ खेल प्रदर्शन में ही नहीं बल्कि खेल सुविधाओं के मामले में भी वैश्विक मानक स्थापित करने चाहिए।

ललित मोदी के इस बयान ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या भारत को अब केवल बड़े स्टेडियम बनाने के बजाय उन्हें दर्शकों के लिए और आधुनिक बनाने पर ध्यान देना चाहिए। आने वाले समय में यह चर्चा और तेज हो सकती है।

International

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ललित मोदी ने पीएम मोदी को लेकर किया बड़ा खुलासा! बताया- किस मुद्दे पर घंटों होती थी दोनों की बातचीत

By Malay Ojha | Published: 04 June 2026 at 02:07 PM

भारत में क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की भावना है। यही वजह है कि क्रिकेट से जुड़ी हर बड़ी हस्ती का बयान चर्चा का विषय बन जाता है। अब पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर ऐसा खुलासा किया है, जिसने एक बार फिर राजनीतिक और खेल जगत में बहस छेड़ दी है। लंदन में दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में ललित मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके संबंध किस आधार पर बने और दोनों के बीच किस तरह की बातचीत हुआ करती थी।

ललित मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से क्रिकेट में गहरी रुचि रखते रहे हैं। खासतौर पर गुजरात में क्रिकेट सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक खेल ढांचे को विकसित करने को लेकर उनकी दिलचस्पी काफी ज्यादा थी। मोदी के अनुसार उनकी और प्रधानमंत्री की अधिकांश बातचीत क्रिकेट और उससे जुड़े विकास कार्यों तक ही सीमित रहती थी।

राजनीति नहीं, क्रिकेट था बातचीत का केंद्र
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके और नरेंद्र मोदी के बीच जो निकटता थी, वह राजनीतिक नहीं बल्कि क्रिकेट से जुड़ी थी। उनके अनुसार दोनों के बीच कभी राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा नहीं होती थी।

ललित मोदी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब कुछ दिन पहले उन्होंने अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर खेल जगत तक काफी चर्चा देखने को मिली थी।

स्टेडियम पर बयान से मचा था विवाद
उन्होंने कहा था कि यदि उन्हें मौका मिले तो वह इस स्टेडियम को फिर से डिजाइन करना पसंद करेंगे ताकि दर्शकों को दुनिया के सबसे बेहतरीन खेल मैदानों जैसा अनुभव मिल सके। इस बयान के बाद कई लोगों ने इसे स्टेडियम की आलोचना के रूप में देखा था।

हालांकि अब ललित मोदी ने अपने पुराने बयान को लेकर सफाई भी दी है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी स्टेडियम को कमतर दिखाना नहीं था। बल्कि वह भारत में खेल सुविधाओं को अगले स्तर तक ले जाने की बात कर रहे थे।

उनके मुताबिक आज नरेंद्र मोदी स्टेडियम देश का सबसे शानदार क्रिकेट मैदान है। लेकिन यदि भारत को दुनिया के शीर्ष खेल देशों की श्रेणी में और मजबूती से खड़ा होना है तो खेल ढांचे को लगातार बेहतर बनाते रहना होगा।

बयान पर दी विस्तृत सफाई
उन्होंने कहा कि अगर वह किसी स्टेडियम को दोबारा बनाने की बात करते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह खराब है, बल्कि उनका लक्ष्य दर्शकों के अनुभव को विश्वस्तरीय बनाना है।

ललित मोदी का मानना है कि भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड आज दुनिया के सबसे समृद्ध खेल संगठनों में शामिल है। बोर्ड के पास आर्थिक संसाधनों की कोई कमी नहीं है और उसका प्रभाव भी वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ा है।

ऐसे में भारत को ऐसे खेल मैदान विकसित करने चाहिए जो दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित स्टेडियमों की बराबरी कर सकें। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई बड़े खेल मैदान केवल मैच देखने की जगह नहीं हैं, बल्कि वे दर्शकों को एक अनूठा अनुभव भी देते हैं।

भारतीय क्रिकेट को लेकर बड़ा विजन
उन्होंने कहा कि भारत में क्रिकेट के प्रति जुनून दुनिया के किसी भी देश से कम नहीं है। इसलिए यहां के दर्शकों को भी सर्वोत्तम सुविधाएं मिलनी चाहिए। उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को सिर्फ खेल प्रदर्शन में ही नहीं बल्कि खेल सुविधाओं के मामले में भी वैश्विक मानक स्थापित करने चाहिए।

ललित मोदी के इस बयान ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या भारत को अब केवल बड़े स्टेडियम बनाने के बजाय उन्हें दर्शकों के लिए और आधुनिक बनाने पर ध्यान देना चाहिए। आने वाले समय में यह चर्चा और तेज हो सकती है।

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