By Malay Ojha | Published: 04 June 2026 at 09:06 PM
भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की नई सूची जारी कर दी है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इस सूची में अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, मणिपुर, राजस्थान और ओडिशा सहित कई राज्यों से प्रमुख नेताओं को टिकट दिया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस सूची में संगठन से लेकर जमीनी राजनीति तक सक्रिय कई चेहरे शामिल किए गए हैं।
इस सूची में अरुणाचल प्रदेश से ताई तगाक को उम्मीदवार बनाया गया है। गुजरात से राजूभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार, जीतेंद्र मेघजीभाई और कंजारिया को टिकट मिला है। मध्य प्रदेश से तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को मौका दिया गया है। वहीं मणिपुर से ए शारदी देवी को उम्मीदवार घोषित किया गया है। राजस्थान से डॉ. अलका गुर्जर और सतीश पुनिया को राज्यसभा के लिए चुना गया है, जबकि ओडिशा से देबाशीष सामंतराय को उम्मीदवार बनाया गया है।
राज्यों के अनुसार राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश
इस सूची से साफ संकेत मिलता है कि पार्टी ने क्षेत्रीय संतुलन और संगठनात्मक मजबूती दोनों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है। अलग-अलग राज्यों से नेताओं को शामिल कर पार्टी ने सामाजिक और राजनीतिक समीकरण साधने की रणनीति अपनाई है, जिससे राज्यसभा में उसकी स्थिति और मजबूत हो सके।
सतीश पुनिया की राजनीतिक यात्रा और संगठन में पकड़
राजस्थान से उम्मीदवार बनाए गए सतीश पुनिया भारतीय जनता पार्टी के अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और धीरे-धीरे संगठन में अपनी मजबूत पकड़ बनाई। वे राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं और विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्तमान में वे हरियाणा संगठन के प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। जाट समुदाय से आने वाले पुनिया को राजस्थान और हरियाणा की राजनीतिक समझ का विशेषज्ञ माना जाता है।
तरुण चुग की संगठन में रणनीतिक भूमिका
मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाए गए तरुण चुग कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे और वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। उन्हें संगठन में संकटमोचक और चुनावी रणनीति का मजबूत खिलाड़ी माना जाता है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और तेलंगाना जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। संगठन के भीतर कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने और चुनावी प्रबंधन में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है।
देबाशीष सामंतराय का दल बदल और राजनीतिक सफर
ओडिशा से उम्मीदवार बनाए गए देबाशीष सामंतराय कटक क्षेत्र के जमीनी नेता माने जाते हैं। उन्होंने हाल ही में बीजू जनता दल छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। पार्टी बदलने से ठीक पहले उन्होंने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। वे लंबे समय तक ओडिशा की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और कई बार विधायक भी रह चुके हैं।

