Friday, June 5, 2026

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छपरा में अमोनिया गैस रिसाव से मचा हड़कंप, सुरक्षा इंतजामों की पोल खुली; 4 लोग अस्पताल पहुंचाए गए

By Malay Ojha | Published: 05 June 2026 at 12:48 PM

सारण जिले के छपरा शहर में गुरुवार देर रात एक कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस का रिसाव होने के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना में चार लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि कोल्ड स्टोरेज में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाएं मौजूद नहीं थीं, जिससे इस घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के साढ़ा ढाला मोहल्ले स्थित रामा कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस का रिसाव हुआ था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गैस की मुख्य आपूर्ति लाइन तत्काल बंद कर दी गई। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि प्रतिष्ठान में सुरक्षा मानकों के अनुरूप पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। प्रशासन अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।

देर रात धमाके जैसी आवाज के बाद फैली जहरीली गैस
स्थानीय लोगों ने बताया कि देर रात कोल्ड स्टोरेज परिसर से अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। इसके कुछ ही देर बाद आसपास के इलाकों में तीखी गंध फैलने लगी। लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी, चक्कर और उल्टी जैसी शिकायतें होने लगीं। देखते ही देखते पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल बन गया।

बच्चों समेत चार लोगों की तबीयत बिगड़ी
गैस की चपेट में आने वालों में छह वर्षीय रोशन, पांच वर्षीय अभय कुमार, 16 वर्षीय किरण कुमारी और 52 वर्षीय मोनाको देवी शामिल हैं। सभी को तत्काल एंबुलेंस की मदद से छपरा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश लोगों की स्थिति नियंत्रण में है, जबकि एक किशोरी को निगरानी में रखकर उपचार दिया जा रहा है।

घरों से बाहर निकल आए लोग
घटना के बाद इलाके के लोग रात में ही अपने घरों से बाहर निकल आए। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में सबसे अधिक डर देखा गया। कई लोगों ने घबराहट और सांस फूलने की शिकायत की। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गैस पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो हालात और अधिक गंभीर हो सकते थे।

फायर ब्रिगेड और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। गैस के प्रभाव को कम करने के लिए लगातार पानी का छिड़काव किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। अधिकारियों ने आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह भी दी।

सुरक्षा नियमों के पालन पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि खतरनाक गैसों और रसायनों का उपयोग करने वाले प्रतिष्ठानों की नियमित जांच होनी चाहिए। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया जा रहा था, तो फिर गैस रिसाव जैसी घटना कैसे हुई।

हाल की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में राज्य में सुरक्षा संबंधी कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। कुछ दिन पहले मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से कई लोगों की जान चली गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े कर रही हैं।

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छपरा में अमोनिया गैस रिसाव से मचा हड़कंप, सुरक्षा इंतजामों की पोल खुली; 4 लोग अस्पताल पहुंचाए गए

By Malay Ojha | Published: 05 June 2026 at 12:48 PM

सारण जिले के छपरा शहर में गुरुवार देर रात एक कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस का रिसाव होने के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना में चार लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि कोल्ड स्टोरेज में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाएं मौजूद नहीं थीं, जिससे इस घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के साढ़ा ढाला मोहल्ले स्थित रामा कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस का रिसाव हुआ था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गैस की मुख्य आपूर्ति लाइन तत्काल बंद कर दी गई। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि प्रतिष्ठान में सुरक्षा मानकों के अनुरूप पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। प्रशासन अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।

देर रात धमाके जैसी आवाज के बाद फैली जहरीली गैस
स्थानीय लोगों ने बताया कि देर रात कोल्ड स्टोरेज परिसर से अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। इसके कुछ ही देर बाद आसपास के इलाकों में तीखी गंध फैलने लगी। लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी, चक्कर और उल्टी जैसी शिकायतें होने लगीं। देखते ही देखते पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल बन गया।

बच्चों समेत चार लोगों की तबीयत बिगड़ी
गैस की चपेट में आने वालों में छह वर्षीय रोशन, पांच वर्षीय अभय कुमार, 16 वर्षीय किरण कुमारी और 52 वर्षीय मोनाको देवी शामिल हैं। सभी को तत्काल एंबुलेंस की मदद से छपरा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश लोगों की स्थिति नियंत्रण में है, जबकि एक किशोरी को निगरानी में रखकर उपचार दिया जा रहा है।

घरों से बाहर निकल आए लोग
घटना के बाद इलाके के लोग रात में ही अपने घरों से बाहर निकल आए। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में सबसे अधिक डर देखा गया। कई लोगों ने घबराहट और सांस फूलने की शिकायत की। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गैस पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो हालात और अधिक गंभीर हो सकते थे।

फायर ब्रिगेड और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। गैस के प्रभाव को कम करने के लिए लगातार पानी का छिड़काव किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। अधिकारियों ने आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह भी दी।

सुरक्षा नियमों के पालन पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि खतरनाक गैसों और रसायनों का उपयोग करने वाले प्रतिष्ठानों की नियमित जांच होनी चाहिए। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया जा रहा था, तो फिर गैस रिसाव जैसी घटना कैसे हुई।

हाल की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में राज्य में सुरक्षा संबंधी कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। कुछ दिन पहले मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से कई लोगों की जान चली गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े कर रही हैं।

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