By Malay Ojha | Published: 06 June 2026 at 01:31 PM
जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले हुए प्रदर्शन के बीच राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर कड़ी कर दी गई। प्रदर्शन में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई।
सुबह से ही जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। अभिजीत दीपके राजधानी पहुंचने के बाद सीधे प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने समर्थकों को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए और मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।
राजधानी में हाई अलर्ट घोषित
प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को विशेष निगरानी में रखा। अधिकारियों के अनुसार किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई।
अर्द्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती
सूत्रों के अनुसार कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्द्धसैनिक बलों की कई कंपनियां तैनात की गईं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। संयुक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते रहे।
प्रमुख मार्गों पर बढ़ाई गई जांच
प्रदर्शन के मद्देनजर मध्य क्षेत्र और अन्य महत्वपूर्ण इलाकों की ओर जाने वाले वाहनों की सघन जांच की गई। पुलिस ने कई स्थानों पर विशेष जांच चौकियां स्थापित कीं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर भी बढ़ी सुरक्षा
एहतियात के तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास के बाहर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई। अधिकारियों का मानना था कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रत्याशित स्थिति की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता आवश्यक है।
सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर
सुरक्षा एजेंसियां केवल प्रदर्शन स्थल तक सीमित नहीं रहीं। अधिकारियों के अनुसार विभिन्न सामाजिक मंचों पर चल रही गतिविधियों और संदेशों की भी निगरानी की गई। विशेष शाखा को अलग-अलग जिलों में स्थिति पर नजर रखने और समय-समय पर रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी दी गई थी।
परिवहन व्यवस्था पर भी रखी गई निगरानी
सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने निजी वाहन सेवा प्रदाताओं के साथ भी समन्वय स्थापित किया था। इसका उद्देश्य प्रदर्शन स्थल की ओर आने-जाने वाले लोगों की संख्या और यातायात की स्थिति का आकलन करना था। किसी भी असामान्य गतिविधि पर नजर रखने के लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया।
कैसे शुरू हुई यह मुहिम
यह अभियान पिछले महीने हुई एक न्यायिक सुनवाई के बाद चर्चा में आया था। एक टिप्पणी को लेकर सामाजिक मंचों पर व्यंग्यात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जिसने बाद में एक संगठित ऑनलाइन अभियान का रूप ले लिया। समय के साथ इस अभियान से बड़ी संख्या में लोग जुड़ते चले गए और इसकी पहुंच विभिन्न राज्यों तक फैल गई।
सुरक्षा और प्रदर्शन दोनों पर रही नजर
शनिवार का प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता थी। पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी गई ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।

