Sunday, June 7, 2026

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काशी में मीट-मांस और मछली की दुकानें होंगी शहर से बाहर, 6 महीने में लागू होगी नई व्यवस्था

By Malay Ojha | Published: 07 June 2026 at 03:28 PM

धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। शहर के भीतर संचालित मीट-मांस और मछली की दुकानों को चरणबद्ध तरीके से बाहरी क्षेत्रों में स्थानांतरित करने पर सहमति बन गई है। नगर निगम का दावा है कि अगले छह महीनों के भीतर इस योजना को लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए पांच स्थानों का चयन भी कर लिया गया है, जहां नए बाजार विकसित किए जाएंगे।

नगर निगम की साधारण सभा की बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता महापौर अशोक कुमार तिवारी ने की। चर्चा के दौरान यह तय किया गया कि शहर के बीचोंबीच संचालित मीट-मांस और मछली की दुकानों को व्यवस्थित रूप से बाहरी क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि शहर की स्वच्छता और सांस्कृतिक पहचान को बेहतर बनाया जा सके।

पांच स्थानों का चयन पूरा
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन को जानकारी दी कि योजना के पहले चरण के लिए पांच स्थान चिन्हित किए जा चुके हैं। इनमें रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों का चयन इस प्रकार किया गया है कि लोगों को खरीदारी के लिए अत्यधिक दूरी तय न करनी पड़े और व्यापारियों को भी कारोबार जारी रखने में सुविधा मिले।

सदन में उठा पुराना मुद्दा
बैठक के दौरान पार्षद गुलशन अली ने इस विषय को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि लगभग एक वर्ष पहले भी इसी प्रकार का प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन उस पर अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो सकी। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि विभिन्न अवसरों पर दुकानों के बंद रहने से इस व्यवसाय से जुड़े लोगों की आय प्रभावित होती है।

नगर आयुक्त ने दिया आश्वासन
सदन में उठे सवालों के जवाब में नगर आयुक्त ने कहा कि इस बार योजना केवल प्रस्ताव तक सीमित नहीं रहेगी। स्थानों की पहचान पूरी हो चुकी है और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चरणबद्ध तरीके से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।

पर्यटन और धार्मिक पहचान पर जोर
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि काशी देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में शहर को स्वच्छ, व्यवस्थित और उसकी धार्मिक-सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप बनाए रखना नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत यह निर्णय लिया गया है।

व्यापारियों और नागरिकों पर क्या होगा असर
नगर निगम की योजना लागू होने के बाद शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित मीट-मांस और मछली की दुकानों को नई जगहों पर स्थानांतरित किया जाएगा। इससे एक ओर शहर के प्रमुख मार्गों और बाजारों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों को नए स्थानों पर व्यवस्थित बाजार उपलब्ध कराने की तैयारी भी की जा रही है।

शहरी विकास की दिशा में अहम कदम
नगर निगम के इस निर्णय को केवल बाजार स्थानांतरण तक सीमित नहीं माना जा रहा है। इसे काशी के दीर्घकालिक शहरी विकास, पर्यटन प्रबंधन और नगर नियोजन से जुड़े बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। यदि योजना तय समय सीमा के भीतर लागू होती है तो आने वाले महीनों में शहर का स्वरूप बदलता हुआ दिखाई दे सकता है।

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काशी में मीट-मांस और मछली की दुकानें होंगी शहर से बाहर, 6 महीने में लागू होगी नई व्यवस्था

By Malay Ojha | Published: 07 June 2026 at 03:28 PM

धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। शहर के भीतर संचालित मीट-मांस और मछली की दुकानों को चरणबद्ध तरीके से बाहरी क्षेत्रों में स्थानांतरित करने पर सहमति बन गई है। नगर निगम का दावा है कि अगले छह महीनों के भीतर इस योजना को लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए पांच स्थानों का चयन भी कर लिया गया है, जहां नए बाजार विकसित किए जाएंगे।

नगर निगम की साधारण सभा की बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता महापौर अशोक कुमार तिवारी ने की। चर्चा के दौरान यह तय किया गया कि शहर के बीचोंबीच संचालित मीट-मांस और मछली की दुकानों को व्यवस्थित रूप से बाहरी क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि शहर की स्वच्छता और सांस्कृतिक पहचान को बेहतर बनाया जा सके।

पांच स्थानों का चयन पूरा
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन को जानकारी दी कि योजना के पहले चरण के लिए पांच स्थान चिन्हित किए जा चुके हैं। इनमें रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों का चयन इस प्रकार किया गया है कि लोगों को खरीदारी के लिए अत्यधिक दूरी तय न करनी पड़े और व्यापारियों को भी कारोबार जारी रखने में सुविधा मिले।

सदन में उठा पुराना मुद्दा
बैठक के दौरान पार्षद गुलशन अली ने इस विषय को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि लगभग एक वर्ष पहले भी इसी प्रकार का प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन उस पर अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो सकी। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि विभिन्न अवसरों पर दुकानों के बंद रहने से इस व्यवसाय से जुड़े लोगों की आय प्रभावित होती है।

नगर आयुक्त ने दिया आश्वासन
सदन में उठे सवालों के जवाब में नगर आयुक्त ने कहा कि इस बार योजना केवल प्रस्ताव तक सीमित नहीं रहेगी। स्थानों की पहचान पूरी हो चुकी है और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चरणबद्ध तरीके से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।

पर्यटन और धार्मिक पहचान पर जोर
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि काशी देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में शहर को स्वच्छ, व्यवस्थित और उसकी धार्मिक-सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप बनाए रखना नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत यह निर्णय लिया गया है।

व्यापारियों और नागरिकों पर क्या होगा असर
नगर निगम की योजना लागू होने के बाद शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित मीट-मांस और मछली की दुकानों को नई जगहों पर स्थानांतरित किया जाएगा। इससे एक ओर शहर के प्रमुख मार्गों और बाजारों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों को नए स्थानों पर व्यवस्थित बाजार उपलब्ध कराने की तैयारी भी की जा रही है।

शहरी विकास की दिशा में अहम कदम
नगर निगम के इस निर्णय को केवल बाजार स्थानांतरण तक सीमित नहीं माना जा रहा है। इसे काशी के दीर्घकालिक शहरी विकास, पर्यटन प्रबंधन और नगर नियोजन से जुड़े बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। यदि योजना तय समय सीमा के भीतर लागू होती है तो आने वाले महीनों में शहर का स्वरूप बदलता हुआ दिखाई दे सकता है।

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