By Malay Ojha | Published: 26 June 2026 at 09:12 AM
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान की रकम में कथित गड़बड़ी के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। विशेष जांच दल की शुरुआती जांच के बाद नामजद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गुरुवार को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद इन लोगों को हिरासत में लिया गया था और देर रात तक चली पूछताछ के बाद पुलिस ने सभी की गिरफ्तारी की पुष्टि कर दी।
जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव और मनीष यादव शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ चोरी, आपराधिक विश्वासघात और साजिश रचने समेत कई गंभीर धाराओं में भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ट्रस्ट की शिकायत पर दर्ज हुई प्राथमिकी
यह कार्रवाई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत के बाद हुई है। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की तहरीर पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में मामला दर्ज कराया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे की रकम के प्रबंधन में गड़बड़ी हुई है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर बनी एसआईटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष जांच दल के गठन का आदेश दिया था। सरकार का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शुरुआती जांच में मिली अहम जानकारियां
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट में कुछ कठोर सिफारिशें की हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि नामजद आरोपियों में से कई लोग मंदिर में दान और चढ़ावे की रकम की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े हुए थे।
टिन्नू यादव का नाम आने से बढ़ी चर्चा
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। बताया जाता है कि वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का वाहन चालक रहा है। हालांकि टिन्नू यादव पहले ही अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर चुका है। उसका कहना था कि कुछ लोग निजी दुश्मनी के कारण उसका नाम इस मामले में घसीट रहे हैं।
दान की गिनती से जुड़े थे कई आरोपी
जांच एजेंसियों के अनुसार लवकुश मिश्र और अनुकल्प मिश्र भी मंदिर में आने वाले दान और कीमती सामान की गिनती के काम से जुड़े थे। यही वजह है कि जांच एजेंसियां अब दान की पूरी प्रक्रिया और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं।
एसआईटी में शामिल हैं बड़े अधिकारी
सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया है। टीम अब मामले की हर परत को खंगाल रही है और आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
अब आगे क्या?
सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित गड़बड़ी कितने समय से चल रही थी और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। इस मामले पर पूरे देश की नजर बनी हुई है क्योंकि यह देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक से जुड़ा मामला है।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

