By Malay Ojha | Published: 26 June 2026 at 05:28 PM
बिहार के दरभंगा जिले में शुक्रवार सुबह एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। पटना सिविल कोर्ट में तैनात एक दारोगा को गांव के ही एक बदमाश ने पेट में गोली मार दी। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया और फरसे से काटकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है।
यह घटना बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ओझौल गांव की है। घायल दारोगा की पहचान गांव निवासी मो. मोबिन (40) के रूप में हुई है, जो पटना सिविल कोर्ट में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। वह दो दिन पहले छुट्टी पर अपने घर आए थे। गोली लगने के बाद उन्हें गंभीर हालत में दरभंगा शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
आरोपी की मौके पर ही मौत
दारोगा को गोली मारने के आरोप में मारा गया युवक गांव का ही सुनील सहनी (27) था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गोली चलने के बाद वह भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ग्रामीणों ने उसे घेर लिया। पहले उसकी जमकर पिटाई की गई और फिर फरसे से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार तड़के सुनील सहनी कुछ साथियों के साथ गांव पहुंचा था। इमामबाड़ा के पास मुहर्रम के लिए लगाई गई सजावटी लाइट देखकर वह भड़क गया। उसने अपनी पिस्टल निकालकर फायरिंग शुरू कर दी, जिससे कई लाइटें टूट गईं।
विरोध करने पर बढ़ा विवाद
सुबह की नमाज पढ़कर लौट रहे लोगों ने जब उसकी हरकत का विरोध किया तो वह गाली-गलौज और मारपीट पर उतर आया। इसी दौरान वहां मौजूद दारोगा मो. मोबिन ने उसे समझाने और शांत रहने की सलाह दी। इसी बात से नाराज होकर सुनील ने सीधे उनके पेट में गोली दाग दी।
गोली लगते ही उग्र हुई भीड़
मो. मोबिन के जमीन पर गिरते ही वहां मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ लिया और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। गंभीर चोटों और अधिक खून बहने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटनास्थल से मिले अहम सबूत
पुलिस ने मौके से दो खोखे और खून से सना फरसा बरामद किया है। हालांकि घटना के दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति के आरोपी की पिस्टल लेकर फरार होने की भी बात सामने आई है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
प्रेम विवाह से जुड़ा पुराना विवाद
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस खूनी संघर्ष की जड़ तीन साल पुरानी है। सुनील ने गांव की ही सानिया नाम की युवती से प्रेम विवाह किया था। युवती दारोगा मो. मोबिन की रिश्तेदार बताई जा रही है। इस शादी का दोनों परिवारों ने विरोध किया था, जिसके बाद लड़की का परिवार सीतामढ़ी जिले के पुपरी में जाकर रहने लगा था।
पत्नी को भी मार चुका था गोली
ग्रामीणों के मुताबिक, करीब दो महीने पहले सुनील ने अपनी पत्नी सानिया को भी गोली मार दी थी। इस घटना के बाद से वह फरार चल रहा था। उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। कुछ दिन पहले उसने गांव के ही एक युवक को भी गोली मारकर घायल कर दिया था।
गांव छोड़ चुके थे माता-पिता
सुनील की आपराधिक गतिविधियों से परेशान होकर उसके माता-पिता भी गांव छोड़कर बेगूसराय के सिमरिया में मजदूरी करने चले गए थे। ओझौल गांव स्थित उसके घर में भी लंबे समय से कोई नहीं रह रहा था।
एसएसपी ने संभाला मोर्चा
घटना की गंभीरता को देखते हुए दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी खुद गांव पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
पुलिस और एफएसएल टीम की जांच
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने जुटाए हैं। पुलिस आरोपी के साथ आए अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। गांव और पोस्टमार्टम हाउस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
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