By Malay Ojha | Published: 10 July 2026 at 08:03 AM
ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार के अंतिम दिन देश के कई हिस्सों में हुए रहस्यमय धमाकों ने पूरे पश्चिम एशिया में नई चिंता पैदा कर दी है। बुशहर, कोनारक, चाबहार और बंदर अब्बास से विस्फोटों की खबरें सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। हालांकि अब तक किसी भी पक्ष ने इन धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली है और इनके कारणों को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है।
अंतिम संस्कार कार्यक्रम के दौरान हजारों लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इसी बीच दक्षिणी ईरान के कई शहरों से लगातार विस्फोटों की खबरें आने लगीं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बुशहर, कोनारक, चाबहार और बंदर अब्बास में अलग-अलग स्थानों पर धमाकों की आवाज सुनाई दी। इन घटनाओं के बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने प्रभावित इलाकों में जांच शुरू कर दी है।
मेहर एजेंसी का दावा, कई जगह सुने गए धमाके
ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, कोनारक शहर में लगातार तीन विस्फोटों की आवाज सुनी गई। वहीं बुशहर और चोगादक से भी धमाकों की सूचना मिली है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ये विस्फोट किसी सैन्य अभियान का हिस्सा थे, किसी हमले का परिणाम थे या फिर इनके पीछे कोई अन्य कारण है।
अब तक नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि
धमाकों को लेकर ईरान सरकार या सेना की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। प्रशासन का कहना है कि सभी घटनाओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस वजह से फिलहाल किसी भी तरह के दावे की पुष्टि नहीं की जा सकती।
अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़
अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम के आखिरी दिन बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। धार्मिक प्रार्थना का नेतृत्व उनके बेटे मुस्तफा खामेनेई ने किया। हालांकि नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई कार्यक्रम में नजर नहीं आए, जिसके बाद राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि उनकी अनुपस्थिति को लेकर कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है।
अमेरिका ने नए हमलों से किया इनकार
धमाकों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई। अमेरिका ने इन विस्फोटों में किसी भी तरह की नई सैन्य कार्रवाई से इनकार किया है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इन घटनाओं में उसकी कोई भूमिका नहीं है। इसके बावजूद क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए हालात पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच हुई अहम बातचीत
इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई। इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा और दोनों देशों के बीच करीबी तालमेल बनाए रखने पर सहमति जताई। बातचीत के दौरान खाड़ी क्षेत्र की ताजा परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई।
अमेरिकी हमलों में आठ सैनिकों की मौत का दावा
उधर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़ी फार्स समाचार एजेंसी ने दावा किया है कि पिछली रात हुए अमेरिकी हवाई हमलों में ईरान की वायु सेना और नौसेना के कुल आठ सैनिकों की मौत हुई है। हालांकि इस दावे पर अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पश्चिम एशिया में बढ़ी अनिश्चितता
एक ओर रहस्यमय धमाकों की घटनाएं और दूसरी ओर अमेरिका, इजरायल तथा ईरान के बीच बढ़ता तनाव पूरे पश्चिम एशिया की स्थिति को और संवेदनशील बना रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और आधिकारिक बयानों से ही इन विस्फोटों की असली वजह सामने आएगी। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ईरान के घटनाक्रम पर टिकी हुई है।
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