By Malay Ojha | Published: 10 July 2026 at 09:51 AM
भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 श्रृंखला में मिली हार ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ब्रिस्टल में खेले गए चौथे मुकाबले में 9 विकेट की एकतरफा हार के साथ भारत ने न सिर्फ श्रृंखला गंवाई, बल्कि सात साल बाद ऐसा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया, जो किसी भी भारतीय क्रिकेट प्रशंसक के लिए निराशाजनक है। लगातार दूसरी टी-20 श्रृंखला हारने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी भी चर्चा के केंद्र में आ गई है।
इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार से पहले भारतीय टीम आयरलैंड के खिलाफ भी टी-20 श्रृंखला अपने नाम नहीं कर सकी थी। लगातार दो टी-20 श्रृंखलाओं में हार झेलना भारतीय टीम के साथ सात साल बाद हुआ है। इससे पहले वर्ष 2019 में भारतीय टीम ने लगातार दो टी-20 श्रृंखलाएं गंवाई थीं। उस समय पहले न्यूजीलैंड दौरे पर हार मिली थी और उसके बाद घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी टीम को निराशा हाथ लगी थी।
इंग्लैंड ने 12 साल बाद तोड़ा भारत का दबदबा
इंग्लैंड के खिलाफ यह हार कई मायनों में खास रही। पिछले 12 वर्षों में पहली बार इंग्लैंड ने भारत को किसी टी-20 श्रृंखला में हराने में सफलता हासिल की है। इससे पहले भारत इस प्रारूप में इंग्लैंड पर लगातार बढ़त बनाए हुए था, लेकिन इस बार मेहमान टीम पूरी तरह हावी नजर आई।
श्रेयस अय्यर के नाम जुड़ा एक और अनचाहा रिकॉर्ड
लगातार हार के कारण श्रेयस अय्यर के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया, जिसे कोई भी कप्तान अपने साथ नहीं जोड़ना चाहेगा। वह लगातार पांच टी-20 मुकाबले हारने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड महेंद्र सिंह धोनी के नाम था, जिनकी कप्तानी में भारतीय टीम लगातार चार टी-20 मुकाबले हारी थी।
सूर्यकुमार यादव की जगह मिली थी कप्तानी
हाल ही में श्रेयस अय्यर को सूर्यकुमार यादव की जगह भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी सौंपी गई थी। टीम प्रबंधन को उम्मीद थी कि उनकी अगुवाई में भारतीय टीम नए दौर की शुरुआत करेगी, लेकिन शुरुआती नतीजे उम्मीद के बिल्कुल विपरीत रहे हैं। कप्तान बनने के बाद बहुत कम समय में ही उन्हें लगातार हार का सामना करना पड़ा है।
दो सप्ताह में पांच हार ने बढ़ाई मुश्किलें
जहां सूर्यकुमार यादव को बतौर कप्तान पांच टी-20 मुकाबले हारने में करीब दो वर्ष लगे थे, वहीं श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में भारतीय टीम ने लगभग दो सप्ताह के भीतर ही लगातार पांच मुकाबले गंवा दिए। इस प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन की रणनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
टीम के प्रदर्शन पर भी उठ रहे सवाल
केवल कप्तानी ही नहीं, बल्कि बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभागों में भारतीय टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। बड़े मुकाबलों में शीर्ष क्रम का जल्दी आउट होना और गेंदबाजों का दबाव नहीं बना पाना टीम की हार की बड़ी वजह बना। इंग्लैंड ने लगभग हर मैच में भारतीय टीम पर अपना दबदबा बनाए रखा।
आगे की राह आसान नहीं
लगातार दो टी-20 श्रृंखलाएं हारने के बाद भारतीय टीम के सामने अब वापसी की बड़ी चुनौती होगी। टीम प्रबंधन को कप्तानी, टीम संयोजन और खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर गंभीरता से विचार करना पड़ सकता है। आने वाली श्रृंखलाएं श्रेयस अय्यर और भारतीय टीम दोनों के लिए परीक्षा साबित होंगी।
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