By Malay Ojha | Published: 11 July 2026 at 03:35 PM
देश में सुरक्षित रेल यात्रा के दावों के बीच गरीब रथ एक्सप्रेस के वातानुकूलित कोच से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। डालटनगंज से नई दिल्ली जा रही ट्रेन में सफर कर रही एक महिला को कथित तौर पर सर्पदंश होने की आशंका के बाद बीच रास्ते ट्रेन से उतारना पड़ा। घटना के बाद रेलवे की कोच सुरक्षा, साफ-सफाई और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि मेदिनीनगर शहर थाना क्षेत्र के बैरिया की रहने वाली रिमझिम सिंह तीन जुलाई की रात गरीब रथ एक्सप्रेस के जी-12 कोच में अपने बच्चों के साथ नई दिल्ली जा रही थीं। ट्रेन रवाना होने के कुछ ही मिनट बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें तेज पसीना आने लगा, घबराहट महसूस हुई और पैर में असहनीय दर्द शुरू हो गया। इससे कोच में मौजूद यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
ट्रेन में प्राथमिक जांच के बाद सर्पदंश की आशंका
यात्रियों की सूचना पर ट्रेन में उपलब्ध चिकित्सक ने महिला की जांच की। प्राथमिक जांच में सर्पदंश की आशंका जताई गई। स्थिति को देखते हुए रेलवे अधिकारियों को सूचना दी गई और गढ़वा रोड जंक्शन पर महिला तथा उनके बच्चों को सुरक्षित ट्रेन से उतार दिया गया। इसके बाद उन्हें स्टेशन पर प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई गई।
परिजन पहुंचे, अस्पताल में कराया गया भर्ती
घटना की जानकारी मिलते ही महिला के परिजन गढ़वा रोड पहुंचे और उन्हें गढ़वा सदर अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें दूसरे अस्पताल भेज दिया। डॉक्टरों के अनुसार उपचार के बाद उनकी हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।
एसी कोच में विषैले जीव पहुंचने पर उठे सवाल
इस घटना ने रेलवे के रखरखाव तंत्र पर नई बहस छेड़ दी है। यात्रियों का कहना है कि यदि वातानुकूलित और बंद कोच में भी किसी विषैले जीव के पहुंचने की आशंका बन रही है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे कोचों में नियमित सफाई, तकनीकी निरीक्षण और पेस्ट कंट्रोल किए जाने के दावे किए जाते हैं। इसके बावजूद ऐसी घटना सामने आने से यात्रियों के मन में सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
रेलवे से स्वतंत्र जांच की मांग
घटना के बाद कई यात्रियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित कोच की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में कोच में कोई विषैला जीव मौजूद था या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाए कि रखरखाव और साफ-सफाई के दौरान कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई।
साफ-सफाई और पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था की समीक्षा की मांग
यात्रियों का कहना है कि रेलवे को केवल नियमित सफाई का दावा करने के बजाय उसकी प्रभावी निगरानी भी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने सभी लंबी दूरी की ट्रेनों में पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था की समीक्षा, कोचों के नियमित निरीक्षण और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों को और सख्त बनाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जांच में किसी अधिकारी या एजेंसी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
रेल यात्रा में सुरक्षा पर फिर शुरू हुई बहस
हाल के वर्षों में रेलवे लगातार यात्रियों की सुविधाओं और सुरक्षा को बेहतर बनाने का दावा करता रहा है। लेकिन गरीब रथ एक्सप्रेस में सामने आई इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सभी ट्रेनों में सुरक्षा और रखरखाव के मानकों का समान रूप से पालन हो रहा है। फिलहाल महिला की हालत में सुधार बताया जा रहा है, लेकिन इस घटना ने हजारों रेल यात्रियों के मन में सुरक्षा को लेकर नई चिंता जरूर पैदा कर दी है।
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