By Malay Ojha | Published: 11 July 2026 at 02:56 PM
पटना के सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। जयपुरिया समूह के 62 स्कूलों के बीच हुए मूल्यांकन में स्कूल को सीबीएसई कक्षा दसवीं के सर्वश्रेष्ठ शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित एकेडमिक एक्सीलेंस रोलिंग ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। यह सम्मान लखनऊ में आयोजित वार्षिक शैक्षणिक सम्मेलन ‘सिद्धि 2026’ के दौरान स्कूल की निदेशक अनुपम सिंह ने प्राप्त किया। इस उपलब्धि ने पटना ही नहीं, पूरे बिहार का गौरव बढ़ाया है।
जयपुरिया समूह हर वर्ष अपने सभी स्कूलों के शैक्षणिक प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है। इस बार सीबीएसई कक्षा दसवीं के परिणामों के आधार पर देशभर के 62 स्कूलों में से सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल, पटना को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए चुना गया। यह पुरस्कार लगातार बेहतर शैक्षणिक गुणवत्ता, उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम और विद्यार्थियों की उपलब्धियों को देखते हुए दिया गया।
पहली बोर्ड परीक्षा से अब तक नहीं टूटा सफलता का सिलसिला
स्कूल ने अपनी पहली सीबीएसई कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा से लेकर अब तक शत-प्रतिशत परिणाम का रिकॉर्ड कायम रखा है। वर्ष 2025-26 की बोर्ड परीक्षा में शामिल सभी 37 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। यह उपलब्धि दर्शाती है कि स्कूल लगातार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
13 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए
इस वर्ष के परीक्षा परिणाम में कई विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया। कुल 13 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, जबकि स्कूल के टॉपर ने 97.8 प्रतिशत अंक हासिल कर नया मानक स्थापित किया। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय में तीन विद्यार्थियों ने पूरे 100 में 100 अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
निदेशक ने सफलता का श्रेय पूरी टीम को दिया
स्कूल की निदेशक अनुपम सिंह ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह केवल विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग का भी प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि ऐसे विद्यार्थियों को तैयार करना है जो जिम्मेदार, संवेदनशील और समाज के प्रति सजग नागरिक बन सकें।
पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष जोर
विद्यालय का कहना है कि छात्रों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यवहारिक शिक्षा, नई तकनीक, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच विकसित करने के अवसर भी दिए जाते हैं। यही कारण है कि विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ रही है जयपुरिया समूह की पहचान
इसी वर्ष जयपुरिया समूह को शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि मिली। लंदन स्थित टी-फोर एजुकेशन ने समूह को विश्व के शीर्ष 10 स्कूल नेटवर्क में शामिल किया है। यह सम्मान वैश्विक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और बेहतर शैक्षणिक मॉडल को देखते हुए दिया गया।
सिनेमा के जरिए भी बच्चों को नई सीख देने की पहल
जयपुरिया समूह ने विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ के माध्यम से सिनेमा आधारित शिक्षण परियोजना भी शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को कहानी, कला और अनुभव आधारित शिक्षा से जोड़ना है ताकि सीखने की प्रक्रिया और अधिक रोचक बन सके।
शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल बना पटना का स्कूल
शत-प्रतिशत परिणाम, उत्कृष्ट अंक, राष्ट्रीय सम्मान और आधुनिक शिक्षण पद्धति जैसी उपलब्धियों ने सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल, पटना को देश के प्रमुख स्कूलों की सूची में मजबूत स्थान दिलाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियां अन्य स्कूलों के लिए भी प्रेरणा का काम करेंगी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देंगी।
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