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होर्मुज बंद, अमेरिका का बड़ा सैन्य हमला; पश्चिम एशिया में फिर भड़का युद्ध, दुनिया की बढ़ी चिंता

By Malay Ojha | Published: 12 July 2026 at 09:29 AM

पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही अगली सूचना तक रोकने का ऐलान किया, जिसके कुछ ही समय बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले शुरू कर दिए। दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इसी समुद्री मार्ग से वैश्विक तेल और गैस की बड़ी आपूर्ति होती है। यदि हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे तो अंतरराष्ट्रीय बाजार पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि एक मालवाहक जहाज ने तय समुद्री मार्ग का पालन नहीं किया और अपना नेविगेशन सिस्टम भी बंद कर दिया था। कई बार चेतावनी देने के बावजूद जहाज ने दिशा नहीं बदली, जिसके बाद उस पर कार्रवाई की गई। इसके साथ ही ईरान ने घोषणा की कि अगली सूचना तक होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सीमित रहेगी।

अमेरिका ने कई सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
ईरान के इस कदम के तुरंत बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की। अमेरिकी सेना के अनुसार यह हमला उस कंटेनर जहाज पर हुए हमले के जवाब में किया गया, जो साइप्रस के झंडे के साथ जलडमरूमध्य से गुजर रहा था। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि हमले में जहाज को भारी नुकसान पहुंचा, उसमें आग लग गई और चालक दल का एक सदस्य लापता है।

कई शहरों में धमाकों की खबर
रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका ने बहरीन स्थित अपने सैन्य अड्डे से मिसाइल हमले किए। इन हमलों में ईरान के कई सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। चाबहार, बुशहर, बंदर अब्बास और सिरिक समेत कई इलाकों में विस्फोटों की खबर सामने आई है। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि सैन्य अभियान के तहत कई अहम ठिकानों को नुकसान पहुंचाया गया।

अमेरिका की चेतावनी, ईरान का सख्त जवाब
अमेरिका ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की मांग करते हुए पहले अल्टीमेटम भी दिया था। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि यदि अमेरिकी हितों पर हमला जारी रहा तो ईरान को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। दूसरी ओर ईरान ने साफ कर दिया कि जब तक पश्चिम एशिया में अमेरिकी दखल जारी रहेगा, तब तक समुद्री मार्ग पर सामान्य स्थिति बहाल करना संभव नहीं होगा।

पहले भी बढ़ चुका है तनाव
इससे पहले भी जुलाई के पहले सप्ताह में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास कई जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई थीं। उस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया। कुछ समय पहले हुए युद्धविराम की कोशिशें भी ज्यादा दिन नहीं टिक सकीं और दोनों पक्ष फिर से सैन्य कार्रवाई पर उतर आए।

ईरान के नए नेतृत्व का कड़ा संदेश
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मुज्तबा ने पहली बार देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता की हत्या का बदला लिया जाएगा और जिम्मेदार लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा। उनके बयान को ईरान की आगे की रणनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

ट्रंप ने भी दी कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि उनकी हत्या की कोई भी कोशिश की गई तो अमेरिका ऐसी सैन्य कार्रवाई करेगा, जैसी दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी होगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। ट्रंप के इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच बयानबाजी और भी तेज हो गई है।

दुनिया की नजर अब होर्मुज पर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा। कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने से कई देशों में ऊर्जा संकट गहरा सकता है। यही वजह है कि पूरी दुनिया की नजर अब इस समुद्री मार्ग और अमेरिका-ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है।

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होर्मुज बंद, अमेरिका का बड़ा सैन्य हमला; पश्चिम एशिया में फिर भड़का युद्ध, दुनिया की बढ़ी चिंता

By Malay Ojha | Published: 12 July 2026 at 09:29 AM

पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही अगली सूचना तक रोकने का ऐलान किया, जिसके कुछ ही समय बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले शुरू कर दिए। दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इसी समुद्री मार्ग से वैश्विक तेल और गैस की बड़ी आपूर्ति होती है। यदि हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे तो अंतरराष्ट्रीय बाजार पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि एक मालवाहक जहाज ने तय समुद्री मार्ग का पालन नहीं किया और अपना नेविगेशन सिस्टम भी बंद कर दिया था। कई बार चेतावनी देने के बावजूद जहाज ने दिशा नहीं बदली, जिसके बाद उस पर कार्रवाई की गई। इसके साथ ही ईरान ने घोषणा की कि अगली सूचना तक होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सीमित रहेगी।

अमेरिका ने कई सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
ईरान के इस कदम के तुरंत बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की। अमेरिकी सेना के अनुसार यह हमला उस कंटेनर जहाज पर हुए हमले के जवाब में किया गया, जो साइप्रस के झंडे के साथ जलडमरूमध्य से गुजर रहा था। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि हमले में जहाज को भारी नुकसान पहुंचा, उसमें आग लग गई और चालक दल का एक सदस्य लापता है।

कई शहरों में धमाकों की खबर
रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका ने बहरीन स्थित अपने सैन्य अड्डे से मिसाइल हमले किए। इन हमलों में ईरान के कई सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। चाबहार, बुशहर, बंदर अब्बास और सिरिक समेत कई इलाकों में विस्फोटों की खबर सामने आई है। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि सैन्य अभियान के तहत कई अहम ठिकानों को नुकसान पहुंचाया गया।

अमेरिका की चेतावनी, ईरान का सख्त जवाब
अमेरिका ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की मांग करते हुए पहले अल्टीमेटम भी दिया था। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि यदि अमेरिकी हितों पर हमला जारी रहा तो ईरान को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। दूसरी ओर ईरान ने साफ कर दिया कि जब तक पश्चिम एशिया में अमेरिकी दखल जारी रहेगा, तब तक समुद्री मार्ग पर सामान्य स्थिति बहाल करना संभव नहीं होगा।

पहले भी बढ़ चुका है तनाव
इससे पहले भी जुलाई के पहले सप्ताह में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास कई जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई थीं। उस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया। कुछ समय पहले हुए युद्धविराम की कोशिशें भी ज्यादा दिन नहीं टिक सकीं और दोनों पक्ष फिर से सैन्य कार्रवाई पर उतर आए।

ईरान के नए नेतृत्व का कड़ा संदेश
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मुज्तबा ने पहली बार देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता की हत्या का बदला लिया जाएगा और जिम्मेदार लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा। उनके बयान को ईरान की आगे की रणनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

ट्रंप ने भी दी कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि उनकी हत्या की कोई भी कोशिश की गई तो अमेरिका ऐसी सैन्य कार्रवाई करेगा, जैसी दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी होगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। ट्रंप के इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच बयानबाजी और भी तेज हो गई है।

दुनिया की नजर अब होर्मुज पर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा। कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने से कई देशों में ऊर्जा संकट गहरा सकता है। यही वजह है कि पूरी दुनिया की नजर अब इस समुद्री मार्ग और अमेरिका-ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है।

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