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20-30 करोड़ देकर विधायक तोड़ने का आरोप! उमर अब्दुल्ला के दावे पर बीजेपी ने मांगे सबूत, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

By Malay Ojha | Published: 11 July 2026 at 09:28 PM

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के इस आरोप पर कि बीजेपी उनकी पार्टी के विधायकों को तोड़ने और खरीदने की कोशिश कर रही है, बीजेपी ने कड़ा जवाब दिया है। बीजेपी ने मुख्यमंत्री से आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने की मांग की है और कहा है कि ऐसा नहीं करने पर उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी।

जम्मू-कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सत शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की ओर से देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी पर इस तरह का गंभीर आरोप लगाना बेहद जिम्मेदारी वाला कदम नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री ने कोई दावा किया है तो उन्हें उसके समर्थन में ठोस प्रमाण भी सामने रखने होंगे।

सत शर्मा ने साफ कहा कि केवल राजनीतिक बयानबाजी के आधार पर किसी पार्टी पर आरोप लगाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उमर अब्दुल्ला अपने आरोपों को साबित नहीं करते हैं तो बीजेपी कानूनी रास्ता अपनाएगी।

“20 से 30 करोड़ रुपये के लालच” वाले दावे पर मांगा जवाब
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से उन विधायकों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया था कि उन्हें 20 से 30 करोड़ रुपये तक का लालच दिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि किन लोगों से संपर्क किया गया और किस आधार पर उन्होंने यह आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आरोप लगाना आसान है, लेकिन उन्हें साबित करना भी उतना ही जरूरी है। सत शर्मा के मुताबिक, बिना सबूत के लगाए गए ऐसे आरोप राजनीतिक माहौल को खराब करते हैं और जनता को भ्रमित करते हैं।

बीजेपी ने कहा- विधायकों को तोड़ने की जरूरत नहीं
सत शर्मा ने यह भी सवाल उठाया कि अगर बीजेपी को नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को अपने साथ लाना होता तो इसके लिए किसी तरह की कोशिश करने की जरूरत ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि पार्टी की स्थिति मजबूत है और उसे किसी विधायक को अपने पाले में लाने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के अंदर ही कई मुद्दों को लेकर असंतोष दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जब उनकी पार्टी के कुछ विधायक उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रमों तक में शामिल नहीं हुए, तो ऐसे में बीजेपी पर आरोप लगाने का कोई आधार नहीं बनता।

उमर अब्दुल्ला पर सरकार की नाकामी से ध्यान भटकाने का आरोप
बीजेपी नेता ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर हमला बोलते हुए कहा कि वह अपनी सरकार की कथित नाकामियों और चुनावी वादों को पूरा नहीं कर पाने से जनता का ध्यान हटाने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार को अपने काम का हिसाब देना चाहिए, लेकिन राजनीतिक आरोपों के जरिए असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है।

बीजेपी की कानूनी टीम करेगी आगे की रणनीति तय
सत शर्मा ने बताया कि इस मामले को बीजेपी गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी की कानूनी टीम से बातचीत हो चुकी है और जल्द ही बैठक कर आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।

उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री के पास अब दो ही रास्ते हैं। पहला, वह अपने आरोपों को साबित करने के लिए सबूत सामने रखें और दूसरा, अगर वह ऐसा नहीं कर सकते तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बढ़ी हलचल
उमर अब्दुल्ला के बयान के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदलता नजर आ रहा है। एक तरफ नेशनल कॉन्फ्रेंस बीजेपी पर विधायकों को प्रभावित करने का आरोप लगा रही है, वहीं बीजेपी इसे बेबुनियाद बताते हुए मुख्यमंत्री से जवाब मांग रही है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि उमर अब्दुल्ला अपने आरोपों के समर्थन में कोई जानकारी सार्वजनिक करते हैं या फिर बीजेपी की कानूनी चुनौती का सामना करते हैं।

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20-30 करोड़ देकर विधायक तोड़ने का आरोप! उमर अब्दुल्ला के दावे पर बीजेपी ने मांगे सबूत, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

By Malay Ojha | Published: 11 July 2026 at 09:28 PM

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के इस आरोप पर कि बीजेपी उनकी पार्टी के विधायकों को तोड़ने और खरीदने की कोशिश कर रही है, बीजेपी ने कड़ा जवाब दिया है। बीजेपी ने मुख्यमंत्री से आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने की मांग की है और कहा है कि ऐसा नहीं करने पर उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी।

जम्मू-कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सत शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की ओर से देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी पर इस तरह का गंभीर आरोप लगाना बेहद जिम्मेदारी वाला कदम नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री ने कोई दावा किया है तो उन्हें उसके समर्थन में ठोस प्रमाण भी सामने रखने होंगे।

सत शर्मा ने साफ कहा कि केवल राजनीतिक बयानबाजी के आधार पर किसी पार्टी पर आरोप लगाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उमर अब्दुल्ला अपने आरोपों को साबित नहीं करते हैं तो बीजेपी कानूनी रास्ता अपनाएगी।

“20 से 30 करोड़ रुपये के लालच” वाले दावे पर मांगा जवाब
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से उन विधायकों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया था कि उन्हें 20 से 30 करोड़ रुपये तक का लालच दिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि किन लोगों से संपर्क किया गया और किस आधार पर उन्होंने यह आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आरोप लगाना आसान है, लेकिन उन्हें साबित करना भी उतना ही जरूरी है। सत शर्मा के मुताबिक, बिना सबूत के लगाए गए ऐसे आरोप राजनीतिक माहौल को खराब करते हैं और जनता को भ्रमित करते हैं।

बीजेपी ने कहा- विधायकों को तोड़ने की जरूरत नहीं
सत शर्मा ने यह भी सवाल उठाया कि अगर बीजेपी को नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को अपने साथ लाना होता तो इसके लिए किसी तरह की कोशिश करने की जरूरत ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि पार्टी की स्थिति मजबूत है और उसे किसी विधायक को अपने पाले में लाने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के अंदर ही कई मुद्दों को लेकर असंतोष दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जब उनकी पार्टी के कुछ विधायक उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रमों तक में शामिल नहीं हुए, तो ऐसे में बीजेपी पर आरोप लगाने का कोई आधार नहीं बनता।

उमर अब्दुल्ला पर सरकार की नाकामी से ध्यान भटकाने का आरोप
बीजेपी नेता ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर हमला बोलते हुए कहा कि वह अपनी सरकार की कथित नाकामियों और चुनावी वादों को पूरा नहीं कर पाने से जनता का ध्यान हटाने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार को अपने काम का हिसाब देना चाहिए, लेकिन राजनीतिक आरोपों के जरिए असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है।

बीजेपी की कानूनी टीम करेगी आगे की रणनीति तय
सत शर्मा ने बताया कि इस मामले को बीजेपी गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी की कानूनी टीम से बातचीत हो चुकी है और जल्द ही बैठक कर आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।

उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री के पास अब दो ही रास्ते हैं। पहला, वह अपने आरोपों को साबित करने के लिए सबूत सामने रखें और दूसरा, अगर वह ऐसा नहीं कर सकते तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बढ़ी हलचल
उमर अब्दुल्ला के बयान के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदलता नजर आ रहा है। एक तरफ नेशनल कॉन्फ्रेंस बीजेपी पर विधायकों को प्रभावित करने का आरोप लगा रही है, वहीं बीजेपी इसे बेबुनियाद बताते हुए मुख्यमंत्री से जवाब मांग रही है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि उमर अब्दुल्ला अपने आरोपों के समर्थन में कोई जानकारी सार्वजनिक करते हैं या फिर बीजेपी की कानूनी चुनौती का सामना करते हैं।

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