By Malay Ojha | Published: 11 July 2026 at 09:45 PM
दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी का टिकट नहीं मिलने के बाद पहली बार पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सार्वजनिक तौर पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी का फैसला उनके लिए सर्वोपरि है और यदि संगठन निर्देश देगा तो वह पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में चुनाव प्रचार भी करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन और हिंसा से दूर रहने की अपील की।
टिकट को लेकर कई दिनों से चल रही अटकलों के बीच शनिवार को नरोत्तम मिश्रा ने स्पष्ट कर दिया कि भाजपा ने जिस उम्मीदवार को मैदान में उतारा है, वही पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी है। उन्होंने कहा कि आशुतोष तिवारी उनके उम्मीदवार हैं और संगठन यदि जिम्मेदारी देगा तो वह पूरी निष्ठा के साथ उनके पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे। उनका कहना था कि पार्टी के निर्णय का सम्मान करना प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है।
समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील
नरोत्तम मिश्रा ने अपने समर्थकों से भावनाओं में बहकर कोई ऐसा कदम नहीं उठाने की अपील की जिससे पार्टी की छवि प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि समर्थकों का दुखी होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी प्रकार की पत्थरबाजी, तोड़फोड़ या कानून व्यवस्था बिगाड़ने जैसी घटनाएं स्वीकार नहीं की जा सकतीं। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी कार्यकर्ता जल्द ही सामान्य हो जाएंगे और पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।
नाराजगी पर क्या बोले नरोत्तम मिश्रा
पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि चुनाव में टिकट की उम्मीद कई नेताओं को रहती है। ऐसे में किसी एक नाम पर फैसला होना स्वाभाविक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोई शिकायत नहीं है और पार्टी ने उन्हें हमेशा सम्मान दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस फैसले से दुखी नहीं हैं और आगे भी संगठन के निर्देशों का पालन करते रहेंगे।
केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत पर दिया जवाब
पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि क्या टिकट नहीं मिलने के बाद उनकी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से कोई बातचीत हुई है, तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने यह जरूर माना कि टिकट मिलने की उम्मीद थी, क्योंकि वह लगातार क्षेत्र में सक्रिय थे और चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए थे। हालांकि उन्होंने दोहराया कि अंतिम निर्णय संगठन का होता है और उसे स्वीकार करना ही उचित है।
टिकट घोषित होते ही भड़का था विरोध
दरअसल शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया। इसके बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी खुलकर सामने आ गई। बड़ी संख्या में समर्थक सड़क पर उतर आए और कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
पुलिस से झड़प, कई अधिकारी घायल
विरोध प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और पथराव की घटनाएं हुईं। इस दौरान पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। कुछ स्थानों पर सड़क जाम भी किया गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया।
इस्तीफों का दौर भी शुरू
टिकट वितरण के फैसले के बाद स्थानीय संगठन में भी असंतोष देखने को मिला। शुक्रवार शाम से कई पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। जिला स्तर के कुछ नेताओं ने भी फैसले पर नाराजगी जताई। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने साफ संकेत दिए हैं कि उम्मीदवार में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा और सभी कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने की अपेक्षा की गई है।
क्यों हो रहा है दतिया में उपचुनाव
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए कराया जा रहा है क्योंकि कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता एक धोखाधड़ी से जुड़े मामले में दोषसिद्धि के बाद समाप्त हो गई। इसके बाद निर्वाचन प्रक्रिया के तहत इस सीट पर उपचुनाव की घोषणा की गई। भाजपा की ओर से नरोत्तम मिश्रा को मजबूत दावेदार माना जा रहा था, क्योंकि वह पहले से क्षेत्र में सक्रिय होकर चुनावी तैयारियां कर रहे थे। लेकिन पार्टी ने अंतिम समय में आशुतोष तिवारी पर भरोसा जताया, जिसके बाद यह पूरा विवाद सामने आया।
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