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कटिहार में छात्रों का हिंसक प्रदर्शन, पुलिस के बल प्रयोग के बाद पथराव; सदर सीओ के घायल होने की खबर

By Malay Ojha | Published: 23 July 2026 at 02:20 PM

बिहार के कटिहार में गुरुवार को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों ने समाहरणालय के मुख्य द्वार को जाम करने और परिसर का घेराव करने की कोशिश की। हालात संभालने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया। इसके बाद कुछ लोगों की ओर से पुलिस पर पथराव किए जाने की बात सामने आई, जिसमें सदर अंचल अधिकारी के घायल होने की सूचना है।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र समाहरणालय पहुंचे थे। छात्रों की भीड़ को देखते हुए पहले से ही प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम कर रखे थे। समाहरणालय के दोनों मुख्य द्वार बंद कर दिए गए थे और बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। अधिकारियों की कोशिश थी कि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

गेट जाम करने की कोशिश के बाद पुलिस ने किया बल प्रयोग
बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी समाहरणालय के मुख्य द्वार तक पहुंच गए और वहां रास्ता रोकने की कोशिश की। छात्रों की ओर से समाहरणालय का घेराव करने का प्रयास भी किया गया। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने के लिए बल का प्रयोग किया। इसके बाद मौके पर अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई।

पथराव के बाद बढ़ा विवाद
पुलिस के बल प्रयोग के बाद प्रदर्शनकारियों की भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवी तत्वों पर पुलिस के ऊपर पत्थर फेंकने का आरोप है। इस पथराव में सदर अंचल अधिकारी के घायल होने की सूचना मिली है। हालांकि, घटना के दौरान कितने लोग घायल हुए और चोटों की स्थिति क्या है, इसे लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

दिल्ली की घटना के विरोध में निकाला गया था मार्च
दरअसल, छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में कटिहार में प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसी क्रम में छात्रों ने शहीद चौक से समाहरणालय तक पैदल मार्च निकाला। बड़ी संख्या में छात्र मार्च में शामिल हुए और समाहरणालय पहुंचकर दिल्ली की घटना का विरोध किया।

छात्रों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
समाहरणालय पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। छात्रों का कहना था कि प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज की घटना की जांच होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर छात्रों ने प्रशासन के सामने अपनी बात रखने की कोशिश की।

प्रशासन ने पहले ही बढ़ा दी थी सुरक्षा
छात्रों के मार्च को देखते हुए कटिहार प्रशासन पहले से सतर्क था। समाहरणालय के दोनों मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए थे। इसके अलावा यातायात पुलिस के अधिकारी और जिले के कई थानों की पुलिस को भी मौके पर तैनात किया गया था। पुलिस की तैनाती का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना था।

रेलवे स्टेशन पर भी बढ़ाई गई सुरक्षा
प्रदर्शन के बीच प्रशासन ने रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। पुलिसकर्मियों को तैनात कर पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही थी। अधिकारियों की ओर से यह कोशिश की गई कि प्रदर्शन का असर शहर के दूसरे हिस्सों में न पहुंचे और किसी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

डीएम ने कानूनी रास्ते से विरोध की बात कही
छात्रों के प्रदर्शन और उसके बाद पैदा हुए तनाव को लेकर जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति या समूह किसी मुद्दे को लेकर असंतुष्ट है, तो वह संवैधानिक और कानूनी तरीके से अपनी बात रख सकता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखना सभी का अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर कार्रवाई की चेतावनी
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है या बिना अनुमति के गैरकानूनी तरीके से प्रदर्शन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है, जब समाहरणालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी।

पुलिस पूरे मामले पर रख रही नजर
कटिहार में प्रदर्शन के बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। वहीं, छात्रों की ओर से दिल्ली की घटना के विरोध में प्रदर्शन जारी रखने और अपनी मांगों को सामने रखने की बात कही गई है। समाहरणालय के बाहर हुए घटनाक्रम के बाद अब प्रशासन की कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।

प्रदर्शन ने उठाए कई सवाल
कटिहार की घटना ने एक बार फिर छात्रों के विरोध प्रदर्शन और कानून व्यवस्था के बीच संतुलन का सवाल खड़ा कर दिया है। एक तरफ छात्र दिल्ली की घटना के विरोध में अपनी आवाज उठाने के लिए सड़क पर उतरे, तो दूसरी तरफ प्रदर्शन के दौरान समाहरणालय का घेराव और पुलिस पर पथराव जैसी स्थिति सामने आई। अब पूरे मामले में प्रशासन आगे क्या कार्रवाई करता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

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कटिहार में छात्रों का हिंसक प्रदर्शन, पुलिस के बल प्रयोग के बाद पथराव; सदर सीओ के घायल होने की खबर

By Malay Ojha | Published: 23 July 2026 at 02:20 PM

बिहार के कटिहार में गुरुवार को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों ने समाहरणालय के मुख्य द्वार को जाम करने और परिसर का घेराव करने की कोशिश की। हालात संभालने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया। इसके बाद कुछ लोगों की ओर से पुलिस पर पथराव किए जाने की बात सामने आई, जिसमें सदर अंचल अधिकारी के घायल होने की सूचना है।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र समाहरणालय पहुंचे थे। छात्रों की भीड़ को देखते हुए पहले से ही प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम कर रखे थे। समाहरणालय के दोनों मुख्य द्वार बंद कर दिए गए थे और बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। अधिकारियों की कोशिश थी कि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

गेट जाम करने की कोशिश के बाद पुलिस ने किया बल प्रयोग
बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी समाहरणालय के मुख्य द्वार तक पहुंच गए और वहां रास्ता रोकने की कोशिश की। छात्रों की ओर से समाहरणालय का घेराव करने का प्रयास भी किया गया। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने के लिए बल का प्रयोग किया। इसके बाद मौके पर अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई।

पथराव के बाद बढ़ा विवाद
पुलिस के बल प्रयोग के बाद प्रदर्शनकारियों की भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवी तत्वों पर पुलिस के ऊपर पत्थर फेंकने का आरोप है। इस पथराव में सदर अंचल अधिकारी के घायल होने की सूचना मिली है। हालांकि, घटना के दौरान कितने लोग घायल हुए और चोटों की स्थिति क्या है, इसे लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

दिल्ली की घटना के विरोध में निकाला गया था मार्च
दरअसल, छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में कटिहार में प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसी क्रम में छात्रों ने शहीद चौक से समाहरणालय तक पैदल मार्च निकाला। बड़ी संख्या में छात्र मार्च में शामिल हुए और समाहरणालय पहुंचकर दिल्ली की घटना का विरोध किया।

छात्रों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
समाहरणालय पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। छात्रों का कहना था कि प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज की घटना की जांच होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर छात्रों ने प्रशासन के सामने अपनी बात रखने की कोशिश की।

प्रशासन ने पहले ही बढ़ा दी थी सुरक्षा
छात्रों के मार्च को देखते हुए कटिहार प्रशासन पहले से सतर्क था। समाहरणालय के दोनों मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए थे। इसके अलावा यातायात पुलिस के अधिकारी और जिले के कई थानों की पुलिस को भी मौके पर तैनात किया गया था। पुलिस की तैनाती का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना था।

रेलवे स्टेशन पर भी बढ़ाई गई सुरक्षा
प्रदर्शन के बीच प्रशासन ने रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। पुलिसकर्मियों को तैनात कर पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही थी। अधिकारियों की ओर से यह कोशिश की गई कि प्रदर्शन का असर शहर के दूसरे हिस्सों में न पहुंचे और किसी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

डीएम ने कानूनी रास्ते से विरोध की बात कही
छात्रों के प्रदर्शन और उसके बाद पैदा हुए तनाव को लेकर जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति या समूह किसी मुद्दे को लेकर असंतुष्ट है, तो वह संवैधानिक और कानूनी तरीके से अपनी बात रख सकता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखना सभी का अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर कार्रवाई की चेतावनी
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है या बिना अनुमति के गैरकानूनी तरीके से प्रदर्शन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है, जब समाहरणालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी।

पुलिस पूरे मामले पर रख रही नजर
कटिहार में प्रदर्शन के बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। वहीं, छात्रों की ओर से दिल्ली की घटना के विरोध में प्रदर्शन जारी रखने और अपनी मांगों को सामने रखने की बात कही गई है। समाहरणालय के बाहर हुए घटनाक्रम के बाद अब प्रशासन की कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।

प्रदर्शन ने उठाए कई सवाल
कटिहार की घटना ने एक बार फिर छात्रों के विरोध प्रदर्शन और कानून व्यवस्था के बीच संतुलन का सवाल खड़ा कर दिया है। एक तरफ छात्र दिल्ली की घटना के विरोध में अपनी आवाज उठाने के लिए सड़क पर उतरे, तो दूसरी तरफ प्रदर्शन के दौरान समाहरणालय का घेराव और पुलिस पर पथराव जैसी स्थिति सामने आई। अब पूरे मामले में प्रशासन आगे क्या कार्रवाई करता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

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