By Malay Ojha | Published: 02 August 2026 at 09:44 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें स्वस्थ, मजबूत तथा आत्मविश्वासी बनाने के लिए नशा मुक्त युवा से विकसित भारत संकल्प अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के जरिए उन्होंने युवाओं को सीधे देश के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी ही वर्ष 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य को पूरा करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए युवाओं का शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहना बेहद जरूरी है।
पीएम मोदी ने वीडियो के जरिए देशभर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान 28 हजार से अधिक स्थानों पर मौजूद एक करोड़ से ज्यादा युवा इस कार्यक्रम से जुड़े। प्रधानमंत्री ने युवाओं से नशे और ऐसी सभी आदतों से दूर रहने की अपील की, जो उनके स्वास्थ्य, परिवार और भविष्य को नुकसान पहुंचा सकती हैं। उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं की ऊर्जा, उनकी सोच और उनकी प्रतिभा की जरूरत है।
युवाओं को बताया देश की अमृतपीढ़ी
प्रधानमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युवा भारत की अमृतपीढ़ी है। आने वाले 20 से 25 वर्षों में यही पीढ़ी अपने जीवन की दिशा तय करेगी और देश को भी एक नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक जब भारत विकसित देश बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ेगा, तब आज के युवा ही उस भारत की अगुवाई कर रहे होंगे।
2047 का विकसित भारत युवाओं के हाथ में
पीएम मोदी ने कहा कि देश ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का जो सपना देखा है, उसे पूरा करने में युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने युवाओं से कहा कि आने वाले वर्षों में देश की तरक्की का सबसे बड़ा लाभ भी उन्हें ही मिलेगा। इसलिए यह जरूरी है कि वे अपने स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर अभी से गंभीर रहें और ऐसी किसी भी आदत का हिस्सा न बनें, जो उनके जीवन की रफ्तार को रोक सकती है।
नशे से दूर रहना क्यों जरूरी बताया
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत केवल बड़ी अर्थव्यवस्था या ऊंची इमारतों से नहीं बनेगा। इसके लिए ऐसे नागरिकों की जरूरत होगी जो शरीर से स्वस्थ, मन से मजबूत और अपने जीवन को लेकर आत्मविश्वास से भरे हों। उन्होंने कहा कि अगर देश की युवा शक्ति नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहेगी, तो वह अपनी पूरी क्षमता के साथ देश के विकास में योगदान दे सकेगी।
परिवार और समाज को भी जोड़ने की कोशिश
पीएम मोदी ने इस अभियान को केवल युवाओं तक सीमित नहीं बताया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई परिवार, समाज और पूरे देश के हित से जुड़ी हुई है। एक युवा जब नशे से दूर रहता है, तो इसका असर केवल उसके अपने जीवन पर नहीं पड़ता, बल्कि उसके परिवार और आसपास के समाज पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसी वजह से इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को जागरूक करने के साथ-साथ समाज में नशे के खिलाफ माहौल तैयार करना भी है।
युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि देश के युवाओं के पास ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। उनके पास नई सोच है, कुछ अलग करने का जज्बा है और अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ने की क्षमता भी है। जरूरत इस बात की है कि उनकी इस ऊर्जा को सही दिशा मिले। उन्होंने कहा कि भारत के विकास की यात्रा में युवाओं की सोच और उनकी मेहनत बहुत अहम भूमिका निभाएगी।
शारीरिक और मानसिक मजबूती को बताया जरूरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए केवल पढ़ाई या रोजगार ही पर्याप्त नहीं है। देश को ऐसी युवा पीढ़ी चाहिए जो शारीरिक रूप से स्वस्थ होने के साथ मानसिक तौर पर भी मजबूत हो। उन्होंने युवाओं से अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और नशे जैसी नुकसान पहुंचाने वाली आदतों से हमेशा के लिए दूरी बनाए रखने का आह्वान किया।
नशे के खिलाफ युवाओं से सीधी अपील
पीएम मोदी ने कहा कि जब देश विकास के बड़े लक्ष्य की तरफ बढ़ रहा है, तब युवाओं का स्वस्थ और आत्मविश्वासी रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की क्षमता को कमजोर करता है और उसके भविष्य पर भी बुरा असर डाल सकता है। ऐसे में युवाओं को खुद भी इससे दूर रहना चाहिए और अपने दोस्तों तथा आसपास के लोगों को भी इसके खिलाफ जागरूक करना चाहिए।
अभियान के पीछे बड़ा लक्ष्य
नशा मुक्त युवा से विकसित भारत संकल्प अभियान के जरिए सरकार का जोर युवाओं को नशे से बचाने के साथ उन्हें देश के विकास से जोड़ने पर है। प्रधानमंत्री के संबोधन में बार-बार यह संदेश सामने आया कि भारत की युवा आबादी आने वाले वर्षों में देश की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि युवा स्वस्थ रहें, अपनी प्रतिभा को सही दिशा दें और अपने भविष्य को नुकसान पहुंचाने वाली आदतों से बचें।
विकसित भारत की राह में युवाओं की निर्णायक भूमिका
पीएम मोदी ने कहा कि आज के युवा आने वाले समय में भारत के विकास की कहानी के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सेदार होंगे। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल होने के समय यही पीढ़ी देश के अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारियां संभाल रही होगी। ऐसे में युवाओं को नशे से मुक्त रखना केवल स्वास्थ्य से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि देश के भविष्य से भी जुड़ा सवाल है।
युवाओं से देश के भविष्य के लिए आगे आने की अपील
प्रधानमंत्री का यह अभियान ऐसे समय शुरू किया गया है, जब देश की युवा आबादी को भारत की सबसे बड़ी ताकत के तौर पर देखा जा रहा है। अभियान के जरिए युवाओं को यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि उनका व्यक्तिगत स्वास्थ्य और मजबूत भविष्य देश की तरक्की से सीधे जुड़ा है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवन अपनाने और अपनी ऊर्जा को देश के विकास में लगाने की अपील की।
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