By Malay Ojha | Published: 08 August 2026 at 07:59 PM
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में छात्रों से संवाद के दौरान देश में रोजगार के संकट को लेकर बड़ा दावा किया। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश के 1000 युवाओं में सिर्फ 12 को पक्की नौकरी मिलती है। राहुल गांधी ने कहा कि युवा भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं, लेकिन पढ़ाई पूरी करने के बाद भी बड़ी संख्या में युवाओं के सामने रोजगार का रास्ता बंद है।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा शक्ति है। उनके मुताबिक अमेरिका, रूस और चीन की ताकत की चर्चा होती है, लेकिन भारत के युवाओं की क्षमता इन देशों से कहीं बड़ी है। उन्होंने कहा कि करीब 40 करोड़ ऊर्जावान युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और इन्हें सही अवसर मिले तो भारत की तस्वीर बदल सकती है।
पढ़ाई पर खर्च, फिर भी नौकरी की गारंटी नहीं
राहुल गांधी ने छात्रों की पढ़ाई और रोजगार के बीच बढ़ती दूरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसी पढ़ाई के लिए परिवार बड़ी रकम खर्च करते हैं, लेकिन डिग्री और प्रमाणपत्र मिलने के बाद भी नौकरी की गारंटी नहीं होती। उनका कहना था कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था का क्या फायदा, जो युवाओं को रोजगार तक नहीं पहुंचा सके।
नोटबंदी और जीएसटी पर भी निशाना
राहुल गांधी ने रोजगार के सवाल को देश के कारोबार से भी जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के बाजारों में चीन और बांग्लादेश में बने सामान दिखाई देते हैं, लेकिन भारत में बने सामान की मौजूदगी उतनी नहीं है। उन्होंने इसके लिए नोटबंदी और जीएसटी लागू करने के तरीके को जिम्मेदार बताया और कहा कि इससे छोटे व्यापारियों को नुकसान हुआ।
सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा भी सवालों के घेरे में
राहुल गांधी ने सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में पेपर लीक का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि युवा वर्षों तक सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं, पैसा खर्च करते हैं और परीक्षा देते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने दावा किया कि 150 युवाओं में केवल एक को नौकरी मिल पा रही है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय का भी किया जिक्र
प्रयागराज में अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुराने दौर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि एक समय इलाहाबाद देश के सबसे अच्छे विश्वविद्यालयों में गिना जाता था। उनके बयान का संदर्भ शिक्षा व्यवस्था में आए बदलाव और छात्रों के सामने खड़ी चुनौतियों से था।
‘दर्द, डेटा और दौलत’ पर बात करने पहुंचे राहुल
राहुल गांधी ने कहा कि वह छात्रों के बीच तीन मुद्दों—दर्द, डेटा और दौलत—पर बात करने आए हैं। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं के पास बड़ी मात्रा में डेटा है और इसी डेटा के बिना कृत्रिम बुद्धिमत्ता का कोई मतलब नहीं है। उनके मुताबिक भारत के युवाओं के पास ज्ञान, ऊर्जा और तकनीक को आगे बढ़ाने की क्षमता है, लेकिन इसका फायदा देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार में दिखाई देना चाहिए।
युवाओं को बताया भारत की असली ताकत
राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि वे सिर्फ एक कार्यक्रम में मौजूद भीड़ नहीं हैं, बल्कि भारत की ताकत और देश का गौरव हैं। उन्होंने कहा कि भारत के हर युवा को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। उनके मुताबिक युवाओं की क्षमता का सही इस्तेमाल नहीं हुआ तो देश अपनी सबसे बड़ी ताकत का पूरा लाभ नहीं उठा पाएगा।
राहुल गांधी का प्रयागराज दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब छात्रों और युवाओं के बीच रोजगार, भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सवाल लगातार उठते रहे हैं। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उन्होंने इन्हीं मुद्दों को केंद्र में रखते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
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