By aryavartalive | Published: 10 August 2026 at 03:21 PM
पटना: स्त्री रोग, दूरबीन सर्जरी और फर्टिलिटी के क्षेत्र में डॉक्टरों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए पटना के कंकड़बाग स्थित विमेंस हॉस्पिटल एंड फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर ने अत्याधुनिक रियल हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग सेंटर शुरू किया है। संस्थान का दावा है कि उत्तर भारत में यह अपनी तरह का पहला प्रशिक्षण केंद्र है, जहां चिकित्सकों को एंडोस्कोपी, गायनी लैप्रोस्कोपी और फर्टिलिटी से जुड़ी तकनीकों का सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, बल्कि वास्तविक प्रक्रियाओं के करीब जाकर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण केंद्र का मुख्य उद्देश्य स्त्री रोग विशेषज्ञों को आधुनिक तकनीकों में बेहतर तरीके से प्रशिक्षित करना है। संस्थान के मुताबिक प्रशिक्षण के दौरान डॉक्टरों को प्रक्रियाओं को समझने, तकनीक को सही तरीके से इस्तेमाल करने और जटिल मामलों में उचित निर्णय लेने की व्यावहारिक जानकारी दी जाती है।
विमेंस हॉस्पिटल एंड फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर का कहना है कि पिछले दो दशक से अधिक समय से स्त्री रोग और फर्टिलिटी के क्षेत्र में काम करते हुए उसने उपचार के साथ चिकित्सकों के कौशल विकास पर भी ध्यान दिया है। इसी अनुभव को अब व्यवस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
एंडोस्कोपी और दूरबीन सर्जरी पर खास फोकस
प्रशिक्षण कार्यक्रम में एंडोस्कोपी, गायनी लैप्रोस्कोपी और हिस्टेरोस्कोपी जैसी तकनीकों को प्रमुखता दी गई है। इसके अलावा बांझपन के उपचार से जुड़ी अलग-अलग प्रक्रियाओं को भी प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया गया है।
संस्थान से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, दूरबीन से होने वाली सर्जरी में तकनीकी दक्षता बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसलिए प्रशिक्षण के दौरान केवल प्रक्रिया की जानकारी देने के बजाय उसके हर महत्वपूर्ण चरण को समझने और सही तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है।
आईयूआई से लेकर आईवीएफ और आईसीएसआई तक प्रशिक्षण
फर्टिलिटी के क्षेत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रम का दायरा भी व्यापक रखा गया है। इसमें आईयूआई, आईवीएफ और आईसीएसआई जैसी प्रक्रियाओं के साथ पुरुष और महिला बांझपन से जुड़े मामलों की समझ भी शामिल है।
प्रशिक्षण से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि हर दंपती के लिए एक ही उपचार सही नहीं हो सकता। मरीज की उम्र, स्वास्थ्य, जांच रिपोर्ट और बांझपन के कारण के आधार पर उपचार का रास्ता अलग हो सकता है। ऐसे में डॉक्टरों के लिए अलग-अलग विकल्पों की सही समझ होना जरूरी है।
तीन विशेषज्ञों के निर्देशन में चल रहा प्रशिक्षण
विमेंस हॉस्पिटल के प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े विशेषज्ञों में डॉ. संजीव कुमार, डॉ. कुमारी अनुराग और डॉ. पंकज कुमार शामिल हैं। संस्थान के अनुसार इनके निर्देशन में चिकित्सकों को एंडोस्कोपी, गायनी लैप्रोस्कोपी, फर्टिलिटी और प्रजनन तकनीक से जुड़ी प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण का मकसद डॉक्टरों को केवल किसी प्रक्रिया की किताब में दी गई जानकारी तक सीमित रखना नहीं है। कोशिश यह है कि चिकित्सक प्रक्रिया की तकनीकी बारीकियों को समझें और मरीज की स्थिति के अनुसार बेहतर निर्णय लेने की क्षमता विकसित कर सकें।
बांझपन के इलाज को लेकर भ्रांतियां दूर करने पर भी जोर
फर्टिलिटी उपचार को लेकर आम लोगों के बीच कई तरह की धारणाएं हैं। संस्थान की ओर से इन भ्रांतियों को वैज्ञानिक जानकारी के जरिए दूर करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह मान लेना सही नहीं है कि बांझपन के हर मामले में सीधे आईवीएफ ही कराना पड़ेगा। कुछ मामलों में दवाओं, जीवनशैली में बदलाव, आईयूआई या दूसरी छोटी प्रक्रियाओं से भी उपचार संभव हो सकता है। वहीं कुछ परिस्थितियों में आईवीएफ या आईसीएसआई जैसी तकनीकों की जरूरत पड़ सकती है।
दूरबीन सर्जरी को लेकर भी बदल रही सोच
दूरबीन सर्जरी को लेकर मरीजों के बीच दर्द और लंबे समय तक ठीक होने जैसी कई चिंताएं रहती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित चिकित्सक के जरिए कई स्त्री रोग संबंधी सर्जरी कम चीरे के साथ की जा सकती हैं।
हालांकि किसी भी सर्जरी का तरीका मरीज की बीमारी, स्वास्थ्य और चिकित्सकीय जरूरत के आधार पर तय किया जाता है। प्रशिक्षण केंद्र में डॉक्टरों को इसी तरह मरीज की स्थिति का आकलन करके उपयुक्त तकनीक चुनने की समझ देने पर जोर दिया जा रहा है।
10 साल की प्रशिक्षण यात्रा को किताब में किया गया दर्ज
विमेंस हॉस्पिटल की प्रशिक्षण यात्रा को ‘रियल हैंड्स-ऑन रिवॉल्यूशन: जर्नी ऑफ ए डिकेड ऑफ एंडोगायनी एंड फर्टिलिटी ट्रेनिंग’ नाम की पुस्तक में भी दर्ज किया गया है। इसमें वर्ष 2016 से 2026 तक एंडोगायनी और फर्टिलिटी प्रशिक्षण के क्षेत्र में हुए काम, अनुभव और नवाचारों को शामिल किया गया है।
संस्थान के अनुसार इस पुस्तक में दूरबीन सर्जरी, फर्टिलिटी उपचार, प्रशिक्षण और शोध से जुड़े अनुभवों को जगह दी गई है। राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, बिहार से जुड़े एक कार्यक्रम में पुस्तक का लोकार्पण भी किया गया।
उपचार के साथ डॉक्टरों की दक्षता बढ़ाने की कोशिश
विमेंस हॉस्पिटल एंड फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर का जोर आधुनिक तकनीक के साथ उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ डॉक्टरों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर भी है। संस्थान का कहना है कि प्रशिक्षण का अंतिम उद्देश्य मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद करना है।
केंद्र में फर्टिलिटी काउंसलिंग, पुरुष बांझपन, महिला प्रजनन संबंधी जटिलताओं और आधुनिक प्रजनन तकनीकों से जुड़े विषयों को भी प्रशिक्षण में शामिल किया गया है। संस्थान के मुताबिक व्यावहारिक प्रशिक्षण के जरिए चिकित्सकों को वास्तविक परिस्थितियों में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
कंकड़बाग में स्थित है प्रशिक्षण और उपचार केंद्र
विमेंस हॉस्पिटल एंड फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर पटना के कंकड़बाग स्थित एफ-131, पीसी कॉलोनी में है। यहां उपचार के साथ प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। संस्थान की ओर से दूरबीन सर्जरी और फर्टिलिटी के क्षेत्र में अपने लंबे अनुभव तथा आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को प्रमुख विशेषता बताया गया है। प्रशिक्षण या उपचार से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए 9430801574, 7546041845 और 8709302756 पर संपर्क किया जा सकता है।
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