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कैमूर में बिजली व्यवस्था को लेकर ऊर्जा सचिव का बड़ा निर्देश, पुसौली से रामकरपुर तक लिया जायजा

By Malay Ojha | Published: 17 August 2026 at 10:38 AM

कैमूर जिले में बिजली व्यवस्था को लेकर ऊर्जा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। ऊर्जा सचिव सह बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने रविवार को सासाराम डिवीजन के अंतर्गत पुसौली में बिजली व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित काम तय समय में पूरा करने, बिजली ढांचे के रखरखाव में लापरवाही नहीं बरतने और उपभोक्ताओं को लगातार बेहतर बिजली देने का निर्देश दिया।

पुसौली के सम्मेलन कक्ष में हुई बैठक में ऊर्जा सचिव ने बिजली कंपनी के कामकाज से जुड़े कई अहम मुद्दों की जानकारी ली। इस दौरान राजस्व संग्रहण, चल रही योजनाओं, बिजली के संचरण और रखरखाव से जुड़े कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों से यह भी पूछा गया कि जिन कामों को पूरा करने की समय-सीमा तय की गई है, उनकी वर्तमान स्थिति क्या है और कहां-कहां काम में देरी हो रही है।

लंबित काम समय पर पूरा करने का निर्देश
ऊर्जा सचिव ने साफ कहा कि बिजली से जुड़ी परियोजनाओं में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को लंबित कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने के साथ-साथ काम की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। बिजली के ढांचे का नियमित निरीक्षण और रखरखाव करने पर भी जोर दिया गया, ताकि तकनीकी खराबियों के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।

उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली देने पर जोर
बैठक में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए। ऊर्जा सचिव ने कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए जहां बिजली के पुराने ढांचे में सुधार की जरूरत है, वहां समय रहते काम पूरा किया जाए। साथ ही बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में व्यवस्था को मजबूत करने पर भी ध्यान देने को कहा गया।

पुसौली ग्रिड उपकेंद्र का किया निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद अजय यादव ने 220/132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र, पुसौली का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रिड की मौजूदा स्थिति, संचालन व्यवस्था और वहां चल रहे कामों की जानकारी अधिकारियों से ली। निरीक्षण के दौरान बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए जरूरी व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली गई। उन्होंने अधिकारियों को ग्रिड से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों का पूरी तरह पालन करने का निर्देश दिया।

नदोखर उपकेंद्र में व्यवस्था की जानकारी ली
इसके बाद ऊर्जा सचिव नदोखर स्थित विद्युत शक्ति उपकेंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने उपकेंद्र की मौजूदा स्थिति और बिजली आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने उन्हें बिजली के संचरण और आपूर्ति से संबंधित जानकारी दी। ऊर्जा सचिव ने उपकेंद्र की व्यवस्था को दुरुस्त रखने और किसी भी तकनीकी समस्या का समय रहते समाधान करने पर जोर दिया।

उपकेंद्र परिसर में किया पौधरोपण
नदोखर उपकेंद्र के निरीक्षण के दौरान ऊर्जा सचिव ने परिसर में पौधरोपण भी किया। उन्होंने बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी जरूरी बताया। विभागीय परिसर में हरियाली बढ़ाने के लिए पौधों की देखभाल और नियमित संरक्षण पर ध्यान देने की जरूरत बताई गई।

कुटीर ज्योति योजना के लाभार्थी के घर पहुंचे
इसके बाद अजय यादव चिलबिली गांव पहुंचे, जहां उन्होंने यूएलए यानी कुटीर ज्योति योजना के तहत किए गए कार्यों का निरीक्षण किया। वे योजना के एक लाभार्थी के घर भी गए और वहां योजना से मिल रहे लाभ की जानकारी ली। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि योजना का लाभ वास्तविक रूप से पात्र परिवार तक पहुंच रहा है या नहीं और बिजली कनेक्शन से परिवार को किस तरह की सुविधा मिल रही है।

पात्र परिवारों तक योजना पहुंचाने का निर्देश
ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों से कहा कि कुटीर ज्योति योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को समय पर लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने काम की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ ऐसे परिवारों की पहचान करने और उन्हें योजना से जोड़ने पर जोर दिया, जो अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का उद्देश्य केवल कागज पर काम पूरा करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों तक बिजली की सुविधा पहुंचाना है।

रामकरपुर में नए उपकेंद्र की व्यवस्था देखी
दौरे के अंतिम चरण में ऊर्जा सचिव रामकरपुर गांव पहुंचे। यहां उन्होंने नवनिर्मित विद्युत शक्ति उपकेंद्र का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण से जुड़े कार्यों, उपलब्ध सुविधाओं और आगे की तैयारियों के बारे में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि उपकेंद्र से जुड़े सभी काम गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों के अनुसार पूरे किए जाएं।

गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता नहीं
रामकरपुर में निरीक्षण के दौरान ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिजली से जुड़ी परियोजनाओं में गुणवत्ता के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। निर्माण और संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन भी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से नियमित निगरानी रखने और काम में किसी तरह की कमी मिलने पर तत्काल सुधार कराने को कहा।

अधिकारियों को राजस्व बढ़ाने की भी जिम्मेदारी
पुसौली में हुई समीक्षा बैठक में राजस्व संग्रहण की स्थिति भी प्रमुख मुद्दा रही। ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों से अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए राजस्व संग्रहण की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए विभागीय अधिकारियों को उपभोक्ताओं से जुड़े मामलों के निपटारे, राजस्व वसूली और लंबित कार्यों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया।

कैमूर की बिजली व्यवस्था पर रहा पूरा फोकस
ऊर्जा सचिव के पूरे दौरे में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर खास जोर रहा। एक तरफ उन्होंने बड़े ग्रिड और विद्युत शक्ति उपकेंद्रों की स्थिति देखी, वहीं दूसरी ओर गांव में जाकर योजना के वास्तविक लाभार्थी से भी जानकारी ली। इससे विभागीय योजनाओं की जमीनी स्थिति समझने के साथ उन कमियों की पहचान करने की कोशिश की गई, जिन्हें समय रहते दूर किया जा सके।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक और निरीक्षण के दौरान कैमूर के जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह, मुख्य अभियंता एसबीपीडीसीएल मो. रिजवान अहमद, सासाराम के विद्युत अधीक्षण अभियंता इंद्रदेव कुमार, भभुआ के विद्युत कार्यपालक अभियंता शशिकांत कुमार, सासाराम के विद्युत कार्यपालक अभियंता ब्रवीम, डेहरी के विद्युत कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार सहित संबंधित क्षेत्र के सभी सहायक विद्युत अभियंता मौजूद रहे।

बिजली व्यवस्था में सुधार की दिशा में अहम निरीक्षण
ऊर्जा सचिव का यह दौरा केवल समीक्षा बैठक तक सीमित नहीं रहा। पुसौली में विभागीय कामकाज की समीक्षा से लेकर ग्रिड उपकेंद्र, नदोखर उपकेंद्र, चिलबिली गांव की कुटीर ज्योति योजना और रामकरपुर के नए विद्युत शक्ति उपकेंद्र तक उन्होंने अलग-अलग स्तर पर बिजली व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का मुख्य फोकस समय पर काम पूरा करने, बिजली ढांचे को मजबूत रखने, राजस्व संग्रहण बढ़ाने और उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली उपलब्ध कराने पर रहा।

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कैमूर में बिजली व्यवस्था को लेकर ऊर्जा सचिव का बड़ा निर्देश, पुसौली से रामकरपुर तक लिया जायजा

By Malay Ojha | Published: 17 August 2026 at 10:38 AM

कैमूर जिले में बिजली व्यवस्था को लेकर ऊर्जा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। ऊर्जा सचिव सह बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने रविवार को सासाराम डिवीजन के अंतर्गत पुसौली में बिजली व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित काम तय समय में पूरा करने, बिजली ढांचे के रखरखाव में लापरवाही नहीं बरतने और उपभोक्ताओं को लगातार बेहतर बिजली देने का निर्देश दिया।

पुसौली के सम्मेलन कक्ष में हुई बैठक में ऊर्जा सचिव ने बिजली कंपनी के कामकाज से जुड़े कई अहम मुद्दों की जानकारी ली। इस दौरान राजस्व संग्रहण, चल रही योजनाओं, बिजली के संचरण और रखरखाव से जुड़े कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों से यह भी पूछा गया कि जिन कामों को पूरा करने की समय-सीमा तय की गई है, उनकी वर्तमान स्थिति क्या है और कहां-कहां काम में देरी हो रही है।

लंबित काम समय पर पूरा करने का निर्देश
ऊर्जा सचिव ने साफ कहा कि बिजली से जुड़ी परियोजनाओं में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को लंबित कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने के साथ-साथ काम की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। बिजली के ढांचे का नियमित निरीक्षण और रखरखाव करने पर भी जोर दिया गया, ताकि तकनीकी खराबियों के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।

उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली देने पर जोर
बैठक में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए। ऊर्जा सचिव ने कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए जहां बिजली के पुराने ढांचे में सुधार की जरूरत है, वहां समय रहते काम पूरा किया जाए। साथ ही बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में व्यवस्था को मजबूत करने पर भी ध्यान देने को कहा गया।

पुसौली ग्रिड उपकेंद्र का किया निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद अजय यादव ने 220/132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र, पुसौली का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रिड की मौजूदा स्थिति, संचालन व्यवस्था और वहां चल रहे कामों की जानकारी अधिकारियों से ली। निरीक्षण के दौरान बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए जरूरी व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली गई। उन्होंने अधिकारियों को ग्रिड से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों का पूरी तरह पालन करने का निर्देश दिया।

नदोखर उपकेंद्र में व्यवस्था की जानकारी ली
इसके बाद ऊर्जा सचिव नदोखर स्थित विद्युत शक्ति उपकेंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने उपकेंद्र की मौजूदा स्थिति और बिजली आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने उन्हें बिजली के संचरण और आपूर्ति से संबंधित जानकारी दी। ऊर्जा सचिव ने उपकेंद्र की व्यवस्था को दुरुस्त रखने और किसी भी तकनीकी समस्या का समय रहते समाधान करने पर जोर दिया।

उपकेंद्र परिसर में किया पौधरोपण
नदोखर उपकेंद्र के निरीक्षण के दौरान ऊर्जा सचिव ने परिसर में पौधरोपण भी किया। उन्होंने बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी जरूरी बताया। विभागीय परिसर में हरियाली बढ़ाने के लिए पौधों की देखभाल और नियमित संरक्षण पर ध्यान देने की जरूरत बताई गई।

कुटीर ज्योति योजना के लाभार्थी के घर पहुंचे
इसके बाद अजय यादव चिलबिली गांव पहुंचे, जहां उन्होंने यूएलए यानी कुटीर ज्योति योजना के तहत किए गए कार्यों का निरीक्षण किया। वे योजना के एक लाभार्थी के घर भी गए और वहां योजना से मिल रहे लाभ की जानकारी ली। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि योजना का लाभ वास्तविक रूप से पात्र परिवार तक पहुंच रहा है या नहीं और बिजली कनेक्शन से परिवार को किस तरह की सुविधा मिल रही है।

पात्र परिवारों तक योजना पहुंचाने का निर्देश
ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों से कहा कि कुटीर ज्योति योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को समय पर लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने काम की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ ऐसे परिवारों की पहचान करने और उन्हें योजना से जोड़ने पर जोर दिया, जो अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का उद्देश्य केवल कागज पर काम पूरा करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों तक बिजली की सुविधा पहुंचाना है।

रामकरपुर में नए उपकेंद्र की व्यवस्था देखी
दौरे के अंतिम चरण में ऊर्जा सचिव रामकरपुर गांव पहुंचे। यहां उन्होंने नवनिर्मित विद्युत शक्ति उपकेंद्र का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण से जुड़े कार्यों, उपलब्ध सुविधाओं और आगे की तैयारियों के बारे में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि उपकेंद्र से जुड़े सभी काम गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों के अनुसार पूरे किए जाएं।

गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता नहीं
रामकरपुर में निरीक्षण के दौरान ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिजली से जुड़ी परियोजनाओं में गुणवत्ता के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। निर्माण और संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन भी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से नियमित निगरानी रखने और काम में किसी तरह की कमी मिलने पर तत्काल सुधार कराने को कहा।

अधिकारियों को राजस्व बढ़ाने की भी जिम्मेदारी
पुसौली में हुई समीक्षा बैठक में राजस्व संग्रहण की स्थिति भी प्रमुख मुद्दा रही। ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों से अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए राजस्व संग्रहण की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए विभागीय अधिकारियों को उपभोक्ताओं से जुड़े मामलों के निपटारे, राजस्व वसूली और लंबित कार्यों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया।

कैमूर की बिजली व्यवस्था पर रहा पूरा फोकस
ऊर्जा सचिव के पूरे दौरे में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर खास जोर रहा। एक तरफ उन्होंने बड़े ग्रिड और विद्युत शक्ति उपकेंद्रों की स्थिति देखी, वहीं दूसरी ओर गांव में जाकर योजना के वास्तविक लाभार्थी से भी जानकारी ली। इससे विभागीय योजनाओं की जमीनी स्थिति समझने के साथ उन कमियों की पहचान करने की कोशिश की गई, जिन्हें समय रहते दूर किया जा सके।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक और निरीक्षण के दौरान कैमूर के जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह, मुख्य अभियंता एसबीपीडीसीएल मो. रिजवान अहमद, सासाराम के विद्युत अधीक्षण अभियंता इंद्रदेव कुमार, भभुआ के विद्युत कार्यपालक अभियंता शशिकांत कुमार, सासाराम के विद्युत कार्यपालक अभियंता ब्रवीम, डेहरी के विद्युत कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार सहित संबंधित क्षेत्र के सभी सहायक विद्युत अभियंता मौजूद रहे।

बिजली व्यवस्था में सुधार की दिशा में अहम निरीक्षण
ऊर्जा सचिव का यह दौरा केवल समीक्षा बैठक तक सीमित नहीं रहा। पुसौली में विभागीय कामकाज की समीक्षा से लेकर ग्रिड उपकेंद्र, नदोखर उपकेंद्र, चिलबिली गांव की कुटीर ज्योति योजना और रामकरपुर के नए विद्युत शक्ति उपकेंद्र तक उन्होंने अलग-अलग स्तर पर बिजली व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का मुख्य फोकस समय पर काम पूरा करने, बिजली ढांचे को मजबूत रखने, राजस्व संग्रहण बढ़ाने और उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली उपलब्ध कराने पर रहा।

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