By aryavartalive | Published: 24 August 2026 at 08:11 AM
मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां में जमीन विवाद को लेकर हुई तोड़फोड़ और मारपीट के मामले में पुलिस की कार्रवाई अब बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू के घर तक पहुंच गई है। अदालत से सर्च वारंट मिलने के बाद पुलिस ने विधायक के मुजफ्फरपुर स्थित आवास पर छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान विधायक के भाई सोनू सिंह की भूमिका सामने आई है, जबकि विधायक की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
रविवार सुबह हुई इस कार्रवाई में तीन डीएसपी के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने कई घंटे तक विधायक के आवास की तलाशी ली। यह कार्रवाई झपहां डीह में जमीन पर बनी बाउंड्री और निर्माण को तोड़े जाने के मामले की जांच के तहत की गई। पुलिस का कहना है कि तलाशी से पहले न्यायालय से सर्च वारंट लिया गया था।
जमीन विवाद से जुड़ा है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त को अहियापुर के झपहां डीह में विवादित जमीन पर जेसीबी समेत कुछ वाहन पहुंचे थे। आरोप है कि वहां कई लोगों की बाउंड्री और निर्माण को तोड़ दिया गया। विरोध करने पर मारपीट और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए। घटना के बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर कार्रवाई शुरू हुई।
दो आरोपियों को पहले ही भेजा गया जेल
मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सुमित श्रीवास्तव और सन्नी सिंह को गिरफ्तार किया था। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद दूसरे पीड़ित भी सामने आए और पुलिस को अलग-अलग शिकायतें मिलीं। पुलिस के मुताबिक, अब तक इस मामले से जुड़ी 13 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं।
जांच की आंच विधायक के परिवार तक पहुंची
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने विधायक के भाई सोनू सिंह की भूमिका पर भी पड़ताल शुरू की। पुलिस के अनुसार, जमीन विवाद से जुड़ी घटना में उनकी भूमिका के संकेत मिले हैं। पुलिस उनकी तलाश में भी जुटी है। इसी जांच के आधार पर विधायक के आवास की तलाशी के लिए न्यायालय से अनुमति ली गई।
तलाशी में जमीन से जुड़े कागजात मिले
पुलिस के मुताबिक, विधायक के आवास की तलाशी के दौरान जमीन और साझेदारी से जुड़े कुछ दस्तावेज मिले हैं। इनमें बैंक खातों से संबंधित विवरण, वाहनों के कागजात और वर्ष 2017 का हस्ताक्षर किया हुआ खाली स्टांप पेपर भी शामिल बताया गया है। पुलिस अब इन दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इनका जमीन विवाद से क्या संबंध है।
एसएसपी खुद पहुंचे घटनास्थल
छापेमारी के बाद मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा खुद घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने जमीन विवाद से प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनकी शिकायतें सुनीं। पुलिस अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित पक्ष की सुरक्षा को लेकर जरूरी निर्देश दिए गए।
पुलिस की नजर फरार आरोपियों पर
इस मामले में पुलिस अब उन लोगों की पहचान और गिरफ्तारी पर ध्यान दे रही है, जिनकी भूमिका जमीन पर हुई तोड़फोड़ में सामने आ रही है। खास तौर पर विधायक के भाई सोनू सिंह की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विधायक ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, विधायक अमित कुमार रानू ने पुलिस की कार्रवाई और अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि संबंधित जमीन उनकी पार्टी के एक कार्यकर्ता के नाम पर है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ऐसे में अब पुलिस की जांच और बरामद दस्तावेजों की पड़ताल से ही यह साफ होगा कि जमीन विवाद में किसकी वास्तविक भूमिका थी।
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