By Malay Ojha | Published: 23 August 2026 at 10:31 PM
मेरठ की निलंबित महिला दरोगा अनु कॉलिस ने कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा है। निलंबन के करीब सात दिन बाद यूट्यूब पर लाइव आईं अनु ने वीडियो वायरल करने वाले यूट्यूबर अमित किल्होर पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने उसी फ्रॉक को पहनकर लाइव किया, जिसे लेकर उनका कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ था। अनु ने कहा कि उनकी छवि खराब की गई और वह खुद को इस पूरे मामले में साइबर पीड़ित मानती हैं।
अनु कॉलिस ने अपने लाइव वीडियो में वायरल वीडियो में दिखाई दे रही फ्रॉक को लेकर सीधे सफाई दी। उन्होंने कहा कि जिस कपड़े का स्क्रीनशॉट लेकर उन्हें गलत तरीके से पेश किया गया, वही फ्रॉक पहनकर वह सामने आई हैं। उनके मुताबिक यह कपड़ा उन्होंने अपनी मां के साथ आगरा के एक मॉल से खरीदा था और उन्हें यह काफी पसंद है।
उन्होंने वीडियो में यूट्यूबर अमित किल्होर को संबोधित करते हुए कहा कि अगर इस फ्रॉक की वजह से ही उनके चरित्र पर सवाल उठाए जा रहे हैं तो वह इसी कपड़े में सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखना चाहती हैं। 
‘मेरे घर में ऐसे कपड़े पहनना सामान्य है’
अनु ने अपने परिवार और निजी जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि वह रोमन कैथोलिक हैं और उनके परिवार में इस तरह के कपड़े पहनना सामान्य माना जाता है। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता और भाई को इस पोशाक से कोई परेशानी नहीं है।
उन्होंने सवाल किया कि अगर किसी व्यक्ति को उनका पहनावा या वीडियो पसंद नहीं है तो वह उसे देखना बंद कर सकता है। अनु का कहना था कि किसी की पसंद या पहनावे के आधार पर उसके चरित्र पर सवाल उठाना सही नहीं है।
वीडियो वायरल करने वाले पर लगाए गंभीर आरोप
लाइव के दौरान अनु ने अमित किल्होर पर उनकी जिंदगी और करियर को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि उनकी निजी तस्वीर या वीडियो को लेकर इस तरह की सामग्री सामने लाने से आखिर किसे फायदा हुआ।
अनु का दावा है कि संबंधित वीडियो को लेकर विवाद बढ़ने के बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, जबकि उनका अपना चैनल और गतिविधियां जारी रहीं। उन्होंने खुद को इस पूरे मामले में पीड़ित बताया और कहा कि उनकी जिंदगी पर इसका गंभीर असर पड़ा है।
‘मेरी जिंदगी और सोशल लाइफ खत्म हो गई’
अनु ने भावुक होकर कहा कि वायरल सामग्री और उसके बाद हुई चर्चा ने उनकी सामाजिक जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। उनके मुताबिक सोशल मीडिया पर उन्हें जिस तरह पेश किया गया, उससे उनकी छवि और वर्षों की मेहनत पर सवाल खड़े हो गए।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को धमकियां भी मिल रही हैं। लाइव के दौरान उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति को लेकर भी बेहद गंभीर बात कही और बताया कि वह कई दिनों से ठीक से खाना नहीं खा पा रही हैं तथा उनके मन में खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे विचार आए हैं।
अनु ने लगाए वीडियो के गलत इस्तेमाल के आरोप
अनु का कहना है कि उनके सोशल मीडिया पर मौजूद सामान्य सामग्री को अलग संदर्भ में पेश किया गया। उन्होंने कहा कि उनके वीडियो का उद्देश्य किसी तरह की आपत्तिजनक सामग्री बनाना नहीं था।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके किसी वीडियो को लेकर सवाल हैं तो उसकी जांच होनी चाहिए। उनके मुताबिक किसी तस्वीर या वीडियो का स्क्रीनशॉट लेकर उसके आधार पर किसी व्यक्ति के चरित्र को लेकर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
वायरल वीडियो में दिखे क्यूआर कोड पर भी सफाई
विवादित वीडियो में दिखाई देने वाले क्यूआर कोड को लेकर भी अनु ने अपनी सफाई दी। उन्होंने दावा किया कि वह किसी भुगतान या पैसे मांगने के लिए इस्तेमाल किया गया क्यूआर कोड नहीं था, बल्कि उनके इंस्टाग्राम खाते से जुड़ा क्यूआर कोड था।
अनु ने बताया कि वह अपने सोशल मीडिया दर्शकों से खाते को फॉलो करने, चैनल को आगे बढ़ाने और वीडियो को पसंद करने की अपील करती थीं। इसी वजह से उन्होंने अपने सोशल मीडिया खाते का क्यूआर कोड इस्तेमाल किया था।
‘जांच कराते, फिर आरोप लगाते’
अनु ने वीडियो में यह सवाल भी उठाया कि सोशल मीडिया पर किसी सामग्री को लेकर निष्कर्ष निकालने से पहले उसकी जांच क्यों नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास किसी वीडियो को लेकर संदेह था तो उसे संबंधित एजेंसी या पुलिस के सामने जांच के लिए रखना चाहिए था।
उनका कहना था कि किसी महिला की तस्वीर या वीडियो को वायरल करके उसके चरित्र पर सवाल उठाना बेहद गंभीर मामला है। अनु ने कहा कि वह खुद किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं।
पुलिस विभाग की गाइडलाइन पर भी दिया जवाब
अनु ने अपने बचाव में कहा कि उन्हें सोशल मीडिया से जुड़ी विभागीय गाइडलाइन की जानकारी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या उन्होंने कभी वर्दी में आकर ऐसा लाइव वीडियो बनाया, जिससे पुलिस विभाग की छवि खराब होती हो।
उन्होंने कहा कि वह सब-इंस्पेक्टर हैं और उन्हें यह समझ है कि पुलिस की वर्दी में सोशल मीडिया पर किस तरह की गतिविधियां नहीं की जानी चाहिए। उनका दावा है कि उनकी कथित आपत्तिजनक सामग्री को पुलिस की आधिकारिक भूमिका से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
‘मेरी एक वीडियो दिखा दीजिए’
लाइव के दौरान अनु ने चुनौती देते हुए कहा कि उनकी ऐसी कोई वीडियो दिखाई जाए, जिसमें उन्होंने पुलिस की वर्दी पहनकर विभाग के खिलाफ या पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली कोई बात कही हो।
उन्होंने कहा कि वह अपनी निजी जिंदगी और पुलिस की नौकरी के बीच अंतर समझती हैं। अनु के मुताबिक, सोशल मीडिया पर उनकी निजी गतिविधियों को उनकी सरकारी जिम्मेदारी से जोड़कर देखा जाना उचित नहीं है।
वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात का भी किया जिक्र
अनु ने बताया कि वह कार्यालय भी गई थीं और वहां एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से मिलीं। उन्होंने दावा किया कि अधिकारी ने उनकी सोशल मीडिया गतिविधि को लेकर कड़ी टिप्पणी की।
अनु ने इसी संदर्भ में एक पुराने मामले का भी जिक्र किया और कहा कि सोशल मीडिया पर किसी की तस्वीर या वीडियो को संपादित करके अलग रूप में वायरल किया जा सकता है। उनका कहना था कि किसी वायरल सामग्री को अंतिम सच मानने से पहले उसकी वास्तविकता की जांच जरूरी है।
‘मैं हर जांच के लिए तैयार हूं’
अनु कॉलिस ने अपने लाइव वीडियो में कहा कि उन्हें किसी जांच से डर नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अगर उनकी सामग्री की निष्पक्ष जांच की जाती है तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके सोशल मीडिया खाते पर मुख्य रूप से खान-पान, फिटनेस और जीवनशैली से जुड़ी सामग्री रही है। उनके अनुसार, इसी सामग्री को अलग तरीके से पेश किए जाने के कारण पूरा विवाद खड़ा हुआ।
निलंबन के बाद बढ़ा था विवाद
अनु कॉलिस के कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया था। इसके बाद मामले को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हुईं।
ताजा घटनाक्रम में अनु का सामने आकर अपनी सफाई देना महत्वपूर्ण है। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है और वायरल वीडियो की वास्तविकता तथा उसके प्रसार से जुड़े सभी पहलुओं की जांच का निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री को लेकर बड़ा सवाल
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति की तस्वीर, वीडियो या निजी सामग्री वायरल होने के बाद उसके आधार पर धारणा बनाना कितना सही है। अनु ने अपने लाइव वीडियो में इसी बात को प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने कहा कि अगर किसी सामग्री को लेकर सवाल है तो उसकी तकनीकी और तथ्यात्मक जांच होनी चाहिए। उनके मुताबिक बिना जांच के किसी व्यक्ति की छवि खराब करने वाली सामग्री को बढ़ावा देना गंभीर समस्या है।
अब जांच के नतीजे पर रहेगी नजर
अनु कॉलिस की सफाई सामने आने के बाद अब इस पूरे मामले में आगे की जांच और पुलिस विभाग की कार्रवाई पर नजर रहेगी। फिलहाल अनु ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए खुद को पीड़ित बताया है और हर तरह की जांच में सहयोग करने की बात कही है।
उनके बयान से साफ है कि वह इस विवाद को सिर्फ सोशल मीडिया की बहस नहीं मान रही हैं, बल्कि इसे अपने करियर, परिवार और निजी जीवन से जुड़ा गंभीर मामला बता रही हैं। दूसरी ओर, उनके लगाए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
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