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बिजली व्यवस्था को लेकर ऊर्जा सचिव सख्त, शिकायतों के त्वरित समाधान और नियमित जांच के दिए निर्देश

By Malay Ojha | Published: 23 August 2026 at 08:20 PM

गया और जहानाबाद में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर ऊर्जा विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। ऊर्जा सचिव सह बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय यादव ने दोनों जिलों की विद्युत व्यवस्था और चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ कहा कि बिजली व्यवस्था का पूरा संचालन उपभोक्ता केंद्रित होना चाहिए और शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।

गयाजी विद्युत आपूर्ति अंचल के निरीक्षण के दौरान अजय यादव ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी उपभोक्ता की शिकायत को सामान्य मामला मानकर लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। शिकायत मिलने के बाद उसके समाधान की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो और तय समय के भीतर कार्रवाई पूरी हो।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को उपभोक्ताओं के साथ संवेदनशील और सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने की भी हिदायत दी। ऊर्जा सचिव ने कहा कि तकनीकी रूप से मजबूत बिजली व्यवस्था के साथ अच्छी उपभोक्ता सेवा भी जरूरी है।

गया-जहनाबाद की बिजली व्यवस्था की समीक्षा
ऊर्जा सचिव ने गया और जहानाबाद जिलों में बिजली आपूर्ति की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ चल रही परियोजनाओं की भी जानकारी ली। समीक्षा के दौरान बिजली ढांचे के रखरखाव, राजस्व संग्रह और राजस्व सुधार से जुड़े कामों की प्रगति पर भी चर्चा हुई।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बिजली की आपूर्ति को बेहतर बनाए रखने के लिए सिर्फ नई परियोजनाएं शुरू करना पर्याप्त नहीं है। पहले से मौजूद बिजली ढांचे का नियमित रखरखाव भी उतना ही जरूरी है, ताकि तकनीकी खराबियों के कारण आपूर्ति प्रभावित न हो।

मगध विश्वविद्यालय के बिजली केंद्र का किया निरीक्षण
निरीक्षण की शुरुआत मगध विश्वविद्यालय परिसर में स्थित 33/11 केवी विद्युत शक्ति उपकेंद्र से हुई। अजय यादव ने उपकेंद्र की व्यवस्था और वहां से जुड़ी बिजली आपूर्ति की स्थिति का जायजा लिया।

इसके बाद उन्होंने बिजली लाइनों और पावर सब-स्टेशनों के रखरखाव से जुड़े कामों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यालय की ओर से तय मानक संचालन प्रक्रिया का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया।

‘समय पर हो बिजली ढांचे का रखरखाव’
ऊर्जा सचिव ने कहा कि बिजली लाइनों, उपकेंद्रों और अन्य विद्युत ढांचे का रखरखाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होना चाहिए। किसी खराबी के बाद मरम्मत करने के बजाय नियमित जांच और समय पर रखरखाव पर जोर दिया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तय समय के अनुसार रखरखाव का काम पूरा होने से बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी। इसके साथ ही अचानक होने वाली तकनीकी खराबियों और लंबे समय तक बिजली बाधित रहने की समस्या को भी कम किया जा सकेगा।

दोमुहान में बन रहे पावर सब-स्टेशन का जायजा
अजय यादव ने बोधगया के दोमुहान में निर्माणाधीन पावर सब-स्टेशन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की मौजूदा स्थिति और अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित कार्यकारी एजेंसी को सभी काम तय गुणवत्ता और मानकों के अनुसार पूरा करने को कहा। उन्होंने परियोजना में अनावश्यक देरी नहीं करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करने पर जोर दिया।

परियोजना पूरी हुई तो इलाके को मिलेगा फायदा
ऊर्जा सचिव ने कहा कि दोमुहान में निर्माणाधीन पावर सब-स्टेशन के जल्द तैयार होने से आसपास के उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति देने में मदद मिलेगी। बिजली के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए मजबूत वितरण व्यवस्था तैयार करना जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं करने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने 220/132/33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन, बोधगया का भी निरीक्षण किया।

सोलर रूफटॉप संयंत्रों की भी जांच
निरीक्षण के दौरान ऊर्जा सचिव बोधगया के पड़रिया गांव पहुंचे। यहां उन्होंने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत चयनित कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों की छत पर लगाए जा रहे सोलर रूफटॉप संयंत्रों को देखा।

उन्होंने संबंधित एजेंसी के अधिकारियों से संयंत्रों की स्थापना की प्रक्रिया और काम की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। अजय यादव ने कहा कि सोलर रूफटॉप लगाने में तय मानकों का पालन हर हाल में होना चाहिए।

अधिकारियों को रोजाना निगरानी का निर्देश
निरीक्षण के बाद गयाजी विद्युत आपूर्ति अंचल के कार्यालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक में गया और जहानाबाद की बिजली आपूर्ति, निर्माणाधीन परियोजनाओं, विद्युत ढांचे के रखरखाव और राजस्व से जुड़े कामों की विस्तार से समीक्षा की गई।

ऊर्जा सचिव ने खास तौर पर कनीय विद्युत अभियंताओं और सहायक विद्युत अभियंताओं को अपने क्षेत्र में रोजाना निर्धारित रखरखाव कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सिर्फ कागजी रिपोर्ट के आधार पर काम नहीं चलेगा, बल्कि मौके पर जाकर व्यवस्था की जांच करनी होगी।

छापेमारी और बकाया वसूली पर भी जोर
समीक्षा बैठक में बिजली चोरी और बकाया राशि से जुड़े मामलों को लेकर भी अधिकारियों को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया। अजय यादव ने निर्धारित लक्ष्यों के मुताबिक बिजली कनेक्शन काटने और छापेमारी अभियान चलाने को कहा।

उन्होंने कहा कि राजस्व व्यवस्था मजबूत रहने से बिजली विभाग की सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। इसलिए बिजली आपूर्ति के साथ राजस्व संग्रह और बकाया राशि की वसूली पर भी बराबर ध्यान दिया जाना चाहिए।

एसओपी का पालन नहीं हुआ तो व्यवस्था पर असर
अजय यादव ने बिजली ढांचे के रखरखाव को लेकर मुख्यालय की ओर से तय मानक संचालन प्रक्रिया के पालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्धारित प्रक्रिया और समय-सारिणी के अनुसार रखरखाव किया जाए।

उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था में छोटी लापरवाही भी आगे चलकर बड़ी तकनीकी समस्या का कारण बन सकती है। इसलिए लाइन, उपकेंद्र और ग्रिड से जुड़े कामों में तय मानकों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।

‘गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता’
ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली देना ऊर्जा विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बिजली की आपूर्ति सिर्फ तार और उपकेंद्रों का नेटवर्क नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई हो और समाधान में अनावश्यक देरी न हो। उनके मुताबिक तकनीकी रूप से मजबूत व्यवस्था और बेहतर उपभोक्ता सेवा दोनों साथ-साथ चलनी चाहिए।

परियोजनाओं की प्रगति पर भी रहेगी नजर
गया और जहानाबाद में चल रही बिजली परियोजनाओं को लेकर भी ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों से नियमित निगरानी रखने को कहा। निर्माणाधीन योजनाओं को समय पर पूरा करने के साथ गुणवत्ता की जांच लगातार किए जाने की जरूरत बताई गई।

निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों से साफ है कि विभाग अब बिजली आपूर्ति के साथ-साथ शिकायत निवारण, रखरखाव, राजस्व और नई परियोजनाओं की प्रगति को एक साथ निगरानी में रखने पर जोर दे रहा है।

गया और जहानाबाद में बिजली व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अजय यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि उपभोक्ता सेवा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमित रखरखाव, समय पर शिकायत समाधान, बिजली चोरी पर कार्रवाई और निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय से पूरा करना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

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बिजली व्यवस्था को लेकर ऊर्जा सचिव सख्त, शिकायतों के त्वरित समाधान और नियमित जांच के दिए निर्देश

By Malay Ojha | Published: 23 August 2026 at 08:20 PM

गया और जहानाबाद में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर ऊर्जा विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। ऊर्जा सचिव सह बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय यादव ने दोनों जिलों की विद्युत व्यवस्था और चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ कहा कि बिजली व्यवस्था का पूरा संचालन उपभोक्ता केंद्रित होना चाहिए और शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।

गयाजी विद्युत आपूर्ति अंचल के निरीक्षण के दौरान अजय यादव ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी उपभोक्ता की शिकायत को सामान्य मामला मानकर लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। शिकायत मिलने के बाद उसके समाधान की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो और तय समय के भीतर कार्रवाई पूरी हो।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को उपभोक्ताओं के साथ संवेदनशील और सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने की भी हिदायत दी। ऊर्जा सचिव ने कहा कि तकनीकी रूप से मजबूत बिजली व्यवस्था के साथ अच्छी उपभोक्ता सेवा भी जरूरी है।

गया-जहनाबाद की बिजली व्यवस्था की समीक्षा
ऊर्जा सचिव ने गया और जहानाबाद जिलों में बिजली आपूर्ति की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ चल रही परियोजनाओं की भी जानकारी ली। समीक्षा के दौरान बिजली ढांचे के रखरखाव, राजस्व संग्रह और राजस्व सुधार से जुड़े कामों की प्रगति पर भी चर्चा हुई।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बिजली की आपूर्ति को बेहतर बनाए रखने के लिए सिर्फ नई परियोजनाएं शुरू करना पर्याप्त नहीं है। पहले से मौजूद बिजली ढांचे का नियमित रखरखाव भी उतना ही जरूरी है, ताकि तकनीकी खराबियों के कारण आपूर्ति प्रभावित न हो।

मगध विश्वविद्यालय के बिजली केंद्र का किया निरीक्षण
निरीक्षण की शुरुआत मगध विश्वविद्यालय परिसर में स्थित 33/11 केवी विद्युत शक्ति उपकेंद्र से हुई। अजय यादव ने उपकेंद्र की व्यवस्था और वहां से जुड़ी बिजली आपूर्ति की स्थिति का जायजा लिया।

इसके बाद उन्होंने बिजली लाइनों और पावर सब-स्टेशनों के रखरखाव से जुड़े कामों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यालय की ओर से तय मानक संचालन प्रक्रिया का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया।

‘समय पर हो बिजली ढांचे का रखरखाव’
ऊर्जा सचिव ने कहा कि बिजली लाइनों, उपकेंद्रों और अन्य विद्युत ढांचे का रखरखाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होना चाहिए। किसी खराबी के बाद मरम्मत करने के बजाय नियमित जांच और समय पर रखरखाव पर जोर दिया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तय समय के अनुसार रखरखाव का काम पूरा होने से बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी। इसके साथ ही अचानक होने वाली तकनीकी खराबियों और लंबे समय तक बिजली बाधित रहने की समस्या को भी कम किया जा सकेगा।

दोमुहान में बन रहे पावर सब-स्टेशन का जायजा
अजय यादव ने बोधगया के दोमुहान में निर्माणाधीन पावर सब-स्टेशन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की मौजूदा स्थिति और अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित कार्यकारी एजेंसी को सभी काम तय गुणवत्ता और मानकों के अनुसार पूरा करने को कहा। उन्होंने परियोजना में अनावश्यक देरी नहीं करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करने पर जोर दिया।

परियोजना पूरी हुई तो इलाके को मिलेगा फायदा
ऊर्जा सचिव ने कहा कि दोमुहान में निर्माणाधीन पावर सब-स्टेशन के जल्द तैयार होने से आसपास के उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति देने में मदद मिलेगी। बिजली के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए मजबूत वितरण व्यवस्था तैयार करना जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं करने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने 220/132/33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन, बोधगया का भी निरीक्षण किया।

सोलर रूफटॉप संयंत्रों की भी जांच
निरीक्षण के दौरान ऊर्जा सचिव बोधगया के पड़रिया गांव पहुंचे। यहां उन्होंने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत चयनित कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों की छत पर लगाए जा रहे सोलर रूफटॉप संयंत्रों को देखा।

उन्होंने संबंधित एजेंसी के अधिकारियों से संयंत्रों की स्थापना की प्रक्रिया और काम की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। अजय यादव ने कहा कि सोलर रूफटॉप लगाने में तय मानकों का पालन हर हाल में होना चाहिए।

अधिकारियों को रोजाना निगरानी का निर्देश
निरीक्षण के बाद गयाजी विद्युत आपूर्ति अंचल के कार्यालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक में गया और जहानाबाद की बिजली आपूर्ति, निर्माणाधीन परियोजनाओं, विद्युत ढांचे के रखरखाव और राजस्व से जुड़े कामों की विस्तार से समीक्षा की गई।

ऊर्जा सचिव ने खास तौर पर कनीय विद्युत अभियंताओं और सहायक विद्युत अभियंताओं को अपने क्षेत्र में रोजाना निर्धारित रखरखाव कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सिर्फ कागजी रिपोर्ट के आधार पर काम नहीं चलेगा, बल्कि मौके पर जाकर व्यवस्था की जांच करनी होगी।

छापेमारी और बकाया वसूली पर भी जोर
समीक्षा बैठक में बिजली चोरी और बकाया राशि से जुड़े मामलों को लेकर भी अधिकारियों को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया। अजय यादव ने निर्धारित लक्ष्यों के मुताबिक बिजली कनेक्शन काटने और छापेमारी अभियान चलाने को कहा।

उन्होंने कहा कि राजस्व व्यवस्था मजबूत रहने से बिजली विभाग की सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। इसलिए बिजली आपूर्ति के साथ राजस्व संग्रह और बकाया राशि की वसूली पर भी बराबर ध्यान दिया जाना चाहिए।

एसओपी का पालन नहीं हुआ तो व्यवस्था पर असर
अजय यादव ने बिजली ढांचे के रखरखाव को लेकर मुख्यालय की ओर से तय मानक संचालन प्रक्रिया के पालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्धारित प्रक्रिया और समय-सारिणी के अनुसार रखरखाव किया जाए।

उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था में छोटी लापरवाही भी आगे चलकर बड़ी तकनीकी समस्या का कारण बन सकती है। इसलिए लाइन, उपकेंद्र और ग्रिड से जुड़े कामों में तय मानकों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।

‘गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता’
ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली देना ऊर्जा विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बिजली की आपूर्ति सिर्फ तार और उपकेंद्रों का नेटवर्क नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई हो और समाधान में अनावश्यक देरी न हो। उनके मुताबिक तकनीकी रूप से मजबूत व्यवस्था और बेहतर उपभोक्ता सेवा दोनों साथ-साथ चलनी चाहिए।

परियोजनाओं की प्रगति पर भी रहेगी नजर
गया और जहानाबाद में चल रही बिजली परियोजनाओं को लेकर भी ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों से नियमित निगरानी रखने को कहा। निर्माणाधीन योजनाओं को समय पर पूरा करने के साथ गुणवत्ता की जांच लगातार किए जाने की जरूरत बताई गई।

निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों से साफ है कि विभाग अब बिजली आपूर्ति के साथ-साथ शिकायत निवारण, रखरखाव, राजस्व और नई परियोजनाओं की प्रगति को एक साथ निगरानी में रखने पर जोर दे रहा है।

गया और जहानाबाद में बिजली व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अजय यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि उपभोक्ता सेवा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमित रखरखाव, समय पर शिकायत समाधान, बिजली चोरी पर कार्रवाई और निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय से पूरा करना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

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