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पटना में ‘तुलसी के राम’ कार्यक्रम में बोले संजय सरावगी- नई पीढ़ी को राम के आदर्शों से जोड़ना जरूरी

By Malay Ojha | Published: 26 August 2026 at 04:27 PM

गोस्वामी तुलसीदास की जयंती सप्ताह के मौके पर पटना के रविंद्र भवन में ‘तुलसी के राम’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। सनातन संस्कृति चेतना परिषद के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी कार्यक्रम में शामिल हुए और लोगों को संबोधित किया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि तुलसीदास ने अपनी रचनाओं के जरिए भगवान श्रीराम के चरित्र को आम लोगों तक पहुंचाया। उनके अनुसार तुलसी के राम केवल पूजा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि सत्य, मर्यादा, त्याग, करुणा, सेवा और जिम्मेदारी जैसे जीवन मूल्यों की प्रेरणा भी देते हैं।

बदलते दौर में भी प्रासंगिक हैं राम के आदर्श
सरावगी ने कहा कि आज के समय में समाज कई तरह की चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे दौर में श्रीराम का जीवन संयम, सद्भाव और कर्तव्य के रास्ते पर चलने की सीख देता है। उन्होंने कहा कि तुलसीदास के साहित्य में मौजूद संदेश आज भी परिवार और समाज के लिए उतने ही उपयोगी हैं।

रामचरितमानस ने समाज को संस्कारों से जोड़ा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस के माध्यम से भारतीय समाज को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का काम किया। अब जरूरत है कि बच्चों और युवाओं को तुलसीदास के साहित्य तथा श्रीराम के जीवन मूल्यों से परिचित कराया जाए।

सनातन संस्कृति को बताया जीवन जीने की परंपरा
संजय सरावगी ने कहा कि सनातन संस्कृति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। इसमें मानवता, संस्कार, सेवा और समाज में आपसी मेल-जोल का भाव शामिल है। उन्होंने कहा कि श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाकर समाज में प्रेम, भाईचारे और सेवा की भावना को मजबूत किया जा सकता है।

संस्कृति से जुड़ाव को बताया जरूरी
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का काम करते हैं। बिहार की पहचान ज्ञान, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से रही है और इस विरासत को आगे बढ़ाने में युवाओं की भूमिका अहम है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, विधायकगण, सनातन संस्कृति चेतना परिषद के अध्यक्ष मनीष शुक्ला समेत बड़ी संख्या में रामभक्त और श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान तुलसीदास के साहित्य और भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चर्चा हुई।

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पटना में ‘तुलसी के राम’ कार्यक्रम में बोले संजय सरावगी- नई पीढ़ी को राम के आदर्शों से जोड़ना जरूरी

By Malay Ojha | Published: 26 August 2026 at 04:27 PM

गोस्वामी तुलसीदास की जयंती सप्ताह के मौके पर पटना के रविंद्र भवन में ‘तुलसी के राम’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। सनातन संस्कृति चेतना परिषद के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी कार्यक्रम में शामिल हुए और लोगों को संबोधित किया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि तुलसीदास ने अपनी रचनाओं के जरिए भगवान श्रीराम के चरित्र को आम लोगों तक पहुंचाया। उनके अनुसार तुलसी के राम केवल पूजा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि सत्य, मर्यादा, त्याग, करुणा, सेवा और जिम्मेदारी जैसे जीवन मूल्यों की प्रेरणा भी देते हैं।

बदलते दौर में भी प्रासंगिक हैं राम के आदर्श
सरावगी ने कहा कि आज के समय में समाज कई तरह की चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे दौर में श्रीराम का जीवन संयम, सद्भाव और कर्तव्य के रास्ते पर चलने की सीख देता है। उन्होंने कहा कि तुलसीदास के साहित्य में मौजूद संदेश आज भी परिवार और समाज के लिए उतने ही उपयोगी हैं।

रामचरितमानस ने समाज को संस्कारों से जोड़ा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस के माध्यम से भारतीय समाज को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का काम किया। अब जरूरत है कि बच्चों और युवाओं को तुलसीदास के साहित्य तथा श्रीराम के जीवन मूल्यों से परिचित कराया जाए।

सनातन संस्कृति को बताया जीवन जीने की परंपरा
संजय सरावगी ने कहा कि सनातन संस्कृति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। इसमें मानवता, संस्कार, सेवा और समाज में आपसी मेल-जोल का भाव शामिल है। उन्होंने कहा कि श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाकर समाज में प्रेम, भाईचारे और सेवा की भावना को मजबूत किया जा सकता है।

संस्कृति से जुड़ाव को बताया जरूरी
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का काम करते हैं। बिहार की पहचान ज्ञान, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से रही है और इस विरासत को आगे बढ़ाने में युवाओं की भूमिका अहम है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, विधायकगण, सनातन संस्कृति चेतना परिषद के अध्यक्ष मनीष शुक्ला समेत बड़ी संख्या में रामभक्त और श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान तुलसीदास के साहित्य और भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चर्चा हुई।

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