By Malay Ojha | Published: 01 November 2026 at 05:38 PM
INDIA गठबंधन की रामलीला मैदान में आयोजित महारैली में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यह लड़ाई यहीं नहीं रुकेगी। राहुल ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, ‘ज्ञानेश कुमार CEC के पद से हटेंगे और जेल जाएंगे।’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने 2024 के लोकसभा चुनाव को वोटों की चोरी से जोड़ते हुए दावा किया कि चुनाव के बाद देश के करीब 15 फीसदी मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। उन्होंने इसे लोकतंत्र और नागरिकों के मतदान के अधिकार पर हमला बताया। राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाना उनकी लड़ाई का पहला कदम होगा।
‘2024 का चुनाव गैरकानूनी था, वोटों की चोरी हुई’
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि देश में लंबे समय से चुनावों में गड़बड़ी की जा रही है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक के चुनावों में भी वोटों की चोरी हुई। उनके मुताबिक, 2024 के लोकसभा चुनाव में भी यही तरीका अपनाया गया।
उन्होंने EVM और मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के जरिए चुनावी नतीजों को प्रभावित करने का आरोप लगाया। राहुल ने दावा किया कि 2024 के चुनाव के बाद करीब 15 फीसदी मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। उन्होंने कहा कि यह कोई छोटी-मोटी चोरी नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक के मतदान के अधिकार से जुड़ा मामला है।
‘PM मोदी और अमित शाह भी रात को सो नहीं पा रहे’
राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर उन्हें अफसोस होता है, क्योंकि उनके मुताबिक उन्होंने देश की आवाज दबाने का काम किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार रात को सो नहीं पा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी चैन से नहीं सो पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति से नफरत की नहीं, बल्कि लोकतंत्र और जनता की आवाज बचाने की है। राहुल ने आरोप लगाया कि RSS ने देश की सभी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में किसानों और मजदूरों को उनका हक नहीं मिल रहा, जबकि युवाओं के सामने रोजगार का संकट बना हुआ है।
अडानी-अंबानी का कर्ज माफ, किसान पर सख्ती का आरोप
राहुल गांधी ने उद्योगपतियों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश का पैसा अडानी और अंबानी जैसे बड़े उद्योगपतियों के पास जा रहा है और उनका कर्ज माफ कर दिया जाता है। वहीं, किसान का बेटा कर्ज नहीं चुका पाता तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए, जहां बड़े उद्योगपतियों को राहत मिले और आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़े। किसानों को उनकी मेहनत का पूरा फल और युवाओं को रोजगार मिलना चाहिए।
‘हमें नफरत नहीं, मोहब्बत वाला हिंदुस्तान चाहिए’
राहुल गांधी ने अपने भाषण में मोहब्बत और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह या ज्ञानेश कुमार से नफरत नहीं करते। उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों के लिए है।
उन्होंने शिव की बारात का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ऐसा देश होना चाहिए, जहां हर व्यक्ति को अपनी जगह मिले और किसी को रोका न जाए। राहुल ने कहा कि धर्म से भी बड़ा उनके लिए देश के नागरिकों की आवाज है। उन्होंने साफ किया कि राजनीतिक विरोध का मतलब किसी के प्रति हिंसा या नफरत नहीं है।
खरगे ने भी केंद्र सरकार को घेरा, ED-CBI के इस्तेमाल पर उठाए सवाल
महारैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोगों को बांटने और उनके मतदान के अधिकार छीनने की कोशिश की जा रही है।
खरगे ने कहा कि सरकार CBI और ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने के लिए कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि केवल पुलिस और जांच एजेंसियों के सहारे विपक्ष को दबाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि विपक्ष नेताओं से राजनीतिक लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन सरकार जनता को बांटने और उनके वोट देने के अधिकार को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। INDIA गठबंधन की इस रैली में चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी प्रमुख मुद्दे रहे।
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