By Malay Ojha | Published: 01 November 2026 at 06:24 PM
बिहार में दो नवनिर्वाचित विधान पार्षदों के भाजपा में शामिल होने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने वंशीधर ब्रजवासी और डॉ. राहुल राज की विधान परिषद सदस्यता समाप्त करने की मांग उठाई है। राज्यसभा सांसद और राजद के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता प्रो. मनोज कुमार झा ने दोनों के खिलाफ दलबदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग करते हुए विधान परिषद के कार्यकारी सभापति डॉ. रामवचन राय को इस मामले में फैसला लेने की चुनौती दी है।
भाजपा में शामिल होने का वीडियो और तस्वीरें दिखाईं
राजद के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मनोज झा ने दोनों विधान पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से जुड़े वीडियो और तस्वीरें दिखाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों सदस्य निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने के बाद भाजपा में शामिल हुए हैं। यह संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दलबदल विरोधी कानून का उल्लंघन है। ऐसे में उनकी सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए।
कार्यकारी सभापति से कहा- आप पंच परमेश्वर हैं
मनोज झा ने कहा कि राजद इस मामले को लेकर विधान परिषद के कार्यकारी सभापति के पास जाएगी और दोनों सदस्यों को अयोग्य घोषित करने की मांग करेगी। उन्होंने कार्यकारी सभापति से निष्पक्ष और तत्काल फैसला लेने का आग्रह किया। मनोज झा ने कहा कि सभापति पंच परमेश्वर की भूमिका में हैं और उनसे संवैधानिक मर्यादा के अनुसार न्याय की उम्मीद की जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में फैसला नहीं हुआ तो बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।
दसवीं अनुसूची का हवाला देकर सदस्यता रद्द करने की मांग
राजद सांसद ने भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा 2(2) का हवाला देते हुए कहा कि यदि कोई उम्मीदवार निर्दलीय के रूप में चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण करता है तो वह सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य हो जाता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में संवैधानिक प्रावधान स्पष्ट हैं और दोनों विधान पार्षदों के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई होनी चाहिए।
मनोज झा बोले- यह वोट चोरी नहीं, जनादेश की डकैती है
भाजपा पर हमला बोलते हुए मनोज झा ने इस पूरे घटनाक्रम को जनादेश की डकैती करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले चुनाव में वोट चोरी की चर्चा होती थी, लेकिन अब बिहार में जनादेश की चोरी हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी निशाने पर लिया। मनोज झा ने कहा कि इस मामले में सभी की परीक्षा है। यदि ऐसी गतिविधियों को संरक्षण दिया जाता है तो राजद पूरे मामले को जनता के सामने उठाएगी।
भाजपा पर जदयू को कमजोर करने का भी आरोप
मनोज झा ने इस घटनाक्रम को भाजपा और जदयू के बीच राजनीतिक शक्ति संतुलन से भी जोड़कर देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बिहार में अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने के साथ-साथ जदयू को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है, वहां जदयू के प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा है।
चुनाव आयोग से अदालत तक जाने की तैयारी
राजद के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता ने साफ किया कि पार्टी इस मामले को केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखेगी। राजद चुनाव आयोग के सामने भी अपना पक्ष रखेगी और विधान परिषद के कार्यकारी सभापति से दोनों सदस्यों की अयोग्यता पर फैसला लेने की मांग करेगी। मनोज झा ने कहा कि उन्हें चुनाव आयोग से बहुत अधिक उम्मीद नहीं है, लेकिन पार्टी सभी संवैधानिक मंचों पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर मामला अदालत में भी ले जाया जाएगा। साथ ही जनता के बीच भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा।
तेजस्वी यादव ने भी एक्स पर उठाई सदस्यता रद्द करने की मांग
इस मामले में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने वंशीधर ब्रजवासी और डॉ. राहुल राज को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने के बाद भाजपा में शामिल होने के आधार पर अयोग्य घोषित करने की मांग की है।
तेजस्वी यादव ने अपनी पोस्ट में संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा 2(2) का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों विधान पार्षदों के खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता की कार्रवाई बिना अनावश्यक देरी के तत्काल पूरी की जानी चाहिए। इस मामले में अब सबकी नजर विधान परिषद के कार्यकारी सभापति के फैसले पर टिकी है।
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