By Malay Ojha | Published: 03 November 2026 at 10:49 PM
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने साफ कर दिया कि वह अगला विधानसभा चुनाव खुद नहीं लड़ेंगे। इतना ही नहीं, अखिलेश ने दावा किया कि इस बार भी लोकसभा सांसद रहते हुए सीधे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। मंगलवार को वाराणसी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने यह बात कही।
‘हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं, जब चुनाव नहीं लड़ते’
वाराणसी की किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की संभावना पर सवाल पूछा गया तो अखिलेश यादव ने अपने पुराने राजनीतिक अनुभव का हवाला दिया। उन्होंने कहा, ”हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं, जब चुनाव नहीं लड़ते हैं। इसलिए वही करेंगे जो हमारे लिए शुभ होगा। पिछली बार कहां से मुख्यमंत्री बने थे, लोकसभा से ही न! इस बार भी सीधे लोकसभा से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।” उनके इस बयान से साफ संकेत मिला कि 2027 के चुनाव में वह खुद प्रत्याशी बनने के बजाय पार्टी की कमान संभालेंगे।
2012 में सांसद रहते बने थे मुख्यमंत्री
अखिलेश यादव ने अपने इस फैसले के पीछे वर्ष 2012 का उदाहरण भी दिया। उस समय समाजवादी पार्टी को विधानसभा चुनाव में बहुमत मिला था और अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री पद संभाला था। मुख्यमंत्री बनने के समय वह कन्नौज से लोकसभा सांसद थे। बाद में उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता ली थी। अब उन्होंने इसी पुराने राजनीतिक घटनाक्रम को दोहराने के संकेत दिए हैं।
MLC चुनाव के नतीजों को बताया बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद
वाराणसी में अखिलेश यादव ने योगी सरकार और प्रशासन पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विधान परिषद चुनाव के दौरान प्रशासन समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों को हराने की कोशिश कर रहा था, लेकिन नतीजे इसके उलट आए। अखिलेश ने इसे बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद बताते हुए कहा कि पार्टी को दोहरा आशीर्वाद मिला है।
दालमंडी के व्यापारियों का मुद्दा चुनाव में उठाएगी सपा
काशी के दालमंडी इलाके में सड़क चौड़ीकरण और विकास कार्यों के कारण प्रभावित हुए व्यापारियों और दुकानदारों का मुद्दा भी अखिलेश यादव ने उठाया। उन्होंने कहा कि वहां जिन लोगों को अपनी दुकानें और कारोबार छोड़ना पड़ा है, उनकी परेशानी 2027 के विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बनेगी। सपा प्रमुख ने बीजेपी पर मणिकर्णिका घाट की ऐतिहासिक विरासत को मिटाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।
बीजेपी के 200 विधायकों के टिकट कटने का दावा
अखिलेश यादव ने दावा किया कि बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव में अपने करीब 200 मौजूदा विधायकों के टिकट काटने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि मां गंगा ने जिन्हें बुलाया था, अब वही उन्हें भूल गए हैं। उन्होंने बीजेपी को प्रदेश में अराजकता की असली वजह भी बताया।
‘बीजेपी के जाने के बाद मुस्कुराएगा बनारस’
वाराणसी के विकास को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के सत्ता से जाने के बाद बनारस मुस्कुराएगा। उन्होंने वादा किया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर वाराणसी में मेट्रो का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बांदा में कुत्ते के हमले में नवजात बच्चे की मौत की घटना का जिक्र करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए।
धीरेंद्र शास्त्री के बयानों पर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि खुद को सनातन धर्म का अनुयायी बताने वाले कुछ लोगों के बयानों से आम लोग परेशान हैं। ऐसे लोगों पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने बरेली आए केंद्रीय मंत्री का जिक्र करते हुए यह सवाल भी उठाया कि वे शाहजहांपुर क्यों नहीं गए।
वाराणसी दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने एक तरफ 2027 के चुनाव में खुद मैदान में नहीं उतरने का संकेत दिया, तो दूसरी तरफ काशी के विकास, व्यापारियों के मुद्दे और बीजेपी सरकार को घेरकर चुनावी एजेंडे की झलक भी पेश की।
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