By Malay Ojha | Published: 05 November 2026 at 06:29 PM
मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन के लिए काशी में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए वाराणसी पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा का खाका तैयार कर लिया है। 6 से 10 नवंबर तक चलने वाले दर्शन के दौरान मंदिर परिसर से लेकर आसपास की गलियों तक पुलिस की कड़ी निगरानी रहेगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों की मदद ली जाएगी। वहीं, महिला पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी।
5 दिन तक सुबह 5 से रात 11:15 बजे तक दर्शन
मां अन्नपूर्णा मंदिर के कपाट 6 नवंबर से 10 नवंबर 2026 तक पांच दिनों के लिए खोले जाएंगे। इस दौरान श्रद्धालु प्रतिदिन सुबह 5 बजे से रात 11:15 बजे तक मां के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन कर सकेंगे। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में भक्तों के काशी पहुंचने की संभावना है।
पुलिस आयुक्त और डीएम ने खुद संभाली तैयारी
इसी को देखते हुए 5 नवंबर को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मां अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचकर सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने मंदिर परिसर के साथ आसपास की गलियों, बैरिकेडिंग, पार्किंग और श्रद्धालुओं के आने-जाने के रास्तों का निरीक्षण किया। इस दौरान मंदिर के महंत शंकरपुरी महाराज से भी बातचीत कर व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव लिए गए।
ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी, संदिग्धों पर रहेगी नजर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंदिर और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। भीड़ के दबाव और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। प्रवेश और निकास मार्गों पर पुलिस की विशेष तैनाती रहेगी। एकल मार्ग व्यवस्था का पालन कराया जाएगा, ताकि भीड़ एक जगह जमा न हो और किसी तरह की अव्यवस्था पैदा न हो।
महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में भी पुलिस
महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा सादे कपड़ों में भी महिला पुलिसकर्मी सक्रिय रहेंगी। इंटेलिजेंस यूनिट संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर नजर रखेगी। जेबकतरों और श्रद्धालुओं को परेशान करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
दुकानदारों को भी दी गई जिम्मेदारी
मंदिर के आसपास की गलियों में भीड़ और आवागमन प्रभावित न हो, इसके लिए व्यापारियों और दुकानदारों से बातचीत की गई। उन्हें दुकानों का सामान सड़क तक नहीं फैलाने और अतिक्रमण से बचने को कहा गया। अधिकारियों ने दुकानदारों से सीसीटीवी कैमरे लगाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देने की अपील भी की।
बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मिलेगी मदद
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें श्रद्धालुओं को ‘सर’ और ‘मैडम’ कहकर संबोधित करने को कहा गया है। बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और बच्चों को जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दर्शन के पांचों दिन सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल, डीसीपी यातायात अनिल कुमार सहित संबंधित एसीपी, थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
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