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भूपेंद्र यादव का विपक्ष पर बड़ा हमला, SIR के विरोध को बताया लोकतंत्र के नाम पर भ्रम फैलाने की कोशिश

By Malay Ojha | Published: 05 November 2026 at 05:52 PM

पटना में गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि SIR एक सामान्य संवैधानिक प्रक्रिया है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। यादव ने दावा किया कि बिहार में करीब 7.89 करोड़ मतदाताओं के सत्यापन के दौरान राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) को भी प्रक्रिया में शामिल किया गया, लेकिन 1.60 लाख BLA की ओर से केवल दो आपत्तियां दर्ज कराई गईं।

SIR पर विपक्ष के आरोपों को बताया राजनीतिक एजेंडा
भूपेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान इसी भ्रम को दूर करने और लोगों को वास्तविक स्थिति से अवगत कराने के लिए शुरू किया गया है। विपक्ष के पास यदि मतदाता सूची को लेकर कोई ठोस शिकायत है तो उसे निर्वाचन आयोग के सामने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत रखना चाहिए। केवल राजनीतिक बयान देने से लोकतंत्र मजबूत नहीं होता।

89 लाख नाम कटने के दावे पर उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के उस दावे पर भी सवाल उठाए, जिसमें 89 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने आपत्तियां दर्ज कराने के लिए फॉर्म-7 की प्रक्रिया उपलब्ध कराई थी, लेकिन कांग्रेस की ओर से इस संबंध में अपेक्षित आपत्तियां नहीं दी गईं। यादव के मुताबिक, विपक्ष को अपने आरोपों के समर्थन में तथ्यों और दस्तावेजों के साथ सामने आना चाहिए था।

1950 से आठ बार हो चुका है गहन पुनरीक्षण
SIR की संवैधानिक वैधता का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अधिकार प्राप्त है। इसका मकसद मृत, स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के नामों को दुरुस्त करना है। साथ ही पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना भी इसकी प्रमुख जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि 1950 से 2024 के बीच आठ बार गहन पुनरीक्षण किया जा चुका है।

जेपी आंदोलन की धरती से कांग्रेस को घेरा
भाजपा नेता ने बिहार के लोकतांत्रिक इतिहास का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार लोकतांत्रिक संघर्षों की महत्वपूर्ण धरती रहा है। जब कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की थी, तब जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में बिहार से ही लोकतंत्र की रक्षा का आंदोलन खड़ा हुआ था। यादव ने कहा कि बिहार में काम करते हुए उन्होंने यहां की लोकतांत्रिक परंपराओं और जनभागीदारी को करीब से समझा है।

चुनाव हारते ही EVM और SIR पर सवाल क्यों?
भूपेंद्र यादव ने विपक्ष के चुनावी रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष चुनाव जीतता है तो उसे लोकतंत्र की जीत बताता है, लेकिन हारने पर चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम पर सवाल उठाने लगता है। उन्होंने केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां जीत को लोकतंत्र की जीत बताया जाता है, जबकि बिहार और दूसरे राज्यों में हार मिलने पर एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया को निशाना बनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत और हार जनता के विश्वास से तय होती है। विपक्ष का जनता से जुड़ाव कमजोर हुआ है, इसलिए वह चुनाव परिणामों के बाद अलग-अलग बहाने तलाशता है।

कांग्रेस, राजद और सपा के थिंक टैंक पर भी आरोप
यादव ने कांग्रेस, राजद और समाजवादी पार्टी के राजनीतिक फैसलों में चरमपंथी विचारधारा वाले लोगों के प्रभाव बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल लोकतंत्र के नाम पर भ्रम फैलाकर अपना राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाना चाहते हैं। इससे लोकतांत्रिक संवाद और जनता का भरोसा कमजोर होता है।

घुसपैठियों के नाम हटाने पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री?
अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में यादव ने कहा कि यह गंभीर विषय है। संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार मतदाता बनने के लिए भारतीय नागरिकता और 18 वर्ष की आयु जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र भारतीय नागरिक को मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा, जबकि अपात्र नामों को मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। उन्होंने निर्वाचन आयोग को स्वतंत्र संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि राजनीतिक आरोपों का जवाब देना राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।

राहुल गांधी को संसद में चर्चा की चुनौती
दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर पूछे गए सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार इस स्थिति को लेकर गंभीर है। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए निर्माण कार्यों पर रोक, वर्क फ्रॉम होम और एनसीआर के लिए एकीकृत कार्ययोजना जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने राहुल गांधी से संसद में आकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने की अपील की। यादव ने कहा कि लोकतंत्र में सार्थक संवाद जरूरी है। भाजपा लोकतंत्र को भ्रम, झूठ और अराजकता की बलि नहीं चढ़ने देगी।

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भूपेंद्र यादव का विपक्ष पर बड़ा हमला, SIR के विरोध को बताया लोकतंत्र के नाम पर भ्रम फैलाने की कोशिश

By Malay Ojha | Published: 05 November 2026 at 05:52 PM

पटना में गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि SIR एक सामान्य संवैधानिक प्रक्रिया है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। यादव ने दावा किया कि बिहार में करीब 7.89 करोड़ मतदाताओं के सत्यापन के दौरान राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) को भी प्रक्रिया में शामिल किया गया, लेकिन 1.60 लाख BLA की ओर से केवल दो आपत्तियां दर्ज कराई गईं।

SIR पर विपक्ष के आरोपों को बताया राजनीतिक एजेंडा
भूपेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान इसी भ्रम को दूर करने और लोगों को वास्तविक स्थिति से अवगत कराने के लिए शुरू किया गया है। विपक्ष के पास यदि मतदाता सूची को लेकर कोई ठोस शिकायत है तो उसे निर्वाचन आयोग के सामने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत रखना चाहिए। केवल राजनीतिक बयान देने से लोकतंत्र मजबूत नहीं होता।

89 लाख नाम कटने के दावे पर उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के उस दावे पर भी सवाल उठाए, जिसमें 89 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने आपत्तियां दर्ज कराने के लिए फॉर्म-7 की प्रक्रिया उपलब्ध कराई थी, लेकिन कांग्रेस की ओर से इस संबंध में अपेक्षित आपत्तियां नहीं दी गईं। यादव के मुताबिक, विपक्ष को अपने आरोपों के समर्थन में तथ्यों और दस्तावेजों के साथ सामने आना चाहिए था।

1950 से आठ बार हो चुका है गहन पुनरीक्षण
SIR की संवैधानिक वैधता का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अधिकार प्राप्त है। इसका मकसद मृत, स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के नामों को दुरुस्त करना है। साथ ही पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना भी इसकी प्रमुख जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि 1950 से 2024 के बीच आठ बार गहन पुनरीक्षण किया जा चुका है।

जेपी आंदोलन की धरती से कांग्रेस को घेरा
भाजपा नेता ने बिहार के लोकतांत्रिक इतिहास का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार लोकतांत्रिक संघर्षों की महत्वपूर्ण धरती रहा है। जब कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की थी, तब जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में बिहार से ही लोकतंत्र की रक्षा का आंदोलन खड़ा हुआ था। यादव ने कहा कि बिहार में काम करते हुए उन्होंने यहां की लोकतांत्रिक परंपराओं और जनभागीदारी को करीब से समझा है।

चुनाव हारते ही EVM और SIR पर सवाल क्यों?
भूपेंद्र यादव ने विपक्ष के चुनावी रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष चुनाव जीतता है तो उसे लोकतंत्र की जीत बताता है, लेकिन हारने पर चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम पर सवाल उठाने लगता है। उन्होंने केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां जीत को लोकतंत्र की जीत बताया जाता है, जबकि बिहार और दूसरे राज्यों में हार मिलने पर एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया को निशाना बनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत और हार जनता के विश्वास से तय होती है। विपक्ष का जनता से जुड़ाव कमजोर हुआ है, इसलिए वह चुनाव परिणामों के बाद अलग-अलग बहाने तलाशता है।

कांग्रेस, राजद और सपा के थिंक टैंक पर भी आरोप
यादव ने कांग्रेस, राजद और समाजवादी पार्टी के राजनीतिक फैसलों में चरमपंथी विचारधारा वाले लोगों के प्रभाव बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल लोकतंत्र के नाम पर भ्रम फैलाकर अपना राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाना चाहते हैं। इससे लोकतांत्रिक संवाद और जनता का भरोसा कमजोर होता है।

घुसपैठियों के नाम हटाने पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री?
अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में यादव ने कहा कि यह गंभीर विषय है। संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार मतदाता बनने के लिए भारतीय नागरिकता और 18 वर्ष की आयु जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र भारतीय नागरिक को मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा, जबकि अपात्र नामों को मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। उन्होंने निर्वाचन आयोग को स्वतंत्र संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि राजनीतिक आरोपों का जवाब देना राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।

राहुल गांधी को संसद में चर्चा की चुनौती
दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर पूछे गए सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार इस स्थिति को लेकर गंभीर है। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए निर्माण कार्यों पर रोक, वर्क फ्रॉम होम और एनसीआर के लिए एकीकृत कार्ययोजना जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने राहुल गांधी से संसद में आकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने की अपील की। यादव ने कहा कि लोकतंत्र में सार्थक संवाद जरूरी है। भाजपा लोकतंत्र को भ्रम, झूठ और अराजकता की बलि नहीं चढ़ने देगी।

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