By Malay Ojha | Published: 03 June 2026 at 05:30 PM
गर्मी बढ़ने के साथ राज्य में बिजली की मांग लगातार नए स्तर पर पहुंच रही है। ऐसे समय में उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी चिंता निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर होती है। इसी बीच बिजली आपूर्ति में आने वाली बाधाओं और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की घटनाओं को लेकर ऊर्जा विभाग ने गंभीरता दिखाई है। बुधवार को ऊर्जा विभाग के सचिव तथा बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने इस विषय पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और फील्ड अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
बैठक के दौरान राज्यभर में बिजली आपूर्ति की मौजूदा स्थिति का आकलन किया गया। अधिकारियों से विभिन्न जिलों में बिजली आपूर्ति, ट्रिपिंग की घटनाओं और उपभोक्ताओं से मिल रही शिकायतों की जानकारी ली गई।
ऊर्जा सचिव ने स्पष्ट कहा कि बिजली व्यवस्था से जुड़े सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार किए जाने चाहिए ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
ट्रिपिंग की समस्या पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश
बैठक में बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की घटनाओं पर विशेष चर्चा हुई। ऊर्जा विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी बिजली आपूर्ति बाधित होती है, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में बिजली जाने की स्थिति में मरम्मत और बहाली का कार्य बिना देरी के पूरा किया जाना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उपभोक्ताओं की शिकायतों पर रहेगी खास नजर
ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फील्ड स्तर पर मिलने वाली शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का त्वरित समाधान विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
इसके लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा शिकायतों के निष्पादन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए। विभाग का मानना है कि समय पर शिकायतों का समाधान होने से उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा।
बिजली ढांचे के रखरखाव पर दिया गया जोर
बैठक में वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर भी चर्चा की गई। ऊर्जा सचिव ने कहा कि वितरण ट्रांसफॉर्मर, बिजली के खंभों, तारों और अन्य विद्युत संरचनाओं का नियमित निरीक्षण किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि रखरखाव का काम तय समय सीमा के भीतर पूरा हो ताकि भविष्य में तकनीकी खराबियों की संभावना कम हो सके।
गर्मी में बढ़ती मांग को देखते हुए विशेष तैयारी
राज्य में लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण बिजली की खपत में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। पंखे, कूलर और अन्य उपकरणों के अधिक उपयोग से बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच रही है।
ऐसी स्थिति में ऊर्जा विभाग ने सभी अधिकारियों को आवश्यक संसाधनों और तकनीकी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। विभाग चाहता है कि बढ़ती मांग के बावजूद उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलती रहे।
मानवबल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश
ऊर्जा सचिव ने कहा कि केवल उपकरण और संसाधन पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि फील्ड स्तर पर पर्याप्त मानवबल की उपलब्धता भी जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में तकनीकी कर्मचारियों और मरम्मत दलों को तैयार रखा जाए। इससे खराबी आने पर उसे जल्द से जल्द ठीक किया जा सकेगा।
आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी पर जोर
बैठक के दौरान यह भी कहा गया कि गर्मी के मौसम में अचानक बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसलिए विभाग को हर तरह की आपात स्थिति के लिए पहले से तैयार रहना होगा।
ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जाए ताकि किसी बड़ी समस्या को समय रहते रोका जा सके।
वरीय अधिकारियों ने भी लिया बैठक में हिस्सा
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में बिजली आपूर्ति को और बेहतर बनाने, ट्रिपिंग की घटनाओं को कम करने तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई।
उपभोक्ताओं को मिल सकती है राहत
ऊर्जा विभाग के ताजा निर्देशों को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। यदि अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभावी तरीके से पालन किया गया तो ट्रिपिंग और बिजली कटौती जैसी समस्याओं में कमी आ सकती है।
विभाग का लक्ष्य है कि भीषण गर्मी के दौरान भी लोगों को बेहतर और निर्बाध बिजली सेवा उपलब्ध कराई जाए।

