By Malay Ojha | Published: 27 June 2026 at 08:47 AM
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार सुबह एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश संजय उर्फ संजीव को मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस के मुताबिक, संजय चर्चित बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर था और पिछले एक महीने से फरार चल रहा था। उसके मारे जाने के बाद पुलिस इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में बड़ी सफलता का दावा कर रही है।
एसटीएफ को शनिवार सुबह सूचना मिली थी कि संजय उर्फ संजीव लखनऊ के इंदिरा कैनाल रोड इलाके में मौजूद है। इसके बाद टीम ने इलाके की घेराबंदी कर उसे पकड़ने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि खुद को घिरा देख बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में एसटीएफ ने भी गोली चलाई। मुठभेड़ में संजय गंभीर रूप से घायल हो गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
गोली लगने के बाद पुलिस उसे इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एनकाउंटर की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंच गए।
संदीप सिंह हत्याकांड का था मुख्य आरोपी
जांच एजेंसियों के मुताबिक, संजय उर्फ संजीव बीते 27 मई को हुई बिल्डर संदीप सिंह की हत्या का मुख्य शूटर था। लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी और पुलिस पर आरोपियों को जल्द पकड़ने का भारी दबाव था।
पांच लाख की सुपारी देकर कराई गई थी हत्या
जांच में यह बात सामने आई थी कि संदीप सिंह की हत्या पुरानी रंजिश और जमीन विवाद के चलते कराई गई थी। पुलिस के अनुसार, हत्या को अंजाम देने के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। इसी मामले में कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
मास्टरमाइंड पहले ही जा चुका है जेल
इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड दिनेश यादव को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हालांकि मुख्य शूटर संजय पुलिस की पकड़ से दूर था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर लखनऊ पुलिस आयुक्त की ओर से एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
कई जिलों में दर्ज थे संगीन मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, संजय उर्फ संजीव अंबेडकरनगर जिले के कोदार गांव का रहने वाला था। उसके खिलाफ अंबेडकरनगर, बस्ती और अयोध्या समेत कई जिलों में हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों के मुकदमे दर्ज थे। वह लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
बड़े गैंग के अपराधियों से भी जुड़े थे तार
पुलिस का कहना है कि संजय का संबंध अंबेडकरनगर के कुख्यात अपराधी दिलीप वर्मा और खान मुबारक गैंग के सदस्यों से भी रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वह कई बड़ी आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा और संगठित अपराध की दुनिया में उसकी मजबूत पकड़ थी।
एनकाउंटर के बाद पुलिस ने ली राहत की सांस
संजय के मारे जाने के बाद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदीप सिंह हत्याकांड की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। हालांकि पुलिस अब भी इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। एनकाउंटर के बाद लखनऊ पुलिस और एसटीएफ ने इसे बड़ी कामयाबी बताया है।
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