By Malay Ojha | Published: 24 June 2026 at 11:01 PM
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की वैश्विक छवि को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। प्यू रिसर्च सेंटर की ताजा रिपोर्ट बताती है कि दुनिया के ज्यादातर देशों में ट्रंप पर भरोसा कमजोर पड़ा है। सर्वे के मुताबिक 36 देशों में केवल 23 प्रतिशत लोगों ने ट्रंप के फैसलों पर भरोसा जताया, जबकि 76 प्रतिशत लोगों ने साफ तौर पर अविश्वास जाहिर किया।
ताजा वैश्विक सर्वे में यह साफ दिखा कि ट्रंप की विदेश नीति और नेतृत्व शैली को लेकर दुनिया के कई बड़े देशों में नाराजगी बढ़ी है। पाकिस्तान, फ्रांस, जर्मनी और स्वीडन जैसे देशों में भारी संख्या में लोगों ने कहा कि उन्हें ट्रंप के वैश्विक फैसलों पर भरोसा नहीं है। यह आंकड़े अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए भी चिंता बढ़ाने वाले माने जा रहे हैं।
यूरोप में सबसे ज्यादा गिरा भरोसा
सर्वे में यूरोपीय देशों का रुख सबसे ज्यादा सख्त नजर आया। फ्रांस और जर्मनी में 84 प्रतिशत लोगों ने ट्रंप के नेतृत्व को लेकर नकारात्मक राय दी, जबकि स्वीडन में यह आंकड़ा 89 प्रतिशत तक पहुंच गया। नीदरलैंड और तुर्की जैसे देशों में भी ट्रंप की लोकप्रियता बेहद कमजोर दर्ज की गई।
कुछ देशों में अब भी मिला समर्थन
हालांकि तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं रही। फिलीपींस, इजरायल, नाइजीरिया, केन्या और घाना जैसे देशों में ट्रंप को अपेक्षाकृत बेहतर समर्थन मिला। इन देशों में लोगों ने अमेरिका की भूमिका और ट्रंप की नीतियों को कुछ हद तक सकारात्मक माना।
भारत में मिली-जुली राय सामने आई
भारत में ट्रंप को लेकर राय बंटी हुई दिखी। सर्वे के मुताबिक 39 प्रतिशत लोगों ने ट्रंप पर भरोसा जताया, जबकि 36 प्रतिशत लोगों ने साफ कहा कि उन्हें ट्रंप के फैसलों पर भरोसा नहीं है। यह बताता है कि भारत में अमेरिका की नीतियों को लेकर लोगों की सोच पूरी तरह एक जैसी नहीं है।
अमेरिका की वैश्विक छवि पर भी असर
सर्वे में सिर्फ ट्रंप ही नहीं, बल्कि अमेरिका की छवि को लेकर भी बड़ा बदलाव दिखा। 36 देशों में केवल 37 प्रतिशत लोगों ने अमेरिका को सकारात्मक नजरिए से देखा, जबकि 57 प्रतिशत लोगों की राय नकारात्मक रही। कई देशों में अमेरिका की लोकप्रियता पिछले दो दशकों के सबसे निचले स्तर के करीब पहुंच गई है।
भरोसेमंद साझेदार की छवि भी कमजोर
कुछ साल पहले तक अमेरिका को दुनिया का मजबूत और भरोसेमंद साथी माना जाता था, लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं। कनाडा में जहां 2022 में 83 प्रतिशत लोग अमेरिका को भरोसेमंद मानते थे, अब यह संख्या घटकर 35 प्रतिशत रह गई है। यही ट्रेंड स्वीडन, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों में भी देखने को मिला।
युद्ध और टैरिफ नीति पर सबसे ज्यादा नाराजगी
सर्वे में ट्रंप की कई अहम नीतियों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। ईरान नीति को 74 प्रतिशत लोगों ने खारिज किया। गाजा संघर्ष पर 76 प्रतिशत और रूस-यूक्रेन युद्ध पर 72 प्रतिशत लोगों ने असहमति जताई। सबसे ज्यादा नाराजगी टैरिफ नीति को लेकर दिखी, जहां 77 प्रतिशत लोगों ने विरोध दर्ज कराया।
लोकतंत्र और आजादी की छवि को भी झटका
अमेरिका लंबे समय से लोकतंत्र और व्यक्तिगत आजादी का समर्थक माना जाता रहा है, लेकिन इस बार सर्वे में यह छवि भी कमजोर होती दिखी। केवल 39 प्रतिशत लोगों ने माना कि अमेरिकी सरकार अपने नागरिकों की आजादी का सम्मान करती है, जबकि 56 प्रतिशत लोगों ने इससे उलट राय दी।
क्या बदल रही है दुनिया की सोच?
यह रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में अमेरिका और ट्रंप को लेकर धारणा तेजी से बदल रही है। खासकर यूरोप और पश्चिमी देशों में भरोसे में आई गिरावट आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और अमेरिका के रिश्तों पर असर डाल सकती है।
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